Trump Adviser Warns of Possible Israel Nuclear Escalation in Iran Conflict

David Sacks, President Donald Trump’s czar for artificial intelligence and cryptocurrency, warned of Israel contemplating using a nuclear…
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BREAKING: military experts express grave concern as a photo is leaked of President Trump appearing to "stock" his private bunker located underneath the White House, with vital supplies.

The fact that #Putin's alleged #PoopSuitcase attracts more press coverage than #Cheget/#Football– the Russian/American Doomsday briefcases, from which #Putin/#Trump can launch a #NuclearAttack,even a final one– is a measure of the world of propaganda in which we live

न्यूक्लियर साइट्स हमला: ट्रंप ने ईरान को दी सख्त चेतावनी, तीन परमाणु ठिकाने तबाह

Iran News: अमेरिका ने न्यूक्लियर साइट्स हमला कर ईरान की फॉर्डो, नतांज और इशफहान परमाणु साइट्स को निशाना बनाया। राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे ऐतिहासिक सैन्य सफलता बताया। B-2 स्टील्थ बॉम्बर्स और टॉमहॉक मिसाइलों से हमला हुआ। ट्रंप ने ईरान को चेताया कि शांति न चुनी तो और हमले होंगे। ईरान ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया। इजरायल ने इस कार्रवाई की सराहना की।

ट्रंप की चेतावनी और शांति की अपील

राष्ट्र के नाम संबोधन में ट्रंप ने कहा कि न्यूक्लियर साइट्स हमला ईरान के परमाणु खतरे को खत्म करने के लिए था। उन्होंने ईरान को आतंकवाद का प्रायोजक बताया और शांति की राह चुनने को कहा। ट्रंप ने अमेरिकी सेना की तारीफ की, जो दुनिया में बेजोड़ है। अगर ईरान जवाबी कार्रवाई करता है, तो और बड़े हमले होंगे। यह कदम क्षेत्रीय तनाव को बढ़ा सकता है।

बंकर बस्टर बम की ताकत

न्यूक्लियर साइट्स हमला में GBU-57 बंकर बस्टर बम का इस्तेमाल हुआ। यह 30,000 पाउंड का बम 200 फीट गहराई तक घुस सकता है। B-2 स्टील्थ बॉम्बर्स ने इसे गिराया, जो रडार से बच सकते हैं। यह पहली बार है जब इस बम का युद्ध में उपयोग हुआ। फॉर्डो जैसे गहरे ठिकानों को नष्ट करने के लिए यह बम जरूरी था।

इजरायल का समर्थन और सहयोग

इजरायल के पीएम नेतन्याहू ने न्यूक्लियर साइट्स हमला को साहसिक और ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजरायल ने मिलकर यह ऑपरेशन किया। इजरायल के विमान भारी बंकर बस्टर बम नहीं ले जा सकते, इसलिए अमेरिका की मदद जरूरी थी। नेतन्याहू ने इसे क्षेत्रीय शांति के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया। इजरायल ने हमले से पहले व्हाइटमैन एयर फोर्स बेस से समन्वय किया।

ईरान की प्रतिक्रिया और वैश्विक चिंता

ईरान ने न्यूक्लियर साइट्स हमला को गैरकानूनी बताया और जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी। ईरान की परमाणु एजेंसी ने कहा कि नुकसान सीमित है और उनका कार्यक्रम जारी रहेगा। संयुक्त राष्ट्र ने इसे खतरनाक कदम बताया। ईरान के विदेश मंत्री ने इसे यूएन चार्टर का उल्लंघन कहा। क्षेत्र में तनाव बढ़ने की आशंका है।

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न्यूक्लियर साइट्स हमला: अमेरिका ने ईरान की फॉर्डो, नतांज, इशफहान साइट्स पर बमबारी की, जानें कितना खतरनाक था हमला

Iran News: अमेरिका ने न्यूक्लियर साइट्स हमला कर ईरान की तीन प्रमुख परमाणु साइट्स—फॉर्डो, नतांज और इशफहान—पर हमला किया। B-2 स्टील्थ बॉम्बर्स ने 30,000 पाउंड के GBU-57 बंकर बस्टर बम गिराए। ये बम गहरे बंकरों को नष्ट करने में सक्षम हैं। ईरान की परमाणु क्षमता को कमजोर करने का यह प्रयास है। ईरान ने हमले को गैरकानूनी बताया।

बंकर बस्टर बम की विशेषताएं

न्यूक्लियर साइट्स हमला में इस्तेमाल GBU-57 बम 13,600 किलोग्राम वजनी है। जीपीएस-गाइडेड यह बम 200 फीट गहराई तक घुसकर विस्फोट करता है। मजबूत स्टील अलॉय से बना यह बम गहरे ठिकानों को तबाह करता है। केवल B-2 बॉम्बर इसे ले जा सकते हैं। सैन्य विशेषज्ञों का कहना है कि यह बम पहले युद्ध में इस्तेमाल नहीं हुआ था।

B-2 स्टील्थ बॉम्बर्स की क्षमता

B-2 स्पिरिट स्टील्थ बॉम्बर्स ने न्यूक्लियर साइट्स हमला को अंजाम दिया। ये विमान रडार से बचकर लंबी दूरी तय करते हैं। अमेरिकी वायु सेना के पास 19 B-2 बॉम्बर हैं। ये हवा में ईंधन भरकर मिसौरी के व्हाइटमैन एयर फोर्स बेस से लक्ष्य तक पहुंचे। 2017 में लीबिया में इन्होंने 34 घंटे की उड़ान भरी थी।

इजरायल की मांग और सहयोग

इजरायल ने पहले नतांज पर हमला किया, लेकिन उसके विमान भारी बंकर बस्टर बम नहीं ले जा सकते। इजरायली पीएम नेतन्याहू ने अमेरिका से न्यूक्लियर साइट्स हमला में शामिल होने की मांग की थी। फॉर्डो की गहरी संरचना को नष्ट करने के लिए GBU-57 जरूरी थे। अमेरिका ने इजरायल के साथ मिलकर यह ऑपरेशन किया।

ईरान की प्रतिक्रिया और आकलन

ईरान की परमाणु ऊर्जा संगठन ने न्यूक्लियर साइट्स हमला की पुष्टि की, लेकिन नुकसान को सीमित बताया। तेहरान ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन कहा। ईरान ने जवाबी हमले की चेतावनी दी है। अमेरिकी और इजरायली अधिकारी नुकसान का आकलन कर रहे हैं। परमाणु संदूषण की कोई जानकारी नहीं मिली है।

#bunkerBuster #NuclearAttack

#TedPostol is one of the few who had access to the #BlackBook which US presidents use to order a #NuclearAttack

I asked him: did you ever feel a heavy heart for this and did you ever feel the duty to blow the whistle as #DanielEllsberg?

[Italian]
https://www.ilfattoquotidiano.it/in-edicola/articoli/2025/06/20/il-fisico-postol-teheran-non-vorrebbe-latomica-eppure-teme-di-non-aver-altra-scelta/8033271/

Il fisico Postol: “Teheran non vorrebbe l’atomica, eppure teme di non aver altra scelta”

"Per i russi, meno potenze ce l’hanno e meglio è"

Il Fatto Quotidiano

इजरायल-ईरान युद्ध: अराक भारी जल रिएक्टर पर इजरायल का हमला, IAEA ने जताई चिंता

Middle East News: इजरायल ने गुरुवार को ईरान के अराक भारी जल रिएक्टर पर हवाई हमला किया। इजरायल-ईरान युद्ध में यह एक बड़ा घटनाक्रम है। ईरानी सरकारी टेलीविजन ने बताया कि हमले से पहले रिएक्टर को खाली कर लिया गया था। अधिकारियों ने दावा किया कि रेडिएशन का कोई खतरा नहीं है। इजरायल ने सुबह ही सोशल मीडिया पर चेतावनी दी थी कि वह इस सुविधा को निशाना बनाएगा।

हमले का उद्देश्य

इजरायली सेना ने कहा कि हमले का मकसद रिएक्टर के प्लूटोनियम उत्पादन को रोकना था। अराक रिएक्टर तेहरान से 250 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में स्थित है। यह भारी जल रिएक्टर परमाणु रिएक्टरों को ठंडा करता है और प्लूटोनियम पैदा करता है, जिसका उपयोग संभावित रूप से परमाणु हथियारों में हो सकता है। इजरायल ने इसे अपनी सुरक्षा के लिए खतरा माना।

IAEA की प्रतिक्रिया

अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने इजरायल से परमाणु सुविधाओं पर हमले न करने की अपील की थी। एजेंसी के निरीक्षकों ने 14 मई को आखिरी बार अराक का दौरा किया था। IAEA ने चेतावनी दी कि ऐसे हमले क्षेत्रीय स्थिरता को खतरे में डाल सकते हैं। ईरान ने हमले की शिकायत IAEA से की, इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया।

ईरान का जवाबी हमला

इजरायल-ईरान युद्ध में ईरान ने भी पलटवार किया। ईरानी मिसाइलों ने इजरायल के दक्षिणी शहर बीर शेबा में सोरोका मेडिकल सेंटर को निशाना बनाया। अस्पताल को भारी नुकसान हुआ। अधिकारियों ने लोगों से अस्पताल न आने की अपील की। अस्पताल दक्षिणी इजरायल के 10 लाख लोगों को सेवाएं देता है। हमले में हताहतों की तत्काल जानकारी नहीं मिली।

मानवीय नुकसान

वाशिंगटन स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स ने बताया कि इजरायली हमलों में ईरान में 639 लोग मारे गए, जिनमें 263 नागरिक और 154 सुरक्षाकर्मी शामिल हैं। 1,329 लोग घायल हुए। दोनों देशों के बीच सातवें दिन भी युद्ध जारी रहा। ईरान ने इजरायल पर 400 मिसाइलें और ड्रोन दागे, जिसमें 24 लोगों की मौत हुई।

क्षेत्रीय तनाव

इजरायल-ईरान युद्ध ने मध्य पूर्व में तनाव बढ़ा दिया है। इजरायल ने नातांज और अन्य परमाणु सुविधाओं पर भी हमले किए। ईरान ने इसे आक्रामकता करार दिया। वैश्विक समुदाय ने युद्ध को रोकने की अपील की, लेकिन दोनों देशों के बीच तनाव कम होने के संकेत नहीं हैं।

#IsraelIran #NuclearAttack

પાકિસ્તાને ભારત પર પરમાણુ હુમલા સક્ષમ શાહીન મિસાઇલથી હુમલો #bharat #pakistan #indiapakistanwar #nuclearattack #sahinmissile #delhi

પાકિસ્તાને ભારત પર પરમાણુ હુમલા #bharat #pakistan #indiapakistanwar #nuclearattack #sahinmissile - પાકિસ્તાને 'ઓપરેશન સિંદૂર' પછી ભારત પર પરમાણુ સક્ષમ શાહીન મિસાઇલથી હુમલો કર્યો હોવાના દાવાઓ સામે આવ્યો હતો, જો કે આ શાહીન મિસાઇલનો ઉપયોગ પાકિસ્તાને ન કર્યાનો દાવો કરી રહ્યુ છે. પરંતુ તેના પુરાવા જોતા જ ખબર પડે છે. પાકિસ્તાને આ મિસાઇલનો ઉપયોગ…

https://vrlivegujarat.com/pakistan-india-sindoor-nuclear-weapon-use-attack/

1.Tomorrow I can't be in Rome for #popeFrancis' funeral,but I want that you think about this: even at the pope's funeral,the #DoomsdayBriefcase-#football, which allows to launch a #nuclearAttack-will be w/Trump. Had #Putin attended the funeral,he also would bring his #Cheget

Oh yeah, you can only begin to imagine how restricted Trump feels by executive order forbidding assasinations of (amongst others) foreign leaders.

And, beside a reduction in real estate values, is the military use of the power of the atom, nuclear energy, something so tiny and very small, anything to fret about?

#Assasination #RestrictionsOnTrump #NuclearAttack