पुलिस भर्ती: हिमाचल पुलिस भर्ती परीक्षा में धांधली के आरोप, जयराम ठाकुर ने मांगी CBI जांच
Himachal News: हिमाचल प्रदेश में 15 जून 2025 को हुई पुलिस भर्ती परीक्षा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने इस भर्ती प्रक्रिया में कथित धांधली की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार निष्पक्ष जांच नहीं कर सकती, तो इस मामले को CBI को सौंप देना चाहिए। यह मामला युवाओं के भविष्य से जुड़ा है, और इसमें पारदर्शिता जरूरी है।
गंभीर आरोपों ने बढ़ाई चिंता
जयराम ठाकुर ने बताया कि पुलिस भर्ती परीक्षा के दौरान कई अनियमितताएं सामने आई हैं। कुछ परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों को मोबाइल ले जाने की अनुमति दी गई। सामूहिक नकल के भी आरोप लगे हैं। चंबा और कांगड़ा जैसे जिलों में अभ्यर्थियों ने लाखों रुपये लेकर पेपर में धांधली के गंभीर दावे किए हैं। ठाकुर ने कहा कि उनकी सरकार में 2022 में ऐसी ही गड़बड़ी सामने आने पर भर्ती रद्द कर दी गई थी, लेकिन वर्तमान सरकार जल्दबाजी में भर्ती को मंजूरी दे रही है।
सुक्खू सरकार पर सवाल
जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह उनकी पहली पुलिस भर्ती प्रक्रिया है, और इसमें भी धांधली के आरोप लग रहे हैं। उन्होंने सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए और कहा कि जनता के साथ-साथ कांग्रेस के अपने मंत्री और विधायक भी सरकार से नाराज हैं। ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से इस्तीफे की मांग की, यह कहते हुए कि ऐसी परिस्थितियों में उनके पद पर बने रहने का कोई औचित्य नहीं है।
जांच की मांग तेज
पुलिस भर्ती में कथित अनियमितताओं ने अभ्यर्थियों में रोष पैदा कर दिया है। कई युवा, जिन्होंने इस परीक्षा के लिए सालों तक मेहनत की, अब अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। जयराम ठाकुर ने जोर देकर कहा कि मामले की गहन जांच जरूरी है ताकि दोषियों को सजा मिले और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित हो। युवाओं के सपनों के साथ खिलवाड़ रोकने के लिए निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो रही है।
