पुतिन भारत यात्रा: भारत-रूस शिखर सम्मेलन में परमाणु पनडुब्बियों समेत इन हथियारों की डील पर होगी चर्चा
International News: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन सितंबर 2025 में पुतिन भारत यात्रा के तहत दिल्ली आएंगे। यह रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद उनकी पहली भारत यात्रा होगी। भारत-रूस शिखर सम्मेलन में रक्षा सौदों पर चर्चा होगी। रूस ने भारत को अकुला क्लास परमाणु पनडुब्बी, छह किलो क्लास पनडुब्बियां और 1500 किमी रेंज की कैलिबर मिसाइलें देने का प्रस्ताव रखा। भारत की पुरानी पनडुब्बियां अब अप्रचलित हो रही हैं।
रूस का रक्षा प्रस्ताव
रूस भारत को परमाणु और पारंपरिक पनडुब्बियों के साथ पुतिन भारत यात्रा के दौरान रक्षा सौदों की पेशकश करेगा। भारत की 17 में से दो-तिहाई पनडुब्बियां 1980 के दशक की हैं। इनका सर्विस जीवन समाप्त हो रहा है। रूस छह रिफर्बिश्ड किलो क्लास पनडुब्बियां और कैलिबर क्रूज मिसाइलें देगा। यह प्रस्ताव भारत की नौसेना को मजबूत करेगा। खासकर जब चीन और पाकिस्तान अपनी समुद्री ताकत बढ़ा रहे हैं। यह सौदा भारत की रक्षा तैयारियों को ताकत देगा।
भारत-रूस रक्षा संबंध
रूस पांच दशकों से भारत का सबसे बड़ा रक्षा साझेदार है। भारत की 60% सैन्य संपत्ति रूसी मूल की है। इसमें टी-90 टैंक, SU-30MKI जेट और ब्रह्मोस मिसाइल शामिल हैं। पुतिन भारत यात्रा रक्षा सहयोग को और मजबूत करेगी। रूस की अकुला क्लास पनडुब्बी भारत को सामरिक ताकत देगी। यह पनडुब्बी लंबे समय तक पानी में रह सकती है। भारत की प्रोजेक्ट 75I पनडुब्बियां आने तक यह अंतरिम समाधान होगा। रूस का प्रस्ताव सामरिक रूप से महत्वपूर्ण है।
सामरिक महत्व
पुतिन भारत यात्रा में रूस 1500 किमी रेंज की कैलिबर मिसाइलें देगा। यह भारत की किलो क्लास पनडुब्बियों को अपग्रेड करेगा। सभी छह टॉरपीडो ट्यूब मिसाइल लॉन्च करने में सक्षम होंगे। वर्तमान में भारत के पास दो ट्यूब की क्षमता है। यह अपग्रेड भारतीय नौसेना की ताकत बढ़ाएगा। रूस का यह कदम अमेरिका, फ्रांस और जर्मनी जैसे देशों के प्रभाव को संतुलित करेगा। भारत की रक्षा नीति को नई दिशा मिलेगी।
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