हिमाचल इतिहास पाठ्यक्रम: स्कूलों में शामिल होगा सूबे का गौरवशाली इतिहास, तैयारियां शुरू
Himachal News: हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड (HPBOSE) ने स्कूल पाठ्यक्रम में हिमाचल इतिहास पाठ्यक्रम को शामिल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर के निर्देशों के बाद बोर्ड ने इस दिशा में कदम उठाया है। इसका उद्देश्य छात्रों को हिमाचल के समृद्ध इतिहास और संस्कृति से अवगत कराना है। बोर्ड के विषय विशेषज्ञ इस पाठ्यक्रम को तैयार करने में जुट गए हैं।
पाठ्यक्रम में शामिल होंगे ये विषय
बोर्ड प्रबंधन ने विशेषज्ञों को हिमाचल इतिहास पाठ्यक्रम में सूबे के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहलुओं को शामिल करने का निर्देश दिया है। इसमें हिमाचल की रियासतों, स्वतंत्रता संग्राम में योगदान, प्राचीन परंपराएं, और स्थानीय नायकों की कहानियां शामिल हो सकती हैं। इसके अलावा, हिमाचल की भौगोलिक विशेषताओं और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विषय भी जोड़े जा सकते हैं।
कक्षा और कार्यान्वयन की समीक्षा
बोर्ड यह तय करेगा कि हिमाचल इतिहास पाठ्यक्रम को किस कक्षा से लागू किया जाए। प्रारंभिक चर्चा के अनुसार, इसे कक्षा 6 या 7 से शुरू करने पर विचार हो रहा है। मौजूदा पाठ्यक्रम की समीक्षा के साथ-साथ नए विषयों की रूपरेखा भी तैयार की जाएगी। बोर्ड यह सुनिश्चित करेगा कि पाठ्यक्रम छात्रों के लिए रोचक और जानकारीपूर्ण हो।
शिक्षा मंत्री के निर्देश पर तेजी से काम
16 मई 2025 को हुई बैठक में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बोर्ड अधिकारियों को हिमाचल के इतिहास को पाठ्यक्रम में शामिल करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने कहा कि छात्रों को अपनी जड़ों से जोड़ना जरूरी है। बोर्ड की अकादमिक शाखा अब विशेषज्ञों के साथ मिलकर इस दिशा में तेजी से काम कर रही है। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की वेबसाइट पर जल्द ही इसकी प्रगति से संबंधित जानकारी उपलब्ध होगी।
विशेषज्ञों की भूमिका
विषय विशेषज्ञ मौजूदा इतिहास पाठ्यक्रम की समीक्षा करेंगे और नए विषयों को जोड़ने के लिए सुझाव देंगे। हिमाचल के इतिहास से जुड़े विश्वसनीय स्रोतों और शोधों का उपयोग किया जाएगा। बोर्ड का लक्ष्य एक ऐसा पाठ्यक्रम तैयार करना है, जो छात्रों में गर्व और जागरूकता पैदा करे।
Author: Harikrishan Sharma, Himachal Pradesh
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