स्कूल में प्रताड़ना: मंडी में एसी के छात्र को तीन घंटे शौचालय में रखा बंद, मां ने लगाए जातिसूचक शब्द बोलने के आरोप
Himachal News: हिमाचल के मंडी जिले के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला मलोह में एक गंभीर घटना हुई। 11वीं कक्षा के एक छात्र को स्कूल में प्रताड़ना के बाद शौचालय में तीन घंटे तक बंद रखा गया। छात्र की मां हिमा देवी ने बताया कि 19 जून को उनके बेटे को स्कूल की छुट्टी के बाद सायं छह बजे तक शौचालय में बंद रखा गया। उन्होंने मिड-डे मील प्रभारी पर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाया।
मां की शिकायत और पुलिस जांच
हिमा देवी ने सुंदरनगर थाने में शिकायत दर्ज की। उन्होंने कहा कि उनके बेटे को किसी शरारती तत्व ने शौचालय में बंद कर दिया। छात्र ने खुद को किसी तरह बाहर निकाला। मां ने यह भी आरोप लगाया कि मिड-डे मील प्रभारी ने उनके बेटे को भोजन के समय जातिसूचक शब्द कहकर अपमानित किया। सुंदरनगर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। डीएसपी भारत भूषण ने आगामी कार्रवाई की पुष्टि की।
प्रभारी ने आरोपों से किया इनकार
मिड-डे मील प्रभारी ने सभी आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने दावा किया कि उनके खिलाफ साजिश रची गई। प्रभारी का कहना है कि कुछ शरारती छात्रों ने ही बच्चे को शौचालय में बंद किया। मलोह पंचायत के लोगों ने एक अध्यापिका के खिलाफ भी बच्चों को सजा देने का विरोध जताया। इस विरोध में अध्यापिका ने प्रभारी को दोषी ठहराया। यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा में है।
स्कूल प्रशासन का बयान
प्रधानाचार्य कमल सिंह ने बताया कि वह दो दिन की छुट्टी पर थे। सोमवार को स्कूल पहुंचने पर वे इस मामले की पूरी जानकारी जुटाएंगे। मलोह पंचायत के लोग स्कूल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। हिमाचल पुलिस ने जांच तेज कर दी है। स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है। सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
स्थानीय लोगों में आक्रोश
मलोह पंचायत के निवासियों ने स्कूल में हुई इस घटना पर नाराजगी जताई। लोगों का कहना है कि स्कूल में प्रताड़ना और जातिगत भेदभाव जैसे मामले गंभीर हैं। उन्होंने स्कूल प्रशासन से जवाबदेही की मांग की। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया है और सभी आरोपों की गहन जांच कर रही है। इस घटना ने स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं।
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