बांग्लादेशी हिंदुओं के समूह ने भारत से की सख्त एक्शन की मांग, कहा, संयुक्त राष्ट्र शांति सेना की हो तैनाती, वरना विलुप्त हो जाएंगे हिन्दू

Bangladesh News: बांग्लादेश में इस्कॉन संत की गिरफ्तारी और अल्पसंख्यकों खासकर हिंदुओं के खिलाफ हिंसा को लेकर प्रवासी बांग्लादेशी हिंदुओं के एक समूह ने भारत सरकार से बांग्लादेश पर सख्त ऐक्शन की मांग की है। समूह ने अपनी पांच सूत्री मांगों में बांग्लादेश में संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंध लगाने, संयुक्त राष्ट्र शांति सेना की तैनाती और हिंदुओं और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों की रक्षा के लिए कदम उठाने का आग्रह किया है।

एक रिपोर्ट जारी करते हुए दावा किया गया कि 5 अगस्त से 21 दिसंबर के बीच हिंदू मंदिरों, अनाथालयों और श्मशान घाटों पर हमलों के 51 मामले सामने आए। उन्होंने आशंका जताई कि अगर भारत सरकार ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए तो बांग्लादेश से हिंदू समुदाय विलुप्त हो जाएगी।

बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा की मांग उठाने वाले इस समूह में यूरोप और उत्तरी अमेरिका में बसे बांग्लादेशी मूल के लोग हैं। ये लोग वैश्विक बंगाली हिंदू गठबंधन से जुड़े हुए हैं। समूह ने अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए बांग्लादेश में संयुक्त राष्ट्र शांति सेना की तैनाती सहित वैश्विक हस्तक्षेप की मांग की।

समूह ने नई दिल्ली से बांग्लादेश में “अवैध और शत्रुतापूर्ण शासन” पर संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंधों की मांग करने का आह्वान किया। साथ ही समूह ने “1947 के विभाजन से भूमि के साथ अधूरी जनसंख्या विनिमय को पूरा करने, विस्थापित अल्पसंख्यकों के सुरक्षित पुनर्वास” का आह्वान किया। समूह द्वारा जारी एक बयान में इस प्रस्ताव पर अधिक जानकारी नहीं दी गई।

बांग्लादेश से हिंदुओं को विलुप्त होने से बचाएं भारत

समूह ने कहा कि भारत सरकार को बांग्लादेश में अंतरिम प्रशासन पर “अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हिंदू-बहुल क्षेत्रों में संरक्षित क्षेत्र” बनाने के लिए दबाव डालना चाहिए। समूह के अमेरिका स्थित नेता सितांगशु गुहा ने 1971 में बांग्लादेश के मुक्ति संग्राम में भारत की भूमिका की ओर इशारा किया और कहा, “भारत हमारा सबसे अच्छा दोस्त है, यह बांग्लादेश के 20 मिलियन हिंदुओं को बचाने में मदद कर सकता है।” उन्होंने कहा, “भारत क्या करेगा यह नई दिल्ली सरकार पर निर्भर करता है। हम भारत सरकार से हिंदू समुदाय को विलुप्त होने से बचाने में मदद करने का आग्रह करते हैं।

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52 साल की हिन्दू महिला के साथ किया गैंगरेप, अब रहस्यमय तरीके से हुई मौत; हिंदुओं ने मांगा अलग इलाका

Hindu Woman Gangrape: बांग्लादेश में 52 साल की हिंदू महिला बसना मलिक की रहस्यमय तरीके से मौत हो गई है। बसना के साथ गैंग रेप किया गया था। बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय पर हिंसा का दौर जारी है।

हिंदुओं के धार्मिक स्थलों को ही नहीं निशाना बनाया जा रहा है, बल्कि हत्या और महिलाओं के साथ रेप को भी अंजाम दिया जा रहा है। अब नरैल में 52 साल की हिंदू महिला बसना मलिक की रहस्यमय तरीके से मौत हो गई है। बसना के साथ गैंग रेप किया गया था। वहीं, भारत आए कुछ बांग्लादेशी हिंदुओं ने हिंसा की दर्दनाक कहानी सुनाई।

पीड़ित परिवार के लोगों का कहना है कि बसना मलिक 24 दिसंबर की रात को करीब 8 बजे घर लौटी थी। इसके बाद से उसे लगातार उल्टियाँ हो रही थीं। उस रात वह खाना खाने के बाद परिवार से कुछ कहे बिना ही सो गई। अगले दिन 25 दिसंबर की सुबह महिला की हालत बिगड़ गई। इसके बाद उसे जेसोर जनरल अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहाँ 26 दिसंबर की रात को महिला की मौत हो गई।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, एक स्थानीय युवक ने डर के कारण नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया था कि बसना के साथ सामूहिक बलात्कार किया गया था। इसके साथ ही उसे शारीरिक के साथ-साथ मानसिक रूप से भी परेशान भी किया गया था, जिसके कारण वह लगातार तनाव में रह रही है। यही कारण है कि उसने शर्म और तनाव के मारे कीटनाशक पीकर आत्महत्या कर ली।

मृतक महिला के बेटे रिंकू मलिक का कहना है कि उसकी माँ के साथ बहुत ‘गंदा’ व्यवहार किया गया था। उसके साथ दरिंदगी की गई थी। इससे वह परेशान हो गई थीं। महिला की मौत के बाद शव का पोस्टमार्टम किया गया। इसके बाद मैजपारा के पोराडांगा गाँव में स्थित श्मशान में महिला का अंतिम संस्कार कर दिया गया।

इस घटना को लेकर स्थानीय हिंदुओं में आक्रोश है। इस मामले में बांग्लादेश की पुलिस महिला को बदनाम कर लीपापोती करने में जुट गई है। सदर थाने के ओसी मोहम्मद साजेदुल इस्लाम का कहना है कि कुछ लोगों बताया कि बसना का गाँव के ही लडके के साथ संबंध था। उस रात स्थानीय लोगों ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया था।

बांग्लादेशी हिंदुओं ने साझा किया दर्द

वहीं, बांग्लादेश से भागकर वाराणसी पहुँचे 12 हिंदुओं ने वहाँ हो रहे अत्याचार की कहानी साझा की। ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से मुलाकात कर उन लोगों ने बताया, “वहाँ के लोग हमसे कहते हैं कि तुम लोग पाकिस्तान चले जाओ। अब बांग्लादेश में हिंदुओं के लिए रहने लायक हालात नहीं रहे। हर वक्त जान का खतरा बना हुआ है।”

अपना चेहरा ढँके एक हिंदू व्यक्ति ने कहा कि बांग्लादेश का अब एक ही एजेंडा है और वह है बांग्लादेश को मुस्लिम राष्ट्र घोषित करने का। बांग्लादेश में जहाँ भी हिंदू दिखाई दे रहे हैं, उनके साथ हिंसा की जा रही है। मंदिरों पर कब्जा किया जा रहा है। एक हिंदू महिला ने कहा कि वहाँ के मुस्लिम घरों में घुसकर हिंदू महिलाओं से मारपीट और उनके साथ बलात्कार कर रहे हैं।

शंकराचार्य से मुलाकात करने वाले बांग्लादेशी हिंदुओं ने अपनी कुछ माँगें रखीं। उनका कहना है कि हिंदुओं के लिए बांग्लादेश में एक अलग जगह दी जाए, जो भारत की सीमा से लगी हो। इसके साथ ही भारत और बांग्लादेश के बीच आबादी की अदला-बदली। बांग्लादेश से भारत आने वाले हिंदुओं की संख्या के बराबर मुस्लिमों को वहाँ भेजा जाए।

उनका यह भी कहना है कि दुनिया में कहीं भी जन्म लेने वाले हिंदू को इजरायल की तरह स्वाभाविक रूप से भारत का नागरिक माना जाए। इसके साथ ही 5 अगस्त 2024 को तख्तापलट से पहले भारत आए बांग्लादेशियों की वीजा अवधि को बढ़ाई जाए और उन्हें जबरन बांग्लादेश ना भेजी जाए। इसके साथ ही उन्हें भारत में रोजगार मुहैया कराई जाए।

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यहूदी विरोधी हेट क्राइम में हुई वृद्धि, हिंदू समुदाय के लोगों ने दिखाई एकजुटता; जानें मामले में क्या कहा

Canada News: कनाडा में यहूदी विरोधी हेट क्राइम में वृद्धि के बाद वहां रहे रहे हिंदू समुदाय के लोगों ने यहूदियों के प्रति एकजुटता दिखाई है। टोरंटो के बाथर्स्ट और शेपर्ड में कनाडाई यहूदी समुदाय की रक्षा के लिए बड़ी संख्या में हिंदू कनाडाई सामने आए। जस्टिन ट्रूडो के देश में हाल के दिनों में यहदी विरोधी घटनाओं, धमकियों और हेट क्राइम में वृद्धि देखी गई है। पिछले सप्ताह कनाडा में यहूदी संस्थानों पर कई हाई-प्रोफाइल हमले हुए थे।

कनाडा में चरमपंथी सोच से लड़ने के लिए यहूदी और हिंदू एकजुट हो रहे हैं। टोरंटो में समुदायों के बीच एकता का शानदार प्रदर्शन हुआ, क्योंकि वहां रह रहे भारतीय और ईरानी समुदाय ने यहूदियों के समर्थन के लिए रैली की। कड़ाके की ठंड में हिंदू, द्रूज और ईरानी कनाडाई लोगों ने कंधे से कंधा मिलाकर इजरायल के लिए अपना समर्थन दिखाया। इस दौरान हिंदू समुदाय के लोग इजरायल का झंडा पकड़े नजर आए। भारतीय मूल के एक हिंदू युवक ने कहा कि वह इजरायली लोगों के लिए एकजुटता दिखाने के लिए पहुंचा है। इस दौरान लोगों ने जय श्रीराम के नारे लगाए।

हिंदुओं ने दिया यहूदियों को संदेश

उसने कहा, हम अपने इजरायली और यहूदी भाइयों के साथ खड़े होकर ये बताना चाहते हैं कि वे कनाडा में सुरक्षित हैं। एक अन्य युवक ने कहा कि कनाडा में हिंदू यहूदियों के साथ हैं। हम यहां यहूदियों के अधिकारों के लिए हैं। यहूदियों के पास भी उसी तरह से अधिकार हैं, जिस तरह से दूसरे लोगों के लिए अधिकार हैं। हम हिंदू यहां यहूदियों के ग्रेट कनाडा में शांतिपूर्वक रहने के अधिकार के प्रति समर्थन जताते हैं।

कनाडा में यहूदियों के खिलाफ हिंसा बढ़ी

कनाडा में हाल के दिनों में यहूदी विरोधी घटनाओं में बढ़ोतरी देखी गई है। पिछले सप्ताह बुधवार को मॉन्ट्रियल में एक यहूदी पूजास्थल में आगजनी के बाद शुक्रवार को टोरंटो में एक यहूदी प्राथमिक विद्यालय में गोलीबारी भी की गई थी। कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने इन घटनाओं और उनसे पहले की अन्य घटनाओं की निंदा की है। वहीं, कनाडा में रहने वाले यहूदी समुदाय में ऐसे लोगों की संख्या बढ़ रही है, जो यह मानते हैं कि सरकार ने नफरत को बढ़ने से रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए हैं।

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दुनियाभर में थू-थू करवाने के बाद एक्शन में आई बांग्लादेश सरकार, हिंदुओं पर हमला करने वाले गिरफ्तार

Bangladesh Hindu Violence: बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ लगातार हिंसा हो रही है। पांच अगस्त को सत्ता परिवर्तन के बाद नई सरकार में हिंदुओं के कई मंदिरों में तोड़फोड़ हुई है और हिंदुओं को जमकर प्रताड़ित किया गया। आखिरकार दुनियाभर में थू-थू करवाने के बाद बांग्लादेश का मोहम्मद यूनुस प्रशासन ऐक्शन लेने पर मजबूर हुआ है।

बांग्लादेशी अधिकारियों ने सुनामगंज जिले में इस महीने की शुरुआत में हिंदू समुदाय के घरों और दुकानों के साथ-साथ एक हिंदू मंदिर में तोड़फोड़ के सिलसिले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। मुख्य सलाहकार कार्यालय की एक प्रेस रिलीज के अनुसार, संदिग्धों – अलीम हुसैन, 19; सुल्तान अहमद राजू, 20; इमरान हुसैन, 31; और शाहजहां हुसैन, 20 को दोराबाजार क्षेत्र में गिरफ्तार किया गया।

दरअसल, तीन दिसंबर को स्थानीय निवासी आकाश दास ने फेसबुक पर एक पोस्ट किया था, जिसके बाद इलाके में सांप्रदायिक तनाव फैल गया। हालांकि, बाद में दास ने पोस्ट हटा दिया था, लेकिन स्क्रीनशॉट वायरल हो गया था। इसके बाद दास को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। इसी मामले में अब गिरफ्तारियां की गई हैं। दास के पोस्ट के बाद गुस्साई भीड़ ने लोकनाथ मंदिर और हिंदू समुदाय पर हमला कर तोड़फोड़ की थी।

पुलिस, जिला प्रशासन और सेना के जवानों के हस्तक्षेप से अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रण में किया। तब से पुलिस ने 12 नामजद व्यक्तियों और 150-170 अज्ञात संदिग्धों के खिलाफ मामला दर्ज किया है और इसमें शामिल अन्य लोगों को पकड़ने के लिए गहन जांच कर रही है। 5 अगस्त को छात्रों के नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शन के बाद पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को पद से हटा दिया गया और मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने कथित तौर पर भारत और बांग्लादेश के बीच संबंधों को तनावपूर्ण बना दिया है।

‘भारत से अच्छे संबंध चाहता है बांग्लादेश’

वहीं, बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने शनिवार को कहा कि वह भारत सहित सभी देशों के साथ पारस्परिक सम्मान और समानता पर आधारित मजबूत संबंध चाहती है। ‘ढाका ट्रिब्यून’ अखबार की खबर के अनुसार, विदेश मामलों के सलाहकार मोहम्मद तौहीद हुसैन ने नरसिंगडी के रायपुरा और बेलाबो उपजिलों में अधिकारियों, पत्रकारों, नेताओं और बुद्धिजीवियों के साथ दो अलग-अलग बैठकों के दौरान ये टिप्पणियां कीं। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश ने भारत को संदेश भेजा है, जिसमें अच्छे संबंधों की इच्छा जताई गई है, लेकिन यह आपसी हितों पर आधारित होना चाहिए। हुसैन ने कहा कि बांग्लादेश सभी देशों के साथ सम्मान और समानता के आधार पर अच्छे संबंध चाहता है तथा सरकार इस लक्ष्य की ओर काम कर रही है। हुसैन ने अंतरिम सरकार की निष्पक्ष शासन व्यवस्था के प्रति प्रतिबद्धता पर भी जोर दिया, जिसमें छात्रों समेत जनता की चिंताओं को दूर करना और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सुधारों को लागू करना शामिल है।

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बांग्लादेश में हिंदुओं पर हुए 88 हिंसक हमले, कई मंदिर तोड़े, कुल 70 लोग गिरफ्तार; युनूस सरकार ने कबूला सच

Bangladesh News: बांगलादेश ने आखिरकार स्वीकार किया है कि अगस्त में प्रधानमंत्री शेख हसीना के सत्ता से बाहर होने के बाद 88 हिंसक घटनाएं अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के खिलाफ हुईं। इन हमलों ने बांगलादेश में हिन्दुओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इन घटनाओं में न सिर्फ हिंदू समुदाय के लोग, बल्कि कई मंदिर भी निशाने पर आए जिससे भारत में भी चिंता की लहर दौड़ गई है।

अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस के प्रेस सचिव शफीकुल आलम ने कहा कि इन घटनाओं में 70 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने यह खुलासा ऐसे समय किया है जब एक दिन पहले विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने बांग्लादेशी नेतृत्व के साथ बैठक के दौरान अल्पसंख्यकों पर हमलों की अफसोसजनक घटनाओं को उठाया था और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और कल्याण से संबंधित भारत की चिंताओं से अवगत कराया था।

आलम ने संवाददाताओं को बताया कि पांच अगस्त से 22 अक्टूबर तक अल्पसंख्यकों से संबंधित घटनाओं में कुल 88 मामले दर्ज किए गए हैं। उन्होंने कहा, “मामलों और गिरफ्तारियों की संख्या में वृद्धि होने की संभावना है, क्योंकि पूर्वोत्तर सुनामगंज, मध्य गाजीपुर और अन्य क्षेत्रों में भी हिंसा के नए मामले सामने आए हैं।”

उन्होंने कहा कि ऐसे मामले भी हो सकते हैं जहां कुछ पीड़ित पिछली सत्तारूढ़ पार्टी के सदस्य रहे हों। सरकार अब तक इस बात पर जोर देती रही है कि कुछ घटनाओं को छोड़कर, हिंदुओं पर उनकी आस्था के कारण हमला नहीं किया गया। आलम ने कहा कि 22 अक्टूबर के बाद हुई घटनाओं का ब्यौरा जल्द ही साझा किया जाएगा।

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मुस्लिम भीड़ ने हिंदु महिलाओं पर किया जानलेवा हमला, कहा, नंगा करके मारेंगे; देखें वायरल वीडियो

Gujarat Viral Video Muslim Attack on Hindu Women: गुजरात के नवसारी जिले के दरगाह रोड इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां मुस्लिम भीड़ ने हिंदुओं पर जानलेवा हमला किया.

इस घटना में विशेष रूप से हिंदू महिलाओं को निशाना बनाया गया. बताया जा रहा है कि मामूली वाहन पार्किंग विवाद ने इस हिंसा का रूप लिया, जिसमें महिलाओं के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार किया गया.

घटना शनिवार, 7 दिसंबर 2024 की है. पीड़ित परिवारों ने बताया कि रात में वाहन खड़ा करने को लेकर हुए विवाद के बाद, 100-150 लोगों की भीड़ लाठी-डंडे और अन्य हथियार लेकर मौके पर पहुंची. हमलावरों ने हिंदू महिलाओं को गंदी-गंदी गालियाँ दीं और धमकियाँ दीं कि “काफिरों यहाँ से भाग जाओ. यह इलाका हमारा है. अभी तो शुरुआत है.”

महिलाओं को बनाया गया निशाना

पीड़ित चंदन राठौर ने बताया कि हमलावरों ने महिलाओं को “नंगा करके मारने” जैसी धमकी दी और उनके साथ अश्लील हरकतें कीं. जब परिवार के अन्य सदस्य बचाव के लिए आए, तो उन्हें भी पीटा गया और जान से मारने की धमकी दी गई.

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मुख्य आरोपियों के नाम आए सामने

पीड़ितों ने टाउन पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. शिकायत में शाहनवाज भंडारी को इस हिंसा का मास्टरमाइंड बताया गया है. अन्य आरोपियों में एजाज शेख, शोएब, सूफियान, सलीम, और रफीक बेट का नाम शामिल है. साथ ही, 150 अज्ञात लोगों को भी आरोपित किया गया है.

त्योहारों पर भी बढ़ा तनाव

पीड़ितों के अनुसार, यह इलाका मुस्लिम बाहुल्य है, जहां पहले भी हिंदुओं के साथ इस तरह की घटनाएं होती रही हैं. चंदन राठौर ने आरोप लगाया कि पिछले तीन वर्षों से यहां गणेशोत्सव और नवरात्रि जैसे त्योहारों पर मुस्लिम कट्टरपंथी हंगामा करते हैं. उन्होंने जबरन भजन-कीर्तन बंद करवाने और पंडालों में घुसकर महिलाओं के साथ बदसलूकी करने की घटनाओं का जिक्र किया.

पुलिस कार्रवाई पर सवाल

मामले में अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई है, जिससे हिंदू संगठनों और स्थानीय निवासियों में नाराजगी है. उन्होंने पुलिस से तुरंत सख्त कदम उठाने की मांग की है.

हिंदू महिलाओं ने सुनाई आपबीति

इस घटना से पीड़ित कई महिलाओं ने वीडियो जारी कर अपनी आपबीती सुनाई. एक महिला ने भावुक होकर पूछा, “क्या हिंदू होना गुनाह है? हमें यहां से भगाने और गला काटने की धमकी दी जाती है. क्या हिंदुस्तान में हिंदुओं को रहने का अधिकार नहीं है?”

स्थानीय हिंदू संगठनों ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने प्रशासन से सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है और पुलिस को ज्ञापन भी सौंपा है.

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लगभग 200 मुस्लिमों ने एक “हिंदू घर पर हमला” किया, और हिंदू “महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार” किया !! वीडियो गुजरात के नवसारी शहर के दरगाह रोड का बताया जा रहा है !! कह रहे हैं "काफ़िरो ये इलाका छोड़ दो" #ViralVideo

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मोहम्मद यूनुस पर भड़की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना, कहा, हिंदुओं के कत्लेआम का है मास्टरमाइंड; जानें पूरा मामला

Shaikh Hasina News: बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं के खिलाफ हिंसा का दौर जारी है। दुनिया भर में कृष्ण भक्ति का प्रचार-प्रसार करने वाली संस्था ISKCON से जुड़े संत चिन्मय कृष्णदास को जेल भेजा गया है। उन पर हिंसा भड़काने के आरोप लगाए गए हैं। इसके खिलाफ भी बांग्लादेश में हिंदुओं के बीच गुस्सा है। इस बीच पूर्व पीएम शेख हसीना ने आरोप लगाया है कि बांग्लादेश में हो रहे नरसंहार के जिम्मेदार अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस हैं। शेख हसीना ने तो मोहम्मद यूनुस को बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रही हिंसा का मास्टरमाइंड बताया है।

शेख हसीना ने अवामी लीग के एक कार्यक्रम को वर्चुअली संबोधित करते हुए कहा कि मंदिरों, चर्चों पर हमले के पीछे मोहम्मद युनूस का हाथ है। वह इन घटनाओं के पीछे मास्टरमाइंड की तरह काम कर रहे हैं। 5 अगस्त को तख्तापलट के बाद भारत आईं शेख हसीना ने कहा, ‘आज मेरे ऊपर आरोप लगाए जाते हैं कि मैंने नरसंहार कराया है। लेकिन असलियत यह है कि मोहम्मद यूनुस ऐसा कर रहे हैं। वह पूरे डिजाइन के साथ कााम कर रहे हैं। छात्र संगठनों के नाम पर वह सत्ता में हैं और अब अल्पसंख्यकों की हत्याएं कराई जा रही हैं। वह इसके मास्टरमाइंड हैं। यहां तक कि बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के लीडर तारिक रहमान भी कह चुके हैं कि हत्याएं जारी रहीं तो सरकार नहीं चलेगी।’

बता दें कि तारिक रहमान बांग्लादेश नेशनल पार्टी की नेता बेगम खालिदा जिया के बेटे हैं। बता दें कि मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार बनने के बाद से ही अल्पसंख्यकों पर हमले जारी हैं। बड़ी संख्या में उनके घर फूंके गए, दुर्गा पूजा पंडालों पर हमले हुए और अब नए सिरे से हिंसा का दौर जारी है। कृष्ण भक्ति को प्रचारित करने वाली संस्था इस्कॉन को भी निशाना बनाया जा रहा है।

बता दें कि बांग्लादेश में मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार बनने के बाद से पाकिस्तान की ओर झुकाव बढ़ा है। बंग बंधु मीजबुर रहमान की प्रतिमा पर हमला हुआ था और उनकी तस्वीरों को दफ्तरों से हटाया गया है। यही नहीं बांग्लादेश निर्माण के नायकों से जुड़े दिनों पर छुट्टियों को भी रद्द किया गया है। हिंदुओं पर भी यह कहते हुए हमले हो रहे हैं कि ये शेख हसीना की सरकार के समर्थक थे। कई बड़ी हिंदू हस्तियों के घरों और आराधनों स्थलों तक पर अटैक की घटनाएं हुई हैं।

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ढाका में हिंदू युवक के साथ उपद्रवियों ने की मारपीट, चाकू की नोंक पर लूटा; पुलिस ने दर्ज नहीं की शिकायत

Dhaka News: बांग्लादेश में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों पर हमलों की खबरों के बीच कोलकाता के एक युवक ने दावा किया है कि ढाका में उपद्रवियों ने उसकी इसलिए पिटाई कर दी, क्योंकि उन्हें पता लगा कि वह भारतीय हिंदू है। 22 वर्षीय युवक का कहना है कि वह बीते 23 नवंबर को बांग्लादेश गया था और वहां एक दोस्त के घर रुका था। जब देर शाम को टहलने के लिए वे घर से बाहर निकले तो उपद्रवियों ने उन्हें पकड़ लिया। मुझसे मेरी पहचान पूछी और फिर भारतीय हिंदू पता लगने पर मारपीट की। मुझसे लूटपाट की और लात-घूंसों से जमकर पिटाई की। वहां खड़े सभी लोग तमाशा देखते रहे, लेकिन कोई बचाने नहीं आया।

कोलकाता के बेलघरिया के रहने वाले 22 साल के सायन घोष का कहना है कि “बांग्लादेश में रहने के दौरान जब मैं और मेरा दोस्त 26 नवंबर को देर शाम टहलने के लिए निकले, तो चार-पांच बदमाशों के एक समूह ने मुझे मेरे दोस्त के आवास से लगभग 70 मीटर की दूरी पर रोक लिया। उन्होंने मुझसे मेरी पहचान के बारे में पूछा। जैसा कि मैंने उन्हें बताया था मैं भारत से आया हूं और एक हिंदू हूं तो उन्होंने मुझे मारना शुरू कर दिया। उन्होंने मुझे लात और मुक्कों से मारना शुरू कर दिया और मुझे बचाने की कोशिश करने वाले मेरे दोस्त पर भी हमला किया।”

चाकू की नोंक पर लूटपाट

घोष ने आगे बताया, “उन्होंने चाकू की नोक पर मेरा मोबाइल फोन और बटुआ भी छीन लिया। कोई भी दर्शक हमारे बचाव में नहीं आया। आसपास कोई पुलिसकर्मी नहीं था। घटना के बाद, हम श्यामपुर पुलिस स्टेशन गए लेकिन उन्होंने कोई शिकायत दर्ज करने से इनकार कर दिया। इसके बजाय, उन्होंने बार-बार पूछा जब मैंने उन्हें अपना पासपोर्ट और वीजा दिखाया और मेरे दोस्त और उसके परिवार के सदस्यों से बात की, तो वे संतुष्ट हुए और मुझसे अपने घावों का इलाज कराने के लिए कहा।”

घोष ने दावा किया, “घटना के तीन घंटे बाद मुझे वहां इलाज मिला। मेरे माथे और सिर पर कई टांके लगे थे और यहां तक ​​कि मेरे मुंह में भी चोट आई थी।” घोष आखिरकार 30 नवंबर को कोलकाता लौट सकें। उसने मामले में बेलघरिया पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने कहा, “मैं अपनी और अपने दोस्त के परिवार की सुरक्षा के डर से ढाका में भारतीय उच्चायोग जाने से बहुत डर रहा था।”

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बांग्लादेश में भीड़ ने पत्रकार मुन्नी साहा के साथ की बदसलूकी, पुलिस ने हिरासत में लिया; जानें क्या लगे आरोप

Bangladesh News: बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद हिंदुओं पर हिंसाएं हो रही हैं। मोहम्मद यूनुस की सरकार हिंदू पुजारियों पर भी कहर बरपा रही है। अल्पसंख्यकों को निशाने पर लेने के बीच अब बांग्लादेशी पत्रकारों को भी नहीं छोड़ा जा रहा है। पड़ोसी देश की वरिष्ठ पत्रकार मुन्नी साहा पर बीती रात भीड़ ने धावा बोल दिया और उन पर आरोप लगाया कि वह बांग्लादेश को भारत का हिस्सा बनाना चाहती हैं और इसके लिए वह सबकुछ कर रही हैं। बाद में पुलिस ने उन्हें भीड़ से बचाया और फिर हिरासत में भी ले लिया।

बांग्लादेश की स्थानीय मीडिया के अनुसार, पत्रकार मुन्नी साहा एंटी रिजर्वेशन प्रोटेस्ट के दौरान हुए स्टूडेंट की मौत के मामले में वॉन्टेड हैं। इसी प्रोटेस्ट के चलते बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को इस्तीफा देकर देश छोड़ना पड़ गया था। पुलिस ने बताया कि मुन्नी साहा को ढाका के कावरान बाजार इलाके से बचाया गया। उन्हें भीड़ ने घेर रखा था।

ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी रेजाउल करीम मलिक ने ‘द डेली स्टार’ अखबार को बताया, “लोगों ने उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया। उन्हें घबराहट का दौरा पड़ा। हमने उनकी स्वास्थ्य स्थिति और इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें रिहा कर दिया कि वह एक महिला पत्रकार है।” साहा को अदालत से जमानत लेने और भविष्य में पुलिस के समन का पालन करने के लिए कहा गया है।

दो और हिंदू ब्रह्मचारी गिरफ्तार: इस्कॉन कोलकाता

अंतरराष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ (इस्कॉन), कोलकाता के प्रवक्ता राधारमण दास ने शनिवार को दावा किया कि बांग्लादेश में दो और हिंदू ब्रह्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है। राधारमण ने कहा, ”मुझे जानकारी मिली है कि बांग्लादेश में पुलिस ने इस्कॉन के दो और ब्रह्मचारियों को गिरफ्तार किया है।”

राधारमण ने शुक्रवार रात को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”इस बीच, बुरी खबर आई है: चिन्मय प्रभु के लिए प्रसाद लेकर गए दो ब्रह्मचारियों को मंदिर लौटते समय गिरफ्तार कर लिया गया, और चिन्मय प्रभु के सचिव भी लापता हैं। कृपया उनके लिए प्रार्थना करें।”

इससे पहले, राधारमण ने पोस्ट किया था, ”एक और ब्रह्मचारी, श्री श्याम दास प्रभु को आज चटोग्राम पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।” राधारमण ने शनिवार को ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”क्या वह आतंकवादी जैसा दिखते हैं? बांग्लादेश के इस्कॉन के निर्दोष ब्रह्मचारियों को रिहा किया जाए। इस्कॉन के ब्रह्मचारियों की गिरफ्तारी बेहद चौंकाने वाली और परेशान करने वाली है।”

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