M4.6 Earthquake – 2 km ESE of Berkeley, CA
https://earthquake.usgs.gov/earthquakes/eventpage/ew1758534970/executive
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ताइवान भूकंप: हुआलियन के पास 6.8 तीव्रता का भूकंप, ताइपे में हिलीं इमारतें
Taiwan News: ताइवान के पूर्वी तट के पास बुधवार शाम 7:01 बजे 6.8 तीव्रता का ताइवान भूकंप आया। भूकंप का केंद्र हुआलियन शहर से लगभग 71 किलोमीटर दक्षिण में 30.9 किलोमीटर की गहराई पर था। ताइवान की केंद्रीय मौसम एजेंसी ने यह जानकारी दी। सेल फोन अलार्म बजने के कुछ सेकंड बाद ही धरती हिलने लगी। राजधानी ताइपे में इमारतें करीब एक मिनट तक हिलती रहीं, जिससे लोगों में दहशत फैल गई। हालांकि, अब तक किसी बड़े नुकसान या हताहत की सूचना नहीं मिली है।
भूकंप की तीव्रता पर अलग-अलग आकलन
ताइवान की केंद्रीय मौसम एजेंसी ने भूकंप की तीव्रता 6.8 बताई, जबकि अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण (USGS) ने इसे 5.9 मापा। USGS के अनुसार, भूकंप 31.1 किलोमीटर की गहराई पर था। ऐसी भिन्नताएं आम हैं, क्योंकि विभिन्न स्थानों पर उपकरणों की संवेदनशीलता और स्थिति अलग होती है। हुआलियन, जो ताइपे से 154 किलोमीटर दक्षिण में है, कम आबादी वाला क्षेत्र है। इसके विपरीत, ताइवान का पश्चिमी हिस्सा घनी आबादी वाला है और भूकंपों से अधिक प्रभावित होता है।
ताइवान और ‘रिंग ऑफ फायर’
ताइवान प्रशांत महासागर के ‘रिंग ऑफ फायर’ में स्थित है, जो भूकंपीय गतिविधियों का प्रमुख क्षेत्र है। यह क्षेत्र चिली से न्यूजीलैंड तक फैला है और दुनिया के अधिकांश भूकंप यहीं आते हैं। ताइवान में 1999 का 7.7 तीव्रता वाला भूकंप सबसे विनाशकारी था, जिसमें 2,415 लोग मारे गए थे। उस त्रासदी के बाद ताइवान ने निर्माण नियमों को कड़ा किया और आपातकालीन तैयारियों को बेहतर किया।
भूकंप से बचाव के उपाय
आज ताइवान में स्कूलों और कार्यालयों में नियमित भूकंप अभ्यास होते हैं। मोबाइल फोन अलर्ट सिस्टम बड़े भूकंप से पहले चेतावनी देता है। इन उपायों ने भूकंप से होने वाले नुकसान को काफी कम किया है। बुधवार के ताइवान भूकंप ने एक बार फिर लोगों को सतर्क रहने की याद दिलाई, लेकिन मजबूत तैयारियों के कारण बड़ा नुकसान टल गया।

We provide science about the natural hazards that threaten lives and livelihoods; the water, energy, minerals, and other natural resources we rely on; the health of our ecosystems and environment; and the impacts of climate and land-use change. Our scientists develop new methods and tools to supply timely, relevant, and useful information about the Earth and its processes.
Strong Earthquake Shakes Bangkok Following 7.6 Magnitude Quake in Myanmar
https://worlddefensereport.blogspot.com/2025/03/strong-earthquake-shakes-bangkok.html
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गुजरात के कच्छ में एक महीने में आया तीसरी बार आया भूकंप, 3.2 की मापी गई तीव्रता; कोई हताहत नहीं
Gujrat Earthquake: गुजरात के कच्छ जिले में रविवार सुबह भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। जिला प्रशासन ने कहा कि फिलहाल भूकंप से किसी के हताहत होने या संपत्ति को नुकसान पहुंचने की कोई खबर नहीं है। भूकंपीय अनुसंधान संस्थान (आईएसआर) ने के अनुसार, भूकंप की तीव्रता 3.2 मापी गई।
गांधीनगर स्थित आईएसआर ने कहा कि भूकंप सुबह 10.06 बजे दर्ज किया गया, जिसका केंद्र भचाऊ से 18 किलोमीटर उत्तर-उत्तर पूर्व में स्थित था। इस महीने जिले में 3 से अधिक तीव्रता की यह तीसरी भूकंपीय गतिविधि है। इससे पहले 23 दिसंबर को कच्छ में 3.7 तीव्रता का भूकंप आया था।
आईएसआर के डेटा अनुसार, 7 दिसंबर को जिले में 3.2 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था। पिछले महीने 18 नवंबर को कच्छ में 4 तीव्रता का भूकंप आया था। आईएसआर के अनुसार, इससे पहले 15 नवंबर को उत्तर गुजरात के पाटन में 4.2 तीव्रता का भूकंप आया था।
गुजरात भूकंप के लिहाज से काफी जोखिम वाला क्षेत्र है। गुजरात राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (जीएसडीएमए) के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 200 वर्षों में गुजरात में नौ बड़े भूकंप आए हैं।
जीएसडीएमए के अनुसार, 26 जनवरी 2001 को कच्छ में आया भूकंप भारत में पिछली दो शताब्दियों में तीसरा सबसे बड़ा और दूसरा सबसे विनाशकारी भूकंप था। इस भूकंप में जिले के कई शहरों और गांवों को लगभग पूरी तरह से नुकसान हुआ था, जिसमें लगभग 13,800 लोग मारे गए थे और 1.67 लाख लोग घायल हुए थे।
भूकंप आने पर क्या करें, क्या ना करें
भूकंप से पहले
• अपने घर को भूकंप प्रतिरोधी बनाने हेतु स्ट्रक्चरल इंजीनियर से सलाह लें
• दीवारों और छतों की दरारों की मरम्मत कराएं
• खुले टांड दीवार से मजबूती से बांधे और भारी सामान निचले टांडों पर रखें
• आपातकालीन किट तैयार रखें
• अपने परिवार के साथ एक निजी आपातकालीन योजना तैयार करें
• ‘झुको ढको पकड़ो’ की तकनीक सीखें
भूकंप के दौरान
• घबराएं नहीं, शांत रहें
• टेबल के नीचे जाएं, एक हाथ से अपने सिर को ढकें और भूकंप के झटके रुकने तक टेबल को पकड़े रहें
• झटके रुकते ही फौरन बाहर निकलें – लिफ्ट का इस्तेमाल न करें
• बाहर आने के बाद इमारतों, पेड़ों, दीवारों और खंभों से दूर रहें
• अगर आप गाड़ी के अंदर हैं तो गाड़ी रोककर झटके समाप्त होने तक अंदर ही रहें, पुल इत्यादि पर जाने से बचें
भूकंप के बाद
• क्षतिग्रस्त इमारतों में न जाएं
• सीढ़ियों का प्रयोग करें, लिफ्ट या एलिवेटर का इस्तेमाल न करें
• अगर मलबे में फंस गए हों:
– माचिस न जलाएं
– अपने मुंह को कपड़े से ढकें
– दीवार या नल पर खटखटाएं और आवाज करें
– सीटी बजाएं
– कोई अन्य उपाय न होने पर ही चिल्लाएं
आज सुबह 2:26 बजे भूकंप से हिला पूरा मंडी, 3.3 की मापी गई तीव्रता; प्रशासन ने की सतर्क और सुरक्षित रहने की अपील
Mandi News: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में आज तड़के भूकंप के झटकों ने लोगों को घरों से बाहर निकलने पर मजबूर कर दिया। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.3 मापी गई और इसका केंद्र जमीन से 5 किलोमीटर नीचे था।
घटना अलसुबह करीब 2:30 बजे हुई, जब अधिकतर लोग गहरी नींद में थे। भूकंप मंडी शहर में आया और एक के बाद एक 3 बार जोरदार झटके लगे। झटकों के बाद लोग बच्चों और परिवार के साथ सड़कों पर आ गए और सुबह तक घरों में लौटने की हिम्मत नहीं जुटा सके।
नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (NCS) की रिपोर्ट
NCS के अनुसार, मंडी जिला भूकंप-प्रवण जोन 5 में आता है, जहां छोटे झटके भविष्य में बड़े भूकंप का संकेत हो सकते हैं। हालांकि किसी जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन विशेषज्ञों ने सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
https://twitter.com/WorldEQLocator/status/1864986923275817027?t=eReFabN9UR8uqHWQrlMDOw&s=19
कैलिफोर्निया और टोंगा में भी भूकंप के झटके
पिछले दिन अमेरिका के कैलिफोर्निया में 7.0 तीव्रता का भूकंप आया, जिसने समुद्र तटीय क्षेत्रों में सुनामी की चेतावनी जारी करवा दी थी। वहीं, शुक्रवार को टोंगा में 5.1 तीव्रता के भूकंप ने हलचल मचा दी। हालांकि दोनों स्थानों पर किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है।
सतर्क रहें, सुरक्षित रहें
मंडी के लोग अभी भी भूकंप के बाद के झटकों को लेकर चिंतित हैं। प्रशासन ने लोगों से सतर्कता बरतने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।