Hindi News: हिमाचल के मंडी में बारिश का कहर, 3 की मौत और 2 लापता

हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में मॉनसून (Manson) अपने आखिरी पड़ाव में है, लेकिन उसका कहर थमने का नाम नहीं ले रहा। बीती रात हुई भारी बारिश ने एक बार फिर राज्य को दहला दिया। मंडी जिले के निहरी और धर्मपुर इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित हुए। निहरी में भूस्खलन से तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि धर्मपुर में अचानक आई बाढ़ में दो लोग लापता हो गए हैं।

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आत्महत्या मामला: मंडी के सरवाल गांव में युवती सुमन की जहरीला पदार्थ खाने से मौत

Himachal News: मंडी जिले के कोटली उपमंडल के सरवाल गांव में आत्महत्या मामला सामने आया। 20 वर्षीय सुमन ने जहरीला पदार्थ खाकर जान दे दी। 14 दिन पहले उसकी सगाई हुई थी। परिवार में खुशी का माहौल था। रविवार को तबीयत बिगड़ने पर उसे जोनल अस्पताल लाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लिया। जांच शुरू हो गई है।

सगाई के बाद सदमा

सुमन की सगाई 14 दिन पहले हुई थी। परिवार में उत्साह था। आत्महत्या मामला ने सभी को झकझोर दिया। सुमन के पिता दिलीप सिंह, जो ITBP में तैनात हैं, सगाई के लिए घर आए थे। परिवार ने एक दिन पहले खेतों में धान रोपाई की थी। सुमन की अचानक तबीयत बिगड़ने से परिजन उसे अस्पताल ले गए। वहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया।

पुलिस की कार्रवाई

आत्महत्या मामला की सूचना पर सदर थाना प्रभारी देश राज मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लिया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में आत्महत्या की पुष्टि हुई, लेकिन कारण स्पष्ट नहीं है। हिमाचल प्रदेश पुलिस इस मामले की गहराई से पड़ताल कर रही है।

परिवार का हाल

सुमन के पिता दिलीप सिंह और परिवार आत्महत्या मामला से गहरे सदमे में हैं। सगाई के बाद परिवार भविष्य की योजनाएं बना रहा था। सुमन की मौत ने सभी के सपनों को चकनाचूर कर दिया। ग्रामीणों ने परिवार के प्रति संवेदना जताई। गांव में शोक की लहर है। सुमन की अचानक मौत ने कई सवाल छोड़ दिए, जिनका जवाब जांच से मिलेगा।

जांच के अगले कदम

पुलिस आत्महत्या मामला की जांच में परिवार और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। सुमन ने यह कदम क्यों उठाया, इसका पता लगाया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से जहरीले पदार्थ की जानकारी मिलेगी। पुलिस ने कहा कि जांच पूरी होने तक कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जाएगा। ग्रामीण इस दुखद घटना से स्तब्ध हैं और सच सामने आने का इंतजार कर रहे हैं।

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मानहानि केस: मंडी विधायक अनिल शर्मा ने फेसबुक पत्रकार पर ठोका 20 करोड़ का मानहानि का दावा

Himachal News: मंडी सदर से भाजपा विधायक अनिल शर्मा ने एक फेसबुक पत्रकार के खिलाफ मानहानि केस दर्ज करने का ऐलान किया है। पत्रकार ने मंडी-कोटली सड़क निर्माण में देरी को लेकर शर्मा पर एक करोड़ रुपये लेने का तथ्यहीन आरोप लगाया। शर्मा ने इसे अपनी छवि को धूमिल करने की साजिश बताया। उन्होंने कहा कि वह जल्द ही एफआईआर दर्ज करवाएंगे और 20 करोड़ का दावा ठोकेंगे।

पत्रकार के आरोपों का खंडन

अनिल शर्मा ने प्रेस बयान में कहा कि फेसबुक पत्रकार के आरोप पूरी तरह निराधार हैं। उन्होंने पत्रकार से सबूत मांगे और कहा कि उनकी राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचा है। मानहानि केस की घोषणा करते हुए शर्मा ने बताया कि उनके 40 साल के करियर में पहली बार ऐसे आरोप लगे। उन्होंने सरकार से ऐसी पत्रकारिता पर लगाम लगाने की मांग की। हिमाचल पुलिस से एफआईआर की प्रक्रिया शुरू होगी।

सड़क निर्माण में देरी पर दुख

शर्मा ने कहा कि वह खुद मंडी-कोटली सड़क निर्माण में देरी से दुखी हैं। उन्होंने स्थानीय लोगों की चिंताओं को समझते हुए कहा कि अगर भ्रष्टाचार के आरोपों की सीबीआई जांच की मांग उठती है, तो वह इसका समर्थन करेंगे। मानहानि केस के साथ-साथ वह क्षेत्र के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं। शर्मा ने कहा कि उनकी लड़ाई झूठे आरोपों के खिलाफ है।

छवि को नुकसान का दावा

अनिल शर्मा ने कहा कि फेसबुक पत्रकार की लाइव रिपोर्टिंग ने उनकी साख को ठेस पहुंचाई। उन्होंने बताया कि यह पहली बार है जब उन पर इस तरह के गंभीर आरोप लगे। मानहानि केस में वह 20 करोड़ रुपये का हर्जाना मांगेंगे। शर्मा ने जोर देकर कहा कि वह अपनी और अपने क्षेत्र की छवि को बरकरार रखने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ेंगे।

जनता का भरोसा जीतने की कोशिश

मंडी-कोटली सड़क निर्माण की देरी को लेकर शर्मा ने लोगों की नाराजगी को स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि वह विधायक के रूप में क्षेत्र के विकास के लिए काम कर रहे हैं। शर्मा ने जोर देकर कहा कि वह झूठे आरोपों को बर्दाश्त नहीं करेंगे। इस मानहानि केस ने स्थानीय स्तर पर पत्रकारिता की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाए हैं।

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ससुर की मौत की खबर सुनकर ससुराल जा रहा दामाद खाई में गिरा, पुलिस ने शुरू की मामले की जांच

Mandi News: अपने ससुर की मौत की खबर सुनकर सुसराल जा रहे दामाद की भी खाई में गिरने से मौत हो गई। एक ही रात में दो परिवारों को गहरे जख्म मिल गए। बेटी ने जहां पहले अपने पिता को खो दिया और कुछ घंटों बाद उसका सुहाग भी उजड़ गया। उपमंडल की ग्राम पंचायत चेली के धवापा में एक युवक का शव खाई में पड़े हुए लोगों ने देखा तो इस बात का पता चला।

जिसके बाद शव की पहचान धनी राम 35 पुत्र शेर सिंह गांव धनाहण डाकघर पदवाहन तहसील पधर के रूप में हुई। जानकारी के अनुसार रविवार को धनी राम के ससुर की मौत हो गई। इस बात का पता चलने पर धनी राम की पत्नी अहल्या देवी अपने मायके पहुंच गई। जबकि धनी राम मंडी शहर से रविवार शाम को सुसराल के लिए रवाना हुआ।

मंडी से आधे रास्ते पहुंचने के बाद वह पैदल ही अंधेरे में सरौंझ के लिए निकल पड़ा, लेकिन रास्ते में खहरी खाई में जा गिरा। चोटे लगने और ठंड के कारण सोमवार सुबह तक उसकी मौत हो गई। सुबह जब लोगों ने युवक का शव कुन्नू -कुफ री वाया सरोंझ सडक़ से नीचे करीब 50 फुट पर पड़ा हुआ देखा तो इस बात का खुलासा हुआ।

हालांकि युवक की मौत गिरने से हुई या किसी अन्य वजह से हुई, पुलिस इसकी जांच कर रही है। मृतक अपने बेटी पत्नी, एक बेटी और बेटा छोड़ गया है। अहल्या पर एक साथ दो बड़ी मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है। अब न तो पिता का साया रहा और न ही पति का साथ। शव परिजनों को सौंप दिया है। अहल्या को 25 हजार रुपये की फौरी राहत दी गई है। उधर थाना प्रभारी पद्धर सौरभ ठाकुर ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है।

बर्फ बारी और बारिश के दौरान संभलकर चलाएं गाडिय़ां

हिमाचल में पर्यटक सीजन पीक पर है। इस दौरान कुल्लू, मंडी और लाहुल -स्थिति के पुलिस अधीक्षकों ने पर्यटकों की सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाल रखी है। पुलिस अधीक्षक मंडी साक्षी वर्मा ने भी मंडी में अतिरिक्त पुलिस जवानों की तैनाती कर दी है ताकि ट्रैफिक व्यवस्था को भी सुचारू रूप से चलाया जा सके। साक्षी वर्मा ने पर्यटकों से भी अपील की है कि वाहन चालक बर्फ बारी और बारिश के दौरान संभलकर वाहन चलाएं और नियमों की भी पालना करें। उन्होंने कहा कि नववर्ष को लेकर बहुत से पर्यटक हिमाचल घुमने आते हैं, जिसका हिमाचल में स्वागत है। ी साक्षी वर्मा ने बताया कि पर्यटकों की सहायता और सुरक्षा के लिए मंडी में 35 अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई है।

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कांगू में देर रात युवक ने दराट लेकर मचाया उत्पात, आधा दर्जन वाहनों के शीशे तोड़े; दो होटलों के मेन गेट भी तोड़े

Mandi News: सुंदरनगर उपमंडल के ग्राम पंचायत कांगू के गांव देहवी में देर रात एक युवक ने फोरलेन सड़क पर जमकर उत्पात मचाया। हुड़दंगी युवक ने आधे दर्जन से अधिक वाहनों के शीशे तोड़े और दो होटलों के मेन गेट को भी नष्ट कर दिया, जिससे लाखों रुपए का नुक्सान हुआ। यह घटना रात करीब एक बजे की है, जब युवक हाथ में दराट लेकर सड़क पर घूम रहा था और अचानक होटल तथा वाहनों के शीशे तोड़ने शुरू कर दिए।

जानकारी के अनुसार, देहवी में स्थित होटल का मुख्य द्वार युवक ने हथौड़े से तोड़ दिया। इसके अतिरिक्त एक अन्य होटल का गेट भी क्षतिग्रस्त कर दिया। इस घटनाक्रम की सीसीटीवी फुटेज भी सामने आई है, जिसमें युवक गाड़ियों और होटलों की तोड़फोड़ करता साफ दिखाई दे रहा है।

वहीं एक होटल मालिक ने इस बाबत डैहर पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने सूचना मिलते ही तत्परता से कार्रवाई की और हुड़दंगी युवक बाबू राम उर्फ बबलू को मौके से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने कुल मिलाकर आधा दर्जन चौपहिया और 3 दोपहिया वाहनों को नुक्सान पहुंचाया। पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है।

इस घटना के बाद इलाके में डर का माहौल बना हुआ है और स्थानीय निवासियों ने पुलिस से इस मामले में शीघ्र और उचित कार्रवाई की मांग की है। डीएसपी सुंदरनगर भारत भूषण ने इस मामले की पुष्टि की है और कहा कि पुलिस जांच कर रही है।

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मंडी के चार मील के पास चलती कार पर गिरे पत्थर, मुंबई निवासी महिला की मौत; दो अन्य हुए घायल

Mandi News: हिमाचल प्रदेश के मंडी में रविवार (29 दिसंबर) को एक दर्दनाक हादसा हुआ है. मंडी के 4 मील के पास एक चलती कार पर अचानक ऊपर पहाड़ी से पत्थर आ गिरे. इस हादसे में एक महिला की मौत हो गई है जबकि 2 लोग घायल हुए हैं.

बताया जा रहा है कि हादसे का शिकार हुए कार सवार मुंबई के रहने वाले थे. ये सभी लोग मनाली घूमने आए थे और वापस मुंबई जा रहे थे, इसी दौरान हादसा हो गया.

बताया जा रहा है कि यहां आसपास निर्माण कार्य चल रहा था. हादसे का शिकार हुई इस गाड़ी का नंबर HR-45-E-4591 है. मंडी जिला से हादसे के बाद जो तस्वीर सामने आई है, वह दिल दहला देने वाली है. गाड़ी पर भारी-भरकम पत्थर गिरने की वजह से गाड़ी की छत पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई.

प्रशासन ने सावधानी से ड्राइविंग की सलाह दी

बताया जा रहा है कि गाड़ी के दाएं हिस्से की तरफ बड़ा पत्थर आकर गिरा. इसी वजह से कार सवार महिला की जान चली गई गई और अन्य दो गंभीर रूप से घायल हुए. स्थानीय प्रशासन ने लोगों से एहतियात बरतने की अपील की है. इस तरह के मौसम में सावधानीपूर्वक ड्राइविंग करने की सलाह दी गई है.

जंजैहली में भी पहाड़ से गिरे पत्थर

इससे पहले दोपहर के वक्त हिमाचल प्रदेश के जिला मंडी के जंजैहली में भी कुछ इसी तरह का हादसा हुआ. यहां भी भारी भरकम पत्थर गाड़ियों पर गिर गए थे. जंजैहली में एक पहाड़ी से बड़ी-बड़ी चट्टानें रास्ते पर आ गिरी थीं. इस हादसे में तीन गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं. पहाड़ी से चट्टानें गिरने से एक बोलेरो कैंपर को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ, जबकि दूसरी बोलेरो और एक अन्य टिप्पर को भी नुकसान पहुंचा. हालांकि राहत की बात यह रही कि जंजैहली में हुए इस हादसे में किसी की जान नहीं गई.

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केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के इंस्पेक्टर की तबियत बिगड़ने से हुई मौत, सैन्य सम्मान के साथ किया गया अंतिम संस्कार

Mandi News: जोगिंद्रनगर में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवान इंस्पेक्टर ज्ञान चंद का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय और सैन्य सम्मान के साथ विकास खंड चौंतड़ा के मोक्षधाम में हुआ। इस दौरान सैकड़ों लोगों के साथ स्थानीय राजनेताओं प्रशासनिक अधिकारियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाकर भावविहीन श्रद्धांजलि दी।

पत्नी सुभद्रा ने सुहाग के जोड़े में रोते बिलखते अपने पति को अंतिम विदाई दी। भारत माता की जय और ज्ञान चंद अमर रहे के नारों की गूंज भी अंतिम संस्कार की रस्मों के दौरान गूंजती रही।

सैनिक की अंतिम विदाई के समय माहौल भी गमहीन रहा। पत्नी सुभद्रा अपने पति के निधन पर स्तब्ध दिखी। रोते बिलखते हुए वह बेहाश भी होती रही। मौके पर मौजूद परिजनों के साथ क्षेत्र के लोग परिजनों को सांत्वना देने के लिए देर शाम तक आते-आते रहे। वीरवार सुबह करीब 11 बजे चंडीगढ़ से मंडी के जोगिंद्रनगर चौंतड़ा ब्लॉक की टिकरी मुशैहरा पंचायत में चंडीगढ़ की केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवानों ने अपने सहयोगी सैनिक को सैन्य सम्मान दिया। तिरंगे में लिपटी पार्थिव देह को सेना के उच्च अधिकारियों ने श्रद्धांजलि दी।

दोपहर 12 बजे के उपरांत चौतड़ा ब्लॉक के ही मोक्ष धाम में सैनिक की पार्थिव देह का अंतिम संस्कार हिंदू रीति-रिवाज के साथ पूरा हुआ। तहसीलदार जोगिंद्रनगर डॉ. मुकुल शर्मा, टिकरी मुशैहरा पंचायत के प्रधान रवींद्र, कांग्रेस नेता जीवन ठाकुर के साथ भाजपा के पदाधिकारियों ने भी सैनिक के अंतिम संस्कार के दौरान अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। पंचतत्व में विलीन हुए इंस्पेक्टर ज्ञान चंद के दोनों बेटे अक्षित, अतुल कौंडल ने नम आंखों से अपने पिता की पार्थिव देह को कांधा देकर विदा किया। इससे पहले दोनों बेटों ने अंतिम संस्कार की रस्मों को पूरा किया और मुखाग्नि भी दी।

बता दें कि छत्तीसगढ़ में तैनात इंस्पेक्टर ज्ञान चंद छुट्टी लेकर घर आए थे। मंगलवार को अचानक उनकी तबीयत खराब हो गई। परिजन जब दिल्ली के एक बड़े अस्पताल में उपचार के लिए ले जा रहे थे। इसी बीच तबीयत और अधिक बिगड़ने पर जिला कांगड़ा के पालमपुर अस्पताल में उपचार के दौरान मंगलवार देर शाम उनका निधन हो गया।

दो दिन बाद चौंतड़ा के मोक्षधाम में वीरवार को दोपहर बाद सैनिक का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय और सैन्य सम्मान के साथ हुआ। परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार भारतीय सेना के इस जवान को कैंसर की गंभीर बीमारी ने जकड़ लिया था। दिल्ली के सेना अस्पताल में वह बीते दिनों से उपचार भी हासिल कर रहे थे। इधर विधायक प्रकाश राणा, एसडीएम मनीष चौधरी, कांग्रेस नेता जीवन ठाकुर ने उपमंडल जोगिंद्रनगर से संबंध रखने वाले सैनिक के निधन पर शोक जताया है।

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मंडी के धर्मपुर में बालन के कटान पर हाई कोर्ट ने जारी किए सख्त आदेश, कहा, प्रतिबंधित पेड़ों का न हो कटान

Shimla News: हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने मंडी के धर्मपुर में बालन की लकड़ी के कटान सहित अंधाधुंध पेड़ काटने के मामले में सरकार को कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश राकेश कैंथला की खंडपीठ ने सरकार को यह सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं कि वहां पर कोई अवैध तरीके से प्रतिबंधित प्रजातियों के पेड़ों का कटान न हो। अगर कोई नियमों का उल्लंघन करते हुए और बिना परमिट के पेड़ काटते हुए पाया जाए तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। इस मामले में रिन्यूवल ऊर्जा कंपनी को दस्ती नोटिस जारी किया गया है। इस कंपनी की निदेशक एक नेता की पत्नी हैं। मामले की अगली सुनवाई एक जनवरी को होगी।

याचिकाकर्ता ने याचिका में सात लोगों को प्रतिवादी बनाया है, जिनमें से अदालत ने एक से चार क्रम तक रखे गए प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर दिए हैं। इनमें सचिव वन, डीएफओ जोगिंद्रनगर, रेंज वन अधिकारी धर्मपुर और रेंज अधिकारी कमलाह शामिल हैं। पांचवां प्रतिवादी एक रिन्यूवल ऊर्जा कंपनी की निदेशक को बनाया गया है, जो एक नेता की पत्नी हैं। इस कंपनी निदेशक को दस्ती नोटिस जारी किया गया है। कंपनी पर आरोप लगाया गया है कि पेड़ों का अंधाधुंध कटान किया जा रहा है और इन्हें बेचा जा रहा है। एसपी मंडी के अलावा एक अन्य महिला को भी प्रतिवादी बनाया गया है। याचिकाकर्ता की ओर से जनहित याचिका दायर की गई, जिसमें आरोप लगाया गया कि इस क्षेत्र में घरेलू इस्तेमाल के लिए काटे जा रहे पेड़ों के साथ और पेड़ भी काटे जा रहे हैं, जिन्हें बाद में बेचा जा रहा है। उधर, धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र में हुए इस पेड़ कटान की जांच के लिए भाजपा ने विधायकों की एक कमेटी भी बनाई है। यह कमेटी अपने स्तर पर मामले की जांच कर रही है।

41 लोगों को करुणामूलक नौकरियां देने का क्या था आधार, हलफनामा दें सीएस : कोर्ट

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने नियमों को ताक पर रखकर करुणामूलक आधार पर नौकरियां देने के मामले में सरकार और स्वास्थ्य विभाग को कड़ी फटकार लगाई है। उच्च न्यायालय ने स्वास्थ्य विभाग पर तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि करुणामूलक नौकरियां देते समय कोई पारदर्शिता नहीं बरती गई। जिसकी राजनीति में पैठ है, उसे ही फायदा दिया जा रहा है। आम लोगों की सुनवाई कहीं भी नहीं हो रही है। उनके पास अदालत का दरवाजा खटखटाने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।

हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव से अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत तौर पर इस पर हलफनामा दायर करने के निर्देश दिए हैं कि 5 फीसदी करुणामूलक कोटे के तहत 41 लोगों को किस आधार पर नौकरी दी गई है। न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की अदालत ने कहा कि जिसकी व्यवस्था में पहुंच है, उसी की चल रही है। अदालत ने सरकार को याचिकाकर्ता को तत्काल नियुक्ति प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने कहा कि आवेदक का नाम करुणामूलक सूची में 5वें नंबर पर है। इसके बाद भी विभाग ने उसके नीचे वाले 41 लोगों को क्लर्क की नौकरियां दे दीं। अगली सुनवाई 8 जनवरी को होगी। न्यायाधीश गोयल की अदालत ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग ने क्लर्क के पद पर अनुकंपा के आधार पर उन लोगों को नियुक्तियां दे दीं, जिनके माता-पिता व पति-पत्नी की मौत वर्ष 2013 में याचिकाकर्ता के बाद हुई है।

क्या है मामला

आवेदक की मां स्वास्थ्य विभाग में वार्ड सिस्टर के पद पर तैनात थीं। वर्ष 2013 में उनकी मौत हो गई। आवेदक ने 2014 में स्वास्थ्य विभाग में अनुकंपा आधार पर करुणामूलक नौकरी के लिए 5 फीसदी कोटे के तहत आवेदन किया। इस सूची में उसका नाम पांचवें नंबर पर था। विभाग ने साल 2022 में इसके आवेदन को खारिज कर दिया। याचिकाकर्ता ने इसके खिलाफ वर्ष 2022 में हाईकोर्ट में याचिका दायर की। अदालत ने वर्ष 2023 में इस मामले का निपटारा करते हुए विभाग को 5 फीसदी कोटे के तहत इस पर ताजा निर्णय लेने के आदेश दिए। विभाग ने इसके बाद इस पर कोई निर्णय नहीं लिया। याचिकाकर्ता ने उसके बाद अदालत के आदेशों को लागू करने के लिए निष्पादन याचिका दायर की। अदालत ने अपने पिछले आदेश में विभाग को आदेश दिए थे कि 18 मई 2013 के बाद 5 फीसदी कोटे में क्लर्क पद पर कितनी नियुक्तियां की गई हैं। इस पर स्वास्थ्य विभाग के निदेशक की ओर से अदालत में पेश हलफनामे में बताया गया कि 41 लोगों को 5 फीसदी कोटे के तहत नियुक्तियां दी गई हैं।

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मंडी में निजी स्कूल छात्रा ने चौथी मंजिल से लगाई छलांग, गंभीर रूप से हुई घायल; इलाके में फैली सनसनी

Mandi News: मंडी शहर के समीप शुक्रवार दोपहर एक निजी स्कूल की चौथी मंजिल से गिरकर 12वीं कक्षा का छात्र गंभीर रूप से घायल हो गया। छात्रा के अचानक इस कदम से स्कूल में सनसनी फैल गई। घायल छात्रों को तुरंत जोनल अस्पताल मंडी और फिर नेरचौक मेडिकल कॉलेज ले जाया गया।

नेरचौक मेडिकल कॉलेज से छात्रा को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया है। मंडी पुलिस ने भी स्कूल पहुंचकर मामले की जांच की। हालांकि शुक्रवार देर शाम तक छात्रा के परिजनों की ओर से पुलिस में कोई शिकायत दर्ज नहीं करवाई गई है। पुलिस अपने स्तर पर मामले की जांच कर रही है।

स्कूल की सीसीटीवी फुटेज भी देखी गई है। कुछ प्रत्यक्षदर्शी छात्रों ने भी पुलिस को घटना के बारे में बताया है, लेकिन पुलिस मामले के सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार छात्रा ने चौथी मंजिल से छलांग लगाई है।

छात्रा का परिवार मंडी जिले से संबंध रखता है और उसके पिता अपने परिवार के साथ मंडी शहर में किराए के कमरे में रहते हैं। इस घटना के बाद से परिवार के लोग भी चिंतित हैं। डॉक्टरों के अनुसार छात्रा के पैरों में गंभीर चोटें आई हैं। उधर, एएसपी मंडी सागर चंद ने बताया कि इस बारे में सूचना मिली थी, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।

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पांच दिन बाद दंपति ने हॉस्पिटल प्रशासन पर लगाए नवजात की मौत के आरोप, कहा, पेट पर चढ़कर करवाई थी डिलीवरी

Mandi News: सिविल अस्पताल सुंदरनगर पर एक दंपत्ति ने बच्चे के जन्म में लापरवाही बरतने का गंभीर आरोप लगाया है। दंपत्ति ने अस्पताल प्रशासन पर आरोप लगाया है कि प्रसव के पांच दिन बाद नवजात बच्चे की मौत हो गई। यह मामला बल्ह उपमंडल के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत ढाबन के डडोह का है। धनी राम नामक व्यक्ति अपनी पत्नी को प्रसव के लिए सिविल अस्पताल सुंदरनगर लेकर आया था।

महिला को 18 दिसंबर को अस्पताल में भर्ती कराया गया था

महिला को 18 दिसंबर को डिलीवरी के लिए सिविल अस्पताल सुंदरनगर में भर्ती कराया गया था। शिकायतकर्ता अर्चना ने बताया, “मैं 26 घंटे तक दर्द में रही, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने कोई ध्यान नहीं दिया। न तो उन्होंने मुझे अस्पताल से रेफर किया और न ही मेरी सिजेरियन डिलीवरी की। मुझे नॉर्मल डिलीवरी के लिए इंतजार करने को कहा गया और मैं 18 दिसंबर की पूरी रात दर्द में रही।”

महिला की डिलीवरी 19 दिसंबर को हुई

पीड़ित महिला ने जानकारी देते हुए बताया, “ड्यूटी पर मौजूद पैरामेडिकल स्टाफ ने डॉक्टर को बताए बिना 26 घंटे बाद (19 दिसंबर की सुबह) मेरी नॉर्मल डिलीवरी की और लेबर रूम में मेरे पेट पर चढ़कर जबरन बच्चे को बाहर निकाल लिया। बच्चा पैदा होते ही बिल्कुल भी नहीं रोया। ऐसे में बच्चे को मशीन में डालकर मेडिकल कॉलेज नेरचौक रेफर कर दिया गया, जहां इलाज के दौरान बच्चे की मौत हो गई।”

महिला ने लगाए ये आरोप

पीड़ित महिला ने अस्पताल प्रशासन पर आरोप लगाया कि मेरी डिलीवरी 26 घंटे देरी से हुई। 9 महीने में मेरे बच्चे के सभी टेस्ट नॉर्मल थे, तो ऐसा क्या हुआ कि बच्चे के जन्म लेते ही उसके शरीर के सभी अंग फेल हो गए। इसमें अस्पताल प्रशासन की गलती है।

23 दिसंबर को हुई नवजात की मौत

अर्चना के पति धनी राम ने कहा, “मेरी पत्नी लेबर रूम में दर्द से तड़पती रही। डिलीवरी के समय किसी को अंदर नहीं जाने दिया गया। जब बच्चा पैदा हुआ तो उसे मुझे सौंप दिया गया और बच्चे को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। मेरा बच्चा पांच दिन तक जीवित रहा। डॉक्टरों ने कहा कि बच्चा 26 घंटे गर्भ में रहा, जिस कारण उसके अंग फेल हो गए हैं।” नवजात की 23 दिसंबर को नेरचौक मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान मौत हो गई।

पीड़ित महिला के पति ने आरोप लगाया कि लेबर रूम में मेरी पत्नी के साथ हुए दुर्व्यवहार की जांच होनी चाहिए। मामले की शिकायत मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर-1100 पर की गई है। इसके अलावा स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल, नाचन विधायक विनोद कुमार, सुंदरनगर विधायक राकेश जम्वाल और सुंदरनगर अस्पताल प्रबंधन को भी ईमेल के माध्यम से शिकायत भेजी गई है। मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

इस संबंध में सीएमओ मंडी डॉ. नरेंद्र भारद्वाज ने कहा कि मामले को लेकर एसएमओ से बात की है, लेकिन वह छुट्टी पर हैं। इस मामले में दूसरे डॉक्टर से बात की है तो पता चला है कि परिजनों ने एसएमओ सुंदरनगर को शिकायत भेजी है। शिकायत के बाद मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। अब फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट आने के बाद ही मामले का पता चल पाएगा।

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