Home Minister Amit Shah – देश में मुस्लिम आबादी तेजी से बढ़ रही, हिंदू जनसंख्या में गिरावट की दी वजह #AmitShah #PopulationControl #HinduPopulation #MuslimPopulation #AmitShahStatement #IndiaPolitics #PopulationBalance #BharatKiJansankhya #AmitShahNews #IndianPolitics #PopulationControlLaw #India #News #जनसंख्या_नियंत्रण #अमितशाह #भारत_की_जनसंख्या
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अमित शाह स्वास्थ्य यात्रा साझा करता है, युवाओं से फिटनेस, नींद को प्राथमिकता देने का आग्रह करता है
ILBS द्वारा एक विश्व लिवर डे इवेंट में, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मई 2020 से अपने व्यक्तिगत स्वास्थ्य परिवर्तन को साझा किया। उन्होंने आज उन्हें लाइव दवा-मुक्त करने में मदद करने के लिए उचित नींद, जलयोजन, आहार और नियमित व्यायाम का श्रेय दिया। शाह ने युवाओं को व्यायाम करने के लिए रोजाना दो घंटे समर्पित करने के लिए प्रोत्साहित किया और बेहतर शारीरिक और मानसिक कल्याण के लिए छह घंटे की नींद सुनिश्चित की। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “… मैंने मई 2020 से आज से अपने जीवन में एक बड़ा बदलाव किया। #AMitShah #amitshahnews #Diabetes #yoga
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At a World Liver Day event by ILBS, Union Home Minister Amit Shah shared his personal health transformation since May 2020. He credited proper sleep, hydration, diet, and regular exercise for helping him live medicine-free today. Shah encouraged the youth to dedicate two hours daily to exercise and ensure six hours of sleep for better physical and mental well-being. Union Home Minister Amit Shah said, "... I made a huge change in my life since May 2020 till today. #AmitShah #AmitShahNews #Diabetes #Yoga
अमित शाह के खिलाफ सड़कों पर उतरे भीम आर्मी समेत यह संगठन, जानें क्या बोले रवि कुमार दलित
Dharmshala News: हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में रविदास महासभा, ऑल इंडिया अंबेडकर सभा और भीम आर्मी ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ धरने का आयोजन किया था। इस दौरान धरना प्रदर्शन किया गया और रैली भी निकाली गई। दलित संगठनों के कार्यकर्ताओं के अमित शाह मुर्दाबाद के नारों से आसमान गूंज उठा। इस कार्यक्रम में भारी संख्या में दलित और दूसरे समुदायों के लोग शामिल हुए तथा सभी ने अमित शाह के बयानों पर आपत्ति जाहिर की।
उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री से तत्काल माफी मांगने और इस्तीफा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि संविधान निर्माता बाबा साहब का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर अमित शाह माफी नहीं मांगते और केंद्र सरकार उनको गृहमंत्री के पद से नहीं हटाती तो फिर बड़े पैमाने पर उग्र आंदोलन किए जाएंगे।
इस मौके पर भीम आर्मी हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष रवि कुमार दलित विशेष तौर पर मौजूद रहे। रवि कुमार ने कहा कि बाबा साहब के कारण आज देश के दलितों की अच्छा खाने, अच्छा पहनने और शिक्षा समेत सभी अधिकार मिले है। पानी पीने तक का अधिकार बाबा साहब भीम राव अंबेडकर ने दिलाया है। वह हमारे लिए किसी भी भगवान या देवता से ऊपर है। उन्होंने कहा कि देश की महिलाओं को अधिकार दिलाने वाले एक मात्र शख्स का नाम बाबा साहब भीम राव अंबेडकर है। हम उनका इस तरह से संसद में अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे।
रवि कुमार दलित ने पूछा कि जब बाबा साहब ने कानून बनाते समय किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं किया, सभी को समान रूप से अधिकार दिए तो उनके साथ ऐसा व्यवहार क्यों? उन्होंने केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि सभी तक हमारे शीर्ष नेतृत्व से किसी तरह के आदेश नहीं है। जिस दिन हमें शीर्ष नेतृत्व से आदेश मिलेंगे हम इनको इनकी कुर्सी से उतार देंगे। ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति बाबा साहब भीम राव अंबेडकर के सम्मान में गुस्ताखी न कर सके।
आज अमित शाह के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेगी हिमाचल कांग्रेस, इस्तीफा देने की उठाई जाएगी मांग
Himachal Pradesh Politics: हिमाचल प्रदेश कांग्रेस ने गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ विरोध मार्च निकालने का फैसला लिया है. यह विरोध मार्च मंगलवार (24 दिसंबर) को होगा और इसके जरिए गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफा देने की मांग उठाई जाएगी. हिमाचल कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने कहा कि केंद्रीय मंत्री अमित शाह जब तक डॉ. भीमराव अंबेडकर पर दिए गए बयान को लेकर माफी नहीं मांग लेते, तब तक कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन देश भर में जारी रहेगा.
24 दिसंबर को पूरे प्रदेश में धरना प्रदर्शन
मंडी संसदीय क्षेत्र से पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह ने बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर का नहीं, बल्कि देश के संविधान का अपमान किया है. प्रतिभा सिंह ने कहा कि इसके लिए उन्हें देश से माफी मांगनी चाहिए. हिमाचल कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता कुलदीप सिंह राठौर ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को सदन में जाने से रोका गया.
उन्होंने कहा कि यह चुने हुए प्रतिनिधि के अधिकारों का हनन है. उन्होंने इसे भारतीय जनता पार्टी की सुनियोजित साजिश बताया. प्रतिभा सिंह ने बताया कि हिमाचल कांग्रेस राष्ट्रीय आह्वान पर 24 दिसंबर को पूरे प्रदेश में धरना प्रदर्शन करेगी. यह प्रदर्शन जिला स्तर पर भी होगा. इसके बाद विभिन्न जिला उपायुक्तों के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा जाएगा. कांग्रेस गृह मंत्री अमित शाह के विरोध में मार्च करेगी और उन्हें अपने पद से हटाने की मांग उठाएगी.
राष्ट्रीय आह्वान के बाद सड़कों पर उतरेगी हिमाचल कांग्रेस
वहीं, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता और ठियोग के विधायक कुलदीप सिंह राठौर ने कहा कि देश के लोगों ने अब भाजपा का संविधान विरोधी चेहरा देख लिया है. गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में संविधान निर्माता बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर का जिस तरह से अपमान किया है, वह कभी सहन नहीं किया जा सकता.
उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा ही संविधान और सांप्रदायिक एकता की विरोधी रही है. उन्होंने बताया कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर 24 दिसंबर को देशभर में कांग्रेस गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ विरोध मार्च करते हुए देश के सभी जिलों से राष्ट्रपति को ज्ञापन देगी. राठौर ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी देश की प्रखर आवाज बन रहे हैं. संसद में उनकी आवाज दबाने के लिए भाजपा तरह तरह के षड्यंत्र रच रही है.
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अमित शाह का एडिट वीडियो शेयर करना पड़ा भारी, X ने कांग्रेस नेताओं को भेजे नोटिस; जानें पूरा मामल
Amit Shah News: कांग्रेस पार्टी ने दावा किया कि उसके कुछ नेताओं को बुधवार (18 दिसंबर) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स से नोटिस मिला है। असल में कांग्रेस के कुछ नेताओं ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कुछ वीडियो क्लिप शेयर किए हैं। जो एडिटेड वीडियो है। अमित शाह का एडिटेड वीडियो शेयर करने पर कांग्रेस नेताओं को एक्स नोटिस जारी कर रहा है।
एक्स ने नोटिस जारी तब किया, जब भाजपा ने आरोप लगाया था कि कांग्रेस राज्यसभा में बीआर आंबेडकर के बारे में अमित शाह के भाषण के संपादित वीडियो शेयर कर रही है। सूत्रों ने दावा किया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुरोध पर कांग्रेस के हैंडल को नोटिस जारी किया गया था।
कांग्रेस के वीडियो शेयर करने पर खड़ा हुआ राजनीतिक विवाद!
कांग्रेस द्वारा अमित शाह के भाषण की एक क्लिप साझा करने के बाद एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था, जिसमें उन पर भारतीय संविधान के निर्माता बीआर अंबेडकर का अपमान करने का आरोप लगाया गया था। भाजपा ने जवाबी हमला किया, यहां तक कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी आरोपों का जवाब देने के लिए कदम उठाया है।
कांग्रेस द्वारा शेयर किए गए वीडियो में अमित शाह कहते हुए दिखाई दे रहे हैं, “आंबेडकर , आंबेडकर , आंबेडकर , आंबेडकर , आंबेडकर , आंबेडकर कहना एक फैशन बन गया है। अगर वे इतनी बार भगवान का नाम लेते, तो उन्हें सातों जन्मों में स्वर्ग में जगह मिल जाती।”
कांग्रेस ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि यह आंबेडकर का अपमान है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इसे “आंबेडकर के योगदान और संविधान को मिटाने का प्रयास” बताया, जिसे पूरा देश जानता है।
अमित शाह को बर्खास्त करे पीएम मोदी, उन्हें कैबिनेट में रहने का नहीं कोई अधिकार; मल्लिकार्जुन खरगे
Delhi News: संसद में भीमराव आंबेडकर पर की गई अमित शाह की टिप्पणी को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार को जमकर निशाना साधा। खरगे ने पीएम मोदी से मांग की कि वे आज रात 12 बजे तक गृह मंत्री अमित शाह को बर्खास्त करें।
उन्हें (अमित शाह) कैबिनेट में रहने का कोई अधिकार नहीं है। मालूम हो कि शाह ने मंगलवार को संसद में आंबेडकर का जिक्र किया था, जिसके बाद विपक्ष आगबबूला हो गया। कांग्रेस के तमाम नेताओं ने एक वीडियो अंश जारी किया, जिसमें गृह मंत्री विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए यह कहते सुने जा सकते हैं , ”अभी एक फैशन हो गया है- आंबेडकर, आंबेडकर…। इतना नाम अगर भगवान का लेते तो सात जन्मों तक स्वर्ग मिल जाता।” संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू ने कहा है कि गृह मंत्री की बातों को तोड़ मरोड़कर पेश किया गया है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, ”कल अमित शाह ने एक बात कही जो बहुत ही निंदा करने लायक है। मुझे मजबूरन कहना पड़ रहा है कि ये लोग संविधान को नहीं मानते हैं। स्वर्ग और नर्क की बात करते हैं तो मनुस्मृति की बात करते हैं। उसमें ही लिखा है कि क्या स्वर्ग और क्या नर्क है। जिस विचारधारा को आंबेडकर नहीं मानते, स्वर्ग और नर्क की बात कही नहीं, वह बात अमित शाह ने कही। पीएम मोदी ने उन्हें डिफेंड करने के लिए छह ट्वीट्स किए। क्या जरूरत थी? अगर आप बाबा साहेब के बारे में कोई गलत बोलता है तो उन्हें कैबिनेट से निकाल देना चाहिए, लेकिन दोनों बहुत गहरे दोस्त हैं और एक-दूसरे के पाप को सपोर्ट करते हैं।”
कांग्रेस प्रमुख खरगे ने भीमराव आंबेडकर पर गृह मंत्री की टिप्पणी पर कहा कि अमित शाह को यह बताने के बजाय कि यह गलत है, प्रधानमंत्री मोदी उनका बचाव कर रहे हैं। ये लोग संविधान में विश्वास नहीं रखते। उन्होंने कहा, ”हम चाहते हैं कि अमित शाह को माफी मांगनी चाहिए और पीएम मोदी को थोड़ा बहुत भी आंबेडकर को लेकर श्रद्धा है तो अमित शाह को रात 12 बजे तक बर्खास्त कर देना चाहिए। जो व्यक्ति संविधान की शपथ लेकर संसद पहुंचता है, वह उस संविधान की अपमान करता है तो उसको कैबिनेट में रहने का कोई अधिकार नहीं है, उन्हें तुरंत बर्खास्त करना चाहिए। तभी इस देश के लोग शांत रहेंगे, नहीं तो हर जगह बाबा साहेब के नारे लगाएंगे और उनके लिए जान देने तक को तैयार हैं।”
इससे पहले खरगे ने संसद परिसर में संवाददाताओं से बातचीत में यह दावा भी किया कि शाह की टिप्पणी का यह मतलब था कि बाबासाहेब का नाम लेना भी गुनाह है। उन्होंने कहा, ”अमित शाह जी ने कल सदन (राज्यसभा) में जब बाबासाहेब आंबेडकर जी का नाम लेकर बयान दिया, तब मैंने हाथ उठाकर बोलने की इजाजत मांगी थी। लेकिन मुझे बोलने का मौका नहीं दिया गया। उस समय हम सब सहयोग की भावना से चुपचाप बैठे रहे, क्योंकि हम संविधान पर चर्चा कर रहे थे।” राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष के अनुसार, गृह मंत्री ने जिस तरह से बाबासाहेब का अपमान किया, उसे लेकर पूरे विपक्ष ने विरोध जताया है। खरगे ने आरोप लगाया कि अमित शाह और भाजपा के लोगों के दिमाग में जो ‘मनुस्मृति’ और आरएसएस की विचारधारा है, वह दर्शाती है कि वे बाबासाहेब के संविधान का आदर नहीं करते।
संसद में चल रहे घमासान के बीच खरगे और राहुल गांधी से मिले पीएम मोदी, जानें क्या हुई बातचीत
Delhi News: संसद में सरकार और विपक्ष के बीच जोरदार घमासान देखने को मिल रहा है. वहीं दूसरी ओर पीएम मोदी ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अगले अध्यक्ष के चयन पर चर्चा करने के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात कीं.
सूत्रों ने बुधवार दोपहर को इस बारे में जानकारी दी. राहुल गांधी और खरगे संसद में विपक्ष के नेता के रूप में उस समिति के सदस्य हैं जिसका नेतृत्व प्रधानमंत्री करेंगे. इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला भी मौजूद थे. यह मुलाकात ऐसे समय में हो रही है जब संसद में सरकार और विपक्षी दलों एक-दूजे के आमने-सामने हैं. संसद का शीतकालीन सत्र 20 दिसंबर को समाप्त होगा.
अमित शाह के किस बयान पर हंगामा
राज्यसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर को लेकर दिए बयान पर विवाद बढ़ गया है. विपक्ष का आरोप है कि गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को राज्यसभा में अपने भाषण में डॉ. बीआर अंबेडकर का अपमान किया. जिस पर अब राज्यसभा नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने अमित शाह पर निशाना साधा और उनके इस्तीफे की मांग की. अमित शाह ने कहा था, ” अभी एक फैशन हो गया है – अंबेडकर, अंबेडकर, अंबेडकर, अंबेडकर. इतना नाम अगर भगवान का लेते तो सात जन्मों तक स्वर्ग मिल जाता.”
राहुल गांधी और खरगे, गृह मंत्री के बयान पर क्या बोले
विपक्ष की तीखी आलोचनाओं के बीच अमित शाह ने दावा किया, “अंबेडकर जी ने कई बार कहा कि वे अनुसूचित जातियों और जनजातियों के साथ किए जा रहे व्यवहार से संतुष्ट नहीं हैं.” इस टिप्पणी पर राहुल गांधी ने तीखे हमले किए और उन्होंने कहा, “मनुस्मृति का पालन करने वालों को स्वाभाविक रूप से अंबेडकर से परेशानी होगी. “खरगे ने कहा कि फिर साबित कर दिया है कि भाजपा और उसके वैचारिक अभिभावक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, देश के हितों के खिलाफ हैं. विपक्ष को हमलावर होते देख पीएम मोदी ने भी अमित शाह का बचाव किया.
अमित शाह के बचाव में पीएम मोदी क्या बोले
पीएम मोदी ने लिखा कि अगर उन्हें (कांग्रेस) को लगता है कि “दुर्भावनापूर्ण झूठ” डॉ. अंबेडकर के अपमान को छिपा सकते हैं, तो वे गलत हैं. सोशल मीडिया साइट पर पीएम मोदी ने लिखा है कि कांग्रेस और उसका सड़ा हुआ इकोसिस्टम सोचता है कि उनके दुर्भावनापूर्ण झूठ कई वर्षों के उनके कुकर्मों को छिपा सकते हैं. पीएम ने लिखा कि खासकर डॉ. अंबेडकर का जो कांग्रेस ने अपमान किया था उसे छिपा लेंगे अगर वो ये सोचते हैं तो वो उनकी गलतफहमी है. भारत के लोगों ने बार-बार देखा है कि कैसे एक परिवार के नेतृत्व वाली एक पार्टी ने डॉ. अंबेडकर की विरासत को मिटाने और एससी/एसटी समुदायों को अपमानित करने के लिए हर संभव गंदी चाल चली है.
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कांग्रेस को गृहमंत्री अमित शाह ने दिया तीखा जवाब, लीगल एक्शन के भी दिए संकेत; जानें प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या कहा
Delhi News: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने बुधवार को कांग्रेस के आरोपों पर जमकर पलटवार किया है. केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने जिस तरह से तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया है, वो अत्यंत निंदनीय है.
साथ ही उन्होंने कांग्रेस पर लीगल एक्शन के भी संकेत दिए हैं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस संविधान विरोधी पार्टी है और उसने कई बार बाबा साहब आंबेडकर का अपमान किया है. उन्होंने कहा कि भाजपा वक्ताओं ने संसद में संविधान की रचना और संविधान के मूल्यों पर अनेक उदाहरण सामने रखे और इससे तय हो गया कि कांग्रेस आंबेडकर विरोधी पार्टी है. दरअसल, केंद्रीय गृह मंत्री ने राज्यसभा में संविधान पर चर्चा के दौरान भाषण दिया था, जिसे लेकर के कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि उन्होंने आंबेडकर का अपमान किया है.
कांग्रेस के आरोपों का जवाब देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, “कांग्रेस ने सावरकर जी का भी अपमान किया, कांग्रेस ने आपातकाल लगाकर संविधान के सारे मूल्यों की धज्जियां उड़ा दी, नारी सम्मान को भी वर्षों तक दरकिनार किया, न्यायपालिका का हमेशा अपमान किया, सेना के शहीदों का अपमान किया और भारत की भूमि तक को संविधान तोड़कर दूसरे देशों को देने की हिमाकत कांग्रेस के शासन में हुई.”
आंबेडकर को हाशिये पर धकेलने का प्रयास : शाह
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने फिर एक बार अपनी पुरानी पद्धति को अपनाकर, बातों को तोड़-मरोड़कर और सत्य को असत्य के कपड़े पहनाकर समाज में भ्रांति फैलाने का कुत्सित प्रयास किया है. संसद में चर्चा के दौरान ये सिद्ध हो गया कि बाबा साहेब अंबेडकर का कांग्रेस ने किस तरह से पुरजोर विरोध किया था. बाबा साहेब के न रहने के बाद भी किस प्रकार से कांग्रेस ने उन्हें हाशिये पर धकेलने का प्रयास किया.
कांग्रेस को केंद्रीय गृह मंत्री ने दिया तीखा जवाब
कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा, मैं उस पार्टी से आता हूं जो अंबेडकर जी का कभी अपमान नहीं कर सकती है. पहले जनसंघ और फिर भारतीय जनता पार्टी ने हमेशा अंबेडकर जी के सिद्धांतों पर चलने का प्रयास किया है. जब भी भारतीय जनता पार्टी सत्ता में रही है, हमने अंबेडकर जी के सिद्धांतों का प्रचार-प्रसार किया है. भारतीय जनता पार्टी ने आरक्षण को मजबूत करने का काम किया है.”
बाबा साहब को भारत रत्न न मिले, कांग्रेस ने किया प्रयास : शाह
कांग्रेसी नेताओं के खुद को भारत रत्न देने को लेकर उन्होंने कहा, “जहां तक भारत रत्न का सवाल है, कांग्रेस नेताओं ने कई बार खुद ही अपने आप को भारत रत्न दिए हैं. 1955 में नेहरू जी ने खुद को भारत रत्न दिया, 1971 में इंदिरा जी ने खुद को भारत रत्न दिया, लेकिन बाबा साहेब को भारत रत्न 1990 में तब मिला जब कांग्रेस सत्ता में नहीं थी और भाजपा के समर्थन वाली सरकार थी. 1990 तक कांग्रेस बाबा साहब को भारत रत्न न मिले, इसके लिए प्रयास करती रही. यहां तक कि बाबा साहब की 100वीं जयंती मनाने की भी मनाही कर दी गई.”
खरगे जी आप भी राहुल गांधी के दबाव में आ गए : शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “मैं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जी से भी ये कहना चाहता हूं कि आपको कांग्रेस के इस कुत्सित प्रयास का समर्थन नहीं करना चाहिए था. मुझे दुख है कि राहुल गांधी के दबाव में आप भी इसमें शामिल हो गए हैं.”
साथ ही कहा, “राज्यसभा में मेरे बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया. इससे पहले उन्होंने पीएम नरेन्द्र मोदी जी के बयानों को एडिट करके सार्वजनिक किया था. जब चुनाव चल रहे थे तो मेरे बयान को AI का उपयोग करके संपादित किया गया था और आज वे मेरे बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहे हैं.”
जानिए क्या है विवाद?
संविधान के 75 साल पूरे होने के अवसर पर संविधान पर आयोजित चर्चा के दौरान अपने संबोधन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा था कि बाबा साहब आंबेडकर का नाम लेना विपक्षी नेताओं के लिए अब एक फैशन बन गया है. उन्होंने कहा, “आंबेडकर, आंबेडकर, आंबेडकर, आंबेडकर, आंबेडकर, आंबेडकर कहना एक फैशन बन गया है. अगर वे इतनी बार भगवान का नाम लेते तो उन्हें स्वर्ग में जगह मिल जाती.” उन्होंने कहा, “उनका नाम 100 बार और लीजिए लेकिन मैं कहना चाहता हूं कि उनके बारे में आपकी भावनाएं क्या हैं.” इसके साथ ही शाह ने कहा कि जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व वाली सरकार से असहमति के चलते आंबेडकर को पहले मंत्रिमंडल से इस्तीफा देना पड़ा था.
केंद्रीय गृह मंत्री की इस टिप्पणी से बड़ा विवाद खड़ा हो गया. कांग्रेस के साथ अन्य विपक्षी दलों के नेताओं ने शाह पर दलित शख्सियत का अपमान करने का आरोप लगाया. आज संसद की बैठक शुरू होने पर विपक्षी दलों के सांसदों ने बीआर आंबेडकर की तस्वीरों के साथ विरोध-प्रदर्शन किया. वहीं भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर एक शॉर्ट वीडियो क्लिप सर्कुलेट करने का आरोप लगाया, जिसमें शाह की वह टिप्पणी नहीं दिखाई गई कि कैसे कांग्रेस ने बीआर आंबेडकर को दरकिनार कर दिया. इस मुद्दे को लेकर विपक्षी दलों के नेताओं ने सत्तारूढ़ दल पर हमला तेज कर दिया और गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग की.