दिल्ली में पुजारियों और ग्रंथियों के भी बनेंगे कार्ड, सरकार हर महीने देगी 18 हजार रुपए; जानें कब-कैसे होगा रजिस्ट्रेशन

Delhi News: आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल विधानसभा चुनाव से पहले एक के बाद एक वादे किए जा रहे हैं। महिला सम्मान योजना और संजीवनी योजना के बाद अब उन्होंने दिल्ली के मंदिरों और गुरुद्वारों में सेवा करने वाले सभी पुजारियों और ग्रंथियों के लिए बड़ा वादा किया है। केजरीवाल ने कहा है कि अगर फिर से उनकी पार्टी सत्ता में आई तो वह पुजारियों और ग्रंथियों को हर महीने 18000 रुपए की सम्मान राशि देंगी। हालांकि इसका ‘रजिस्ट्रेशन’ चुनाव से पहले ही शुरू हो जाएगा और यह दिल्ली सरकार नहीं बल्कि आम आदमी पार्टी करेगी।

‘कब और कैसे होगा शुरू होगा रजिस्ट्रेशन’

अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, इस योजना का रजिस्ट्रेशन कल से ही शुरू होगा। इसका शुभारंभ करने के लिए पहले वह खुद कनॉट प्लेस के हनुमान मंदिर जाएंगे और वहां के पुजारियों का रजिस्ट्र्रेशन करेंगे। इसके बाद आम आदमी पार्टी के सभी विधायक, उम्मीदवार और कार्यकर्ता दिल्ली के अलग-अलग मंदिर और गुरुद्वारों में जाकर पुजारियों और ग्रंथियों का रजिस्ट्रेशन करेंगे।

अरविंद केजरीवाल ने कहा, इस योजना के तहत दिल्ली के सभी पुजारियों और ग्रंथियों को आम आदमी पार्टी की सरकार बनने पर 18 हजार रुपये मासिक सम्मान राशि दी जाएगी। इसमें मंदिर के पुजारियों के अलावा घरों में पूजा कराने वाले पुजारी भी शामिल होंगे। इसके साथ ही गुरुद्वारों के ग्रंथियों को भी यह सम्मान राशि हर माह आप पार्टी की सरकार द्वारा दी जाएगी। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इसे वेतन नहीं बल्कि सम्मान राशि के रूप में जाना जाएगा।

बता दें, इससे पहले आम आदमी पार्टी महिलाओं और बुजुर्गों के लिए भी महिला सम्मान और संजीवनी योजनाओं का वादा कर रजिस्ट्रेशन शुरू कर चुकी हैं। आम आदमी पार्टी की सरकार आने के बाद महिलाओं को जहां हर महीने 2100 रुपए देने का वादा किया है तो वहीं संजीवनी योजना के तहत 60 साल और उससे ऊपर के बुजुर्गों को मुफ्त इलाज दिया जाएगा।

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दिल्ली में पुजारियों और ग्रंथियों को हर महीने मिलेंगे 18 हजार रुपये, आम आदमी पार्टी ने भाजपा पर साधा निशाना

Delhi News: दिल्ली में पुजारियों और के लिए आप सरकार नई योजना लेकर आई है। अरविंद केजरीवाल ने आज अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुजारी ग्रंथी सम्मान योजना का ऐलान किया है। इस योजना के तहत सरकार बनने के बाद,दिल्ली के पुजारियों और ग्रंथियों को हर महीने 18 हजार रुपये दिए जाएंगे। इसके लिए कल यानी 31 दिसंबर से रजिस्ट्र्र्रेशन भी शुरू हो जाएंगे।

पुजारियों और ग्रंथियों को मिलेंगे 18 हजार रुपये

अरविंद केजरीवाल ने आज 12 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि मंदिरों के पुजारियों और गुरुद्वारों के ग्रंथियों के लिए हमने सम्मान राशि देने की घोषणा की है। इस योजना का नाम पुजारी-ग्रंथी सम्मान योजना होगा। केजरीवाल ने बताया कि हमारी सरकार आते ही इस योजना के तहत पुजारियों और ग्रंथियों को हर महीने 18 हजार रुपए दिए जाएंगे। अरविंद केजरीवाल ने बताया कि 31 दिसंबर से कनॉट प्लेस के हनुमान मंदिर से इस योजना के लिए रजिस्ट्रेशन की शुरुआत होगी।

बीजेपी पर भी साधा निशाना

अरविंद केजरीवाल ने इस नई योजना के बहाने भारतीय जनता पार्टी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अब बीजेपी इस योजना को बंद नहीं करा सकती। उन्होंने कहा कि हमारी बीजेपी वालों से विनती है कि महिला सम्मान और संजीवनी योजना की तरह इस योजना को कोशिश नहीं करेंगे। मैं तो कांग्रेस और बीजेपी की सरकारों से भी अपने-अपने यहां इस योजना को लागू करें।

रोहिंग्या के मुद्दे पर केजरीवाल ने हरदीप सिंह पुरी को गिरफ्तार करने की मांग की है। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मैं उनसे हरदीप सिंह पुरी को गिरफ्तार करने का अनुरोध करता हूं। उनके पास रोहिंग्याओं को कहां और कैसे बसाया,इसका सारा डेटा है। उन्होंने ट्वीट कर जानकारी दी। हरदीप सिंह पुरी और अमित शाह के पास रोहिंग्याओं को कैसे और कहां बसाया, इसका सारा डेटा है।

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दिल्ली चुनावों को लेकर अरविंद केजरीवाल ने किया बड़ा दावा, कहा, मेरी सीट पर भाजपा चला रही ऑपरेशन लोटस

Arvind Kejriwal Operation Lotus Claim: आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बीजेपी पर ऑपरेशन लोटस चलाने का आरोप लगाया है। केजरीवाल ने दावा किया है कि केजरीवाल उन्हीं की सीट यानी नई दिल्ली सीट पर 15 दिसंबर से ऑपरेशन लोटस चला रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी चुनाव जीतने के लिए हर तरह के हथकंडे अपना रही है। मेरे नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र में – उनका ‘ऑपरेशन लोटस’ 15 दिसंबर से चल रहा है। इन 15 दिनों में, उन्होंने लगभग 5,000 वोट डिलीट करने और 7,500 वोट जोड़ने के लिए आवेदन दायर किया है।

उन्होंने कहा, नई दिल्ली में एक लाख 6 हजार वोट हैं। एक लाख 6 हजार वोट में से अगर 5 फसदी वोट यह डिलीट करवा रहे हैं और साढ़े सात वोट जोड़ रहे हैं तो फिर चुनाव कराने की जरूरत क्या है। यह तो सरेआम बदमाशी हो रही है।

केजरीवाल ने दावा किया कि बीजेपी मौजूदा वोटर के नाम डिलीट कर रही है। नई दिल्ली विधानसभा सीट पर 29 अख्टूबर से 14 दिसंबर तक 900 वोट कटवाने के लिए आवेदन आए। 15 दिसंबर से आज तक 5000 वोट डिलीशन के लिए आए।19 दिसंबर को यानी एक दिन में ही डेढ़ हजार वोट डिलीशन के लिए आए। अरविंद केजरीवाल ने कहा, जो लोग वोट काटने का आवेदन कर रहे हैं वह कौन हैं और किसके इशाके पर काम कर रहे हैं।

वहीं वोट जोड़ने के मामले में उन्होंने कहा, जब चुनाव आयोग ने दो महीने तक घर-घर जाकर वोट बनाये तो अब 15 दिनों में 10 हजार वोटर कहां से आ गए, जिनके वोट बनवाये जा रहे हैं। BJP बाहर से लोगों को ला रही है, जिनके फर्जी वोट बनवाये जा रहे हैं।

अधिकारियों से क्या बोले केजरीवाल

इसी के साथ उन्होंने अधिकारियों को भी आगाह किया है। उन्होंने कहा है कि आप पर दबाव बढ़ने वाला है लेकिन कोई भी गलत काम करने से पहले यह सोच लेना कि आज नहीं तो कल सरकार बदलेगी लेकिन फाइलें और आपके साइन वहीं रहेंगे। कोई किसी से नहीं पूछेगा कि किसके कहने पर किया था, आखिर में पकड़े आप जाओगे।

केजरीवाल ने कहा, बीजेपी 15 दिसंबर से तीन हथकंडे अपना रही है। पहला वोट कटवाओं, दूसरा फर्जी वोट ऐड करवाओं और तीसरा लोगों में पैसे बांटो। यह लोग खुलेआम पैसे बांट रहे हैं। देश ने पिछले 70 सालों में इतनी बेशर्मी और नंगापन नहीं देखा होगा। लोग भी बोल रहे हैं कि हम पैसे तो ले लेंगे लेकिन वोट आम आदमी पार्टी को देंगे।

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यमुना के मुद्दे पर वोट नहीं मिलेंगे, थोड़ी राजनीति मैं भी समझने लगा हूं; अरविंद केजरीवाल

Delhi News: आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का मानना है कि दिल्लीवाले यमुना के मुद्दे पर वोट नहीं करते हैं। हालांकि, उन्होंने वादा किया है कि यमुना को अगले पांच साल में साफ कर दिया जाएगा। 2020 में भी किए इस वादे को पूरा नहीं कर पाने की बात स्वीकार कर चुके केजरीवाल ने कहा है कि अब काफी काम हो चुका है और जल्द ही यमुना को साफ कर लिया जाएगा।

अरविंद केजरीवाल ने एक पॉडकास्ट इंटरव्यू में यमुना को लेकर अपनी बात विस्तार से की। उनसे जब कहा गया कि यदि वह यमुना साफ कर देते हैं तो उनको हराना मुश्किल होगा क्योंकि लोग देखेंगे कि जो यमुना इतने दिनों से प्रदूषित थी वह साफ हो गई? इसके जवाब में केजरीवाल ने कहा कि यमुना वोट का मुद्दा नहीं। उन्होंने कहा, ‘मैं अब थोड़ी बहुत पॉलिटिक्स समझने लगा हूं, यमुना पर वोट नहीं मिलेंगे। लेकिन फिर भी मैं यमुना साफ करूंगा। क्योंकि मैं यहां वोट की राजनीति करने नहीं आया हूं। वोट की राजनीति तो ये लोग कर ही रहे थे। सत्ता से पैसा, पैसे से सत्ता कर ही रहे थे। मैं वो करने नहीं आया। जब मैं स्कूल बनवाता हूं यह नहीं देखता कि स्कूल से वोट मिलेंगे कि नहीं। जब मैं अस्पताल बनवाता हूं यह नहीं देखता कि इसकी वजह से वोट मिलेंगे कि नहीं। मैं काम करता हूं क्योंकि मैं काम करने आया हूं। जनता और देश के लिए काम करने में मुझे मजा आता है।’

अरविंद केजरीवाल ने कहा, ‘यमुना साफ हो सकती है और यमुना साफ होकर रहेगी। यमुना वजीराबाद तक साफ होती है, पल्ला तक आती है उसके बाद उसमें दिल्ली का सारा सीवर गिरने लगता है। इधर से शाहदरा ड्रेन आती है जो यूपी का गंदा पानी लेकर आती है, इधर से नजफगढ़ ड्रेन हरियाणा का गंदा पानी लेकर आती है। तीनों चीजें मिलकर यमुना के पानी को मैला कर देती हैं। दिल्ली में 1780 अवैध कॉलोनियां हैं। उनमें कोई सीवर सिस्टम नहीं था। हमने लगभग सभी में सीवर लाइन डलवा दी है। यह समस्या का 80 फीसदी था। अब इन सीवर सिस्टम को सीवर ट्रीटमेंट प्लांट में ले जाना है। अभी तक जो प्लांट थे उनकी क्षमता बढ़ा रहे हैं। इसके बाद सारा सीवर जब ट्रीटमें प्लांट में जाएगा तो यमुना में सीवर गिरना बंद हो जाएगा। शाहदरा और नजफगढ़ ड्रेन के लिए भी एसटीपी बना रहे हैं। मैंने 2020 में वादा किया था कि यमुना साफ कर दूंगा, मुझे अंदर से दर्द होता है कि मैं यह नहीं कर पाया।’ केजरीवाल ने कहा कि कोरोना और फिर जेल भेजे जाने की वजह से वह यह काम नहीं कर पाए।

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अरविंद केजरीवाल ने पूरी जाट कौम को बताया देशद्रोही, मचा जोरदार हंगामा; जानें क्या पूर्व सांसद बोले प्रदेश साहिब

Delhi News: ठंड के दिनों में दिल्ली की राजनीति का तापमान हर दिन बढ़ता जा रहा है। ताजा विवाद नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र में नोट बांटने को लेकर है। मुख्यमंत्री आतिशी और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भाजपा के पूर्व सांसद प्रवेश साहिब सिंह वर्मा पर नोट बांटने का आरोप लगाया है। दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) और भाजपा एक दूसरे पर हमला बोल रही है। आप का आरोप है कि दिल्ली चुनाव हारती देख भाजपा अब वोट के बदले लोगों को पैसे बांट रही है। बुधवार को पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा वोट के लिए पैसे बांटते हुए रंगे हाथों पकड़ी गई है।

आप ने दावा किया कि भाजपा नेता प्रवेश वर्मा के घर पर खुलेआम वोटरों को पैसे बांटे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नई दिल्ली विधानसभा की अलग-अलग कॉलोनियों की महिलाओं को प्रवेश वर्मा के सरकारी आवास 20 विंडसर प्लेस पर बुलाकर 1100 रुपये दिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री आतिशी ने कहा कि उन्हें सूचना है कि वर्मा के घर पर करोड़ों रुपये कैश है। ईडी-सीबीआई को छापेमारी कर पैसे बरामद करने चाहिए और उन्हें तुरंत गिरफ्तार करना चाहिए। राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को कहा कि ये लोग हर वोटर को 1100 रुपये देकर अपनी पार्टी के लिए वोट मांग रहे हैं। भाजपा प्रवेश वर्मा को सीएम चेहरा घोषित करने जा रही है। ऐसे में दिल्ली की जनता उन्हें कैसे सीएम बनाना चाहेगी, जो खुलेआम वोट खरीद रहे हैं। सारी एजेंसियां लाचार हो गई हैं और कोई कार्रवाई नहीं कर रही हैं।

अरविंद केजरीवाल ने कहा, ‘ये लोग हर वोटर को 1100 रुपये देकर अपनी पार्टी के लिए वोट मांग रहे हैं। क्या आप जरूरतमंदों की मदद कर रहे हैं या खुलेआम वोट खरीद रहे हैं? आपके जैसे देशद्रोही बेटे पर आज आपके पिता को शर्म आनी चाहिए।’ इस पर प्रवेश वर्मा ने पलटवार किया है। उन्होंने ‘X’ पर लिखा, ‘आज अरविंद केजरीवाल ने मुझे देशद्रोही कहकर पूरी जाट बिरादरी को देशद्रोही करार दिया है। मेरे परिवार के लोगों ने देश के लिए लड़ाई लड़ी है। मेरे पिता डॉ. साहिब सिंह ने हमेशा लोगों की मदद की। मैं भी लोगों की मदद कर रहा हूं। दिल्ली देहात केजरीवाल को कभी माफ नहीं करेगा।’

आतिशी ने आरोप लगाया कि भाजपा लोगों और मतदाताओं के वोटर कार्ड देखकर उन्हें पैसे बांट रही है। उन्होंने कहा कि कॉलोनियों और झुग्गियों से महिलाओं को बुलाकर प्रवेश वर्मा की फोटो वाला फॉर्म भरवाया गया। साथ ही वोटर आईडी ली गई और हर महिला को एक लिफाफे में 1100 रुपये दिए गए। उन्होंने चुनाव आयोग से प्रवेश वर्मा को गिरफ्तार करने की मांग की।

कार्ड पर किसी संगठन का नहीं, भाजपा का नाम है: सौरभ भारद्वाज

पार्टी मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा दिल्ली विधानसभा चुनाव से डरी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा दिल्ली में वोट पाने के लिए लोगों को खुलेआम पैसे बांट रही है। उन्होंने कहा कि वह दिल्ली को बदलने की बात कर रही है, लेकिन वोट पाने के लिए पैसे बांटते हुए रंगे हाथों पकड़ी गई है। उन्होंने कहा कि प्रवेश वर्मा ने यह शर्मनाक काम किया है। उन्होंने अपने पिता साहिब सिंह वर्मा की सारी इज्जत खत्म कर दी है। भारद्वाज ने दावा किया कि वर्मा के घर से निकलते समय जिन लोगों को पैसे दिए गए, उन्हें दिए गए कार्ड पर किसी संगठन का नाम नहीं था। इसकी जगह भाजपा का नाम लिखा हुआ है।

उन्होंने बताया कि इस कार्ड पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की तस्वीर है। उन्होंने कहा कि इसकी जांच होनी चाहिए। लेकिन, पुलिस प्रवेश वर्मा के सरकारी आवास के चारों तरफ बैरिकेडिंग कर उन्हें सुरक्षा दे रही है।

चुनाव आयोग सो रहा है: संजय सिंह

आप सांसद संजय सिंह ने कहा कि भाजपा नेता प्रवेश वर्मा के घर पर खुलेआम मतदाताओं में पैसे बांटे जा रहे हैं। ऐसे में चुनाव आयोग क्यों सो रहा है। आप की मांग है कि प्रवेश वर्मा का पूरा घर सीज किया जाए। ईडी-सीबीआई को इस मामले की तह तक जाना चाहिए। वर्मा के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। मतदाताओं को किसी भी तरह से पैसे या नोट बांटना गैरकानूनी है।

मैं जरूरतमंदों की मदद करता था और करता रहूंगा, चाहे कोई मुझे कितना भी रोकने की कोशिश करे- प्रवेश वर्मा

वहीं, आरोपों के जवाब में प्रवेश वर्मा ने कहा कि मुझे चाहे जितनी भी गालियां दी जाएं, लेकिन नई दिल्ली विधानसभा की प्यारी माताओं और बहनों के चेहरे पर खुशी बताती है कि मैं जो भी कर रहा हूं, अच्छा कर रहा हूं। कोई मुझे कितना भी रोकने की कोशिश करे, मैं जरूरतमंदों की मदद करता था और करता रहूंगा। अपने ऊपर लगे आरोपों को लेकर प्रवेश वर्मा ने कहा है कि पैसे बांटने वाली संस्था उनकी अपनी है। जो लंबे समय से जरूरतमंदों की मदद करती आ रही है।

राष्ट्रीय स्वाभिमान संस्था का गठन उनके पिता और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री साहिब सिंह वर्मा ने 25 साल पहले किया था। यह संस्था तब से जरूरतमंदों के लिए काम कर रही है।

प्रवेश वर्मा ने मुख्यमंत्री आतिशी पर पलटवार करते हुए कहा कि पिछले कुछ दिनों से आम आदमी पार्टी (आप) के नेता उनके घर के आसपास घूम रहे हैं। उन्होंने सामाजिक कार्यों का हवाला देते हुए कहा कि उनके पिता ने गुजरात में भूकंप के बाद गांव बसाए थे। जिसका उद्घाटन पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने किया था। उन्होंने कारगिल युद्ध के शहीदों के परिवारों को एक-एक लाख रुपये दिए। उन्होंने ओडिशा में चार गांव भी बसाए। उनका संगठन शहीदों के परिवारों की मदद करता है, जिससे साबित होता है कि वह जरूरतमंदों की मदद के लिए प्रतिबद्ध हैं। वर्मा अपने संगठन के कामों को उजागर कर अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश करते दिखे।

वर्मा ने यह भी कहा कि उन्होंने सोशल मीडिया पर दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पोस्ट और मुख्यमंत्री आतिशी की प्रेस कॉन्फ्रेंस देखी। इसमें उनकी हताशा साफ झलक रही थी। उन्हें नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र की चिंता है। उनके पिता ने उन्हें जरूरतमंदों की मदद करना सिखाया था। उन्होंने महामारी के दौरान 500 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर दिए और कई अन्य काम किए। पिछले 11 दिनों में मैं महिलाओं की पीड़ा देख रहा हूं, जो अरविंद केजरीवाल ने 11 साल में नहीं देखी। वे परेशान थीं, उनका दर्द नहीं देखा गया, तब मैंने उन्हें 1,100 रुपये प्रति माह देने का फैसला किया। कम से कम वह पैसे तो बांट रहे हैं, शराब नहीं बांट रहे। वर्मा ने कहा कि उन्हें खुशी है कि वह लोगों की मदद कर रहे हैं।

कपिल मिश्रा प्रवेश वर्मा के समर्थन में उतरे

बीजेपी नेता कपिल मिश्रा ने सोशल मीडिया पोस्ट पर कहा कि एक घंटे में 25 पोस्ट। नई दिल्ली विधानसभा सीट से हार सामने देख पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गाली देना शुरू कर दिया है। वह दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री साहिब सिंह वर्मा के बेटे को गद्दार बताकर पूरी दिल्ली देहात की जनता को गाली दे रहे हैं। अभी बीजेपी की लिस्ट भी जारी नहीं हुई है और टीम केजरीवाल ने प्रवेश वर्मा को गाली देना शुरू कर दिया है।

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अरविंद केजरीवाल का बड़ा दावा, कहा, ईडी, सीबीआई और इनकम टैक्स की हुई मीटिंग; जानें किसकी गिरफ्तारी की जताई आशंका

Delhi News: आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने आशंका जताई है कि दिल्ली में चुनाव से पहले मुख्यमंत्री आतिशी की गिरफ्तारी हो सकती है। केजरीवाल ने बुधवार को आतिशी, मनीष सिसोदिया और संजय सिंह के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए दावा किया कि एक बार फिर उनके खिलाफ भी छापेमारी होगी। केजरीवाल ने आशंका जताई कि परिवहन विभाग के किसी मामले के तहत ऐसा किया जा सकता है।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उन्हें सूत्रों से ऐसी जानकारी मिली है। पूर्व सीएम ने कहा, ‘हमें अपने सूत्रों से 3-4 दिन पहले पता चला है कि ईडी, सीबीआई और इनकम टैक्स की मीटिंग हुई है। उस मीटिंग में ऊपर से आदेश आया है कि आतिशी पर कोई भी फर्जी केस दर्ज करके उन्हें गिरफ्तार किया जाए। मैं पूरी जिम्मेदारी के साथ आरोप लगा रहा हूं कि इन तीनों एजेंसियों को कहा गया है कि वे कोई भी फर्जी केस दर्ज करके आतिशी को गिरफ्तार करें।’

आप सुप्रीमो ने कहा कि उनके, मनीष सिसोदिया, संजय सिंह, आतिशी, सौरभ भारद्वाज के खिलाफ छापेमारी की जाएगी ताकि उन्हें चुनाव की तैयारियों से रोका जा सके। केजरीवाल ने कहा, ‘सूत्रों से यह भी पता चला है कि परिवहन विभाग में एक फर्जी मामला तैयार किया जा रहा है। उनका मकसद महिलाओं की मुफ्त यात्रा को रोकना है। परिवहन विभाग में एक फर्जी मामला तैयार किया जा रहा है। हमें पूरा भरोसा है कि लोग गंदी साजिशों का जवाब देंगे। देश की जनता इस तरह की राजनीति को पसंद नहीं करती।’

मुझे न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है: आतिशी

आतिशी ने कहा, ‘हमें पक्की खबर मिली है कि परिवहन विभाग में फर्जी मामला बनाकर दिल्ली में महिलाओं की मुफ्त यात्रा को रोकने के लिए मेरे खिलाफ फर्जी मामला दर्ज करने की कोशिश की जा रही है। हमने हमेशा ईमानदारी से काम किया है और आगे भी करेंगे। मुझे पूरा भरोसा है कि अगर एजेंसियां मुझे गिरफ्तार करती हैं तो सच्चाई सामने आ जाएगी। मुझे देश की न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। जिस तरह से बड़े नेताओं को फर्जी मामलों में गिरफ्तार किया गया और फिर सभी को जमानत मिल गई। मुझे संविधान और न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। आप हमारे खिलाफ झूठे मामले दर्ज करके दिल्लीवासियों की सुविधाएं बंद करना चाहते हैं, दिल्ली की जनता सब देख रही है।’

महिला सम्मान योजना और संजीवनी पर क्या दी सफाई

आतिशी ने महिला एवं बाल कल्याण विभाग और स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी नोटिस को गलत बताया है, जिसमें जनता से अपील की गई है कि इन योजनाओं के नाम पर अपने दस्तावेज किसी से साझा न करें। मुख्यमंत्री आतिशी ने कहा, ‘आज अखबारों में जो नोटिस जारी किए गए हैं, वो पूरी तरह से गलत हैं। भाजपा ने कुछ अफसरों पर दबाव बनाकर अखबारों में गलत जानकारी प्रकाशित करवाई है। इन अफसरों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई भी की जाएगी।

सूचना जारी की गई कि महिला सम्मान जैसी कोई योजना नहीं है, जबकि यह दिल्ली सरकार कैबिनेट का नोटिफिकेशन है। 1000 रुपये की योजना को नोटिफाई किया गया है। अफसरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, पुलिस कार्रवाई भी की जाएगी। आम आदमी पार्टी ने घोषणा की है कि सरकार बनने के बाद संजीवनी योजना लाई जाएगी। सरकार बनने के बाद 1000 रुपये की योजना को बढ़ाकर 2100 रुपये किया जाएगा।’

वहीं पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा, ‘जाहिर है ये चुनावी घोषणा है, जनता को भरोसा है, जनता रजिस्ट्रेशन करा रही है। जो लोग रजिस्ट्रेशन करा रहे हैं, उनको चुनाव के बाद लाभ दिया जाएगा। यह हमारा, आम आदमी पार्टी का चुनावी वादा है, इसलिए आम आदमी पार्टी इसका रजिस्ट्रेशन करा रही है।

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अरविंद केजरीवाल का बड़ा दावा, कहा, मेरी विधानसभा में 1000 रूपये में खरीदे जा रहे वोट; जानें पूरा मामला

Delhi News: दिल्ली विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। एक तरफ अरविंद केजरीवाल एक के बाद एक कई घोषणाएं कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ उन्होंने अपने ही विधानसभा में विपक्षी दलों पर वोट खरीदने का आरोप लगाया है। पूर्व सीएम का दावा है कि उनके विधानसभा क्षेत्र में वोट के बदले कैश दिया जा रहा है। अरविंद केजरीवाल ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा है कि ‘इन लोगों ने मेरी विधानसभा में अभी से वोट खरीदना शुरू कर दिया है। ये खुलेआम एक वोट के बदले 1000 रुपये कैश दे रहे हैं।’

दरअसल, आम आदमी पार्टी ने सबसे पहले सभी 70 विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं। वहीं कांग्रेस ने 21 उम्मीदवारों की पहली और 26 उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी कर दी है। वहीं, बीजेपी ने अभी तक उम्मीदवारों की एक भी सूची जारी नहीं की है। एक तरफ अरविंद केजरीवाल घोषणाओं पर घोषणाएं कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ वो विपक्षी दलों पर चुनाव में वोट खरीदने का आरोप भी लगा रहे हैं।

अगले साल फरवरी में दिल्ली विधानसभा की 70 सीटों पर चुनाव होने हैं। आम आदमी पार्टी इसके लिए पूरे जोर-शोर से तैयारी कर रही है। विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान अभी नहीं हुआ है। 2020 के चुनाव में आम आदमी पार्टी ने पूर्ण बहुमत हासिल करते हुए 70 में से 62 सीटें जीती थीं। भाजपा को 8 सीटें मिली थीं, जबकि कांग्रेस खाली हाथ रही थी।

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दिल्ली विधासभा चुनावों से पहले बढ़ी अरविंद केजरीवाल को मुश्किलें, LG ने ED को दी मुकदमा चलाने की मंजूरी

Delhi News: दिल्ली में विधानसभा चुनाव से पहले अरविंद केजरीवाल की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। उपराज्यपाल (एलजी) वीके सक्सेना ने शराब घोटाला मामले में आम आदमी पार्टी (आप) प्रमुख अरविंद केजरीवाल पर मुकदमा चलाने के लिए प्रवर्तन निदेशालय को मंजूरी दे दी है। ईडी ने पांच दिसंबर को केजरीवाल पर मुकदमा चलाने के लिए एलजी से अनुमति मांगी थी। ईडी ने बताया था कि उसे शराब नीति बनाने और उसके कार्यान्वयन में कथित तौर पर भ्रष्टाचार का पता चला है, जिसकी जांच के लिए उसने एलजी से इजाजत मांगी थी। इस साल 17 मई को राउज एवेन्यू कोर्ट में दायर प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट (अभियोजन शिकायत) में एजेंसी ने इसका उल्लेख किया था। जिसपर कोर्ट ने 9 जुलाई को संज्ञान लिया।

क्या है ईडी की शिकायत

ईडी ने आप सुप्रीमो के तौर पर केजरीवाल के खिलाफ केस चलाने की उपराज्यपाल से इजाजत मांगी थी, जो उसे मिल गई है। ईडी ने अभियोजन शिकायत में आरोप लगाया है कि केजरीवाल ने ‘साउथ ग्रुप’ के सदस्यों के साथ मिलकर 100 करोड़ रुपये की रिश्वत ली और ‘टेलर-मेड’ शराब नीति तैयार और उसे लागू करके निजी संस्थाओं को अनुचित लाभ पहुंचाया। इसमें कहा गया है कि साउथ ग्रुप के लिए अलग-अलग शराब की दुकानों में हिस्सेदारी सुनिश्चित की गई और उसे आबकारी नीति 2021-22 के उद्देश्यों के विरुद्ध कई रीटेल जोन रखने की अनुमति दी गई।

केजरीवाल हैं जिम्मेदार

ईडी ने शिकायत में यह भी आरोप लगाया कि अपराध की आय से मिले लगभग 45 करोड़ रुपये गोवा चुनावों में केजरीवाल की मिलीभगत और सहमति से पार्टी के प्रचार में इस्तेमाल किए गए। जांच एजेंसी ने आरोप लगाया कि आप अपराध की आय की ‘मुख्य लाभार्थी’ थी। अंततः केजरीवाल, राष्ट्रीय संयोजक और राजनीतिक मामलों की समिति और राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य होने के नाते, गोवा चुनावों के दौरान धन के उपयोग को लेकर जिम्मेदार हैं।

आप ने क्या कहा

इस मामले पर आप का कहना है कि 250 से अधिक छापे मारे गए लेकिन एक भी पैसा नहीं मिला। बीजेपी का मकसद केजरीवाल को कुचलना है। पार्टी ने कहा, ‘तथाकथित शराब घोटाले की जांच दो साल तक चली, 500 लोगों को परेशान किया गया, 50,000 पन्नों के दस्तावेज दाखिल किए गए और 250 से अधिक छापे मारे गए, लेकिन एक भी पैसा नहीं मिला। विभिन्न अदालती आदेशों द्वारा मामले में कई तरह की खामियां उजागर की गईं। भाजपा का असली लक्ष्य किसी भी तरह से आप और अरविंद केजरीवाल को कुचलना है।’

दो तरह से आरोपी हैं केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल दिल्ली की शराब नीति से जुड़े कथित घोटाले के मामले में दो तरह से आरोपी हैं। एक केस उनपर बतौर मुख्यमंत्री होने के नाते अपने पद का दुरुपयोग करते हुए कुछ लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए नीति बनाने के आरोप में चल रहा है। इस मामले में उन्हें सुप्रीम कोर्ट से सितंबर में जमानत मिली थी। दूसरा केस, जिसकी हाल ही में अनुमति उपराज्यपाल से मिली है, वो आप के मुखिया होने के नाते है। इजाजत मिलने के बाद अब ईडी उनके खिलाफ मुकदमा चलाएगी।

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इंडिया अलायंस के अंदर कांग्रेस की घेराबंदी कर रहे सहयोगी दल, जानें क्यों केजरीवाल से दोस्ती बढ़ा रहे अखिलेश

Delhi Election News: इंडिया अलायंस के अंदर सहयोगी दल कांग्रेस की घेराबंदी तेज कर रहे हैं। गठबंधन में दूसरे नंबर के दल समाजवादी पार्टी (एसपी) के अध्यक्ष अखिलेश यादव एक तरफ कांग्रेस से दुखी चल रहे हैं जबकि दूसरी तरफ अरविंद केजरीवाल से दोस्ती बढ़ा रहे हैं। दिल्ली विधानसभा चुनाव में अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी (आप) को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और राहुल गांधी की कांग्रेस से लड़कर सरकार बचानी है। दिल्ली में आप द्वारा आयोजित ‘महिला अदालत’ कार्यक्रम में अखिलेश शामिल हुए। केजरीवाल और दिल्ली की सीएम आतिशी के सामने उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम अखिलेश ने ऐलान कर दिया कि दिल्ली में सपा केजरीवाल और आप के साथ है।

अखिलेश यादव ने केजरीवाल के मंच से केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर खूब निशाना साधा और कहा कि जब दिल्ली में महिला सुरक्षित नहीं है, तो हम कैसे मान लें कि देश उनके हाथ में सुरक्षित है। अखिलेश ने मणिपुर के हालात की भी चर्चा की और कहा कि गृह मंत्रालय कोई काम नहीं कर रहा है। गृह विभाग सिर्फ नाम का है। दिल्ली से लेकर मणिपुर तक हाल खराब है। गृह विभाग पता नहीं किस दुनिया का मंत्रालय है जो देश की राजधानी में सुरक्षा नहीं दे पा रहा। अखिलेश यादव ने कहा कि आप की सरकार ने जो काम किया है, उसके लिए दोबारा मौका मिलना चाहिए।

समाजवादी पार्टी 2013 के विधानसभा चुनाव के बाद से दिल्ली में चुनाव नहीं लड़ रही है। 2013 में सपा ने 25 सीटें लड़ी और सारी सीटों पर एसपी की जमानत जब्त हो गई थी। 2015 और 2020 में सपा चुनाव नहीं लड़ी। अखिलेश यादव का केजरीवाल के कार्यक्रम में जाना, केजरीवाल और आप सरकार की तारीफ करना और कहना कि सपा दिल्ली में केजरीवाल के साथ है, कांग्रेस के लिए सदमा से कम नहीं है। राहुल गांधी को विपक्ष का नेता मानने को लेकर ममता बनर्जी और लालू यादव की पार्टी कांग्रेस को पहले ही झटका दे चुकी है। अब अखिलेश का दिल्ली में केजरीवाल की पैरवी करना सपा और कांग्रेस के बिगड़ रहे रिश्तों की ताजा झलक है।

अखिलेश ने जब यूपी विधानसभा की करहल सीट और नेता विपक्ष का पद छोड़कर लोकसभा में कन्नौज का सांसद बनने का फैसला किया तभी सपा की राष्ट्रीय राजनीति में बढ़ती दिलचस्पी का संकेत मिल गया था। राहुल गांधी और अखिलेश यादव की केमिस्ट्री लोकसभा में सही चली जिससे सपा की सीट 5 से 37 हुई तो कांग्रेस भी 1 से बढ़कर 6 हो गई। अखिलेश यादव ने तो ममता बनर्जी के लिए भी एक सीट छोड़ी जो ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) कैंडिडेट नहीं जीत पाया। मध्य प्रदेश और हरियाणा के विधानसभा चुनाव में सपा को एक सीट नहीं मिलना और महाराष्ट्र में तनातनी और धमकी के बाद दो सीट मिलना अखिलेश को अच्छा नहीं लगा। बड़े दिल की बात करने वाले अखिलेश को ये छोटी-छोटी चीजें खलने लगीं।

फिर लोकसभा में सांसदों के बैठने की सीट तय हुई तो उनके सबसे प्रिय सांसद अवधेश प्रसाद को पहली पंक्ति से दूसरी लाइन में फेंक दिया गया। अखिलेश को छठे ब्लॉक में पहली कुर्सी मिली जो उस ब्लॉक में इकलौती सीट है। सीट निर्धारण से पहले अखिलेश और अवधेश प्रसाद राहुल गांधी के साथ बैठते थे। सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस ने आठवें ब्लॉक में राहुल के बगल में अखिलेश के लिए एक सीट खाली रखी लेकिन अवधेश प्रसाद को दूसरी लाइन में भेजने से अखिलेश इस कदर उखड़े कि आवंटित सीट पर ही जाकर बैठ गए। अब राहुल और अखिलेश के बीच सातवें ब्लॉक की दूरी भी आ गई है।

अखिलेश की नाराजगी दो कारण से है। एक तो फैजाबाद (अयोध्या) के सांसद और दलित नेता अवधेश प्रसाद अब उनके साथ नहीं, उनके पीछे नजर आएंगे। भाजपा को अयोध्या में हराने वाले अवधेश प्रसाद को अखिलेश हमेशा अपने बगल में बिठाते थे और भाजपा पर तंज कसने के लिए उनकी तरफ मुखातिब होते रहते थे। अब वो अखिलेश के पीछे धर्मेंद्र यादव के साथ बैठने लगे हैं।

दूसरी वजह लोकसभा की कार्यवाही के लाइव प्रसारण के दौरान टीवी कैमरों का फोकस भी है। आम तौर पर कार्यवाही के दौरान संसद के कैमरे भाषण कर रहे सांसद के अलावा सदन चला रहे स्पीकर या पीठासीन अधिकारी, पीएम और नेता विपक्ष के ब्लॉक पर ही फोकस करते हैं। सामान्य तौर पर छठे ब्लॉक में बैठने के कारण अखिलेश पर कैमरा तभी जाएगा जब वो बोल रहे होंगे। ये अपने वोटर को उनके मसलों पर दिखने और दिखाने का मसला है। यही कारण है कि संभल पर कांग्रेस ने जब सपा के सुर में सुर नहीं मिलाया तो संसद में राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी सांसदों के प्रदर्शन में सपा के सांसद नहीं गए।

पहले भी एक बार अखिलेश और राहुल साथ आकर दूर हो चुके हैं। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले अखिलेश जहां पीडीए पर टिके रहने की बात कर रहे हैं तो राहुल गांधी भी कांग्रेस की नाव में सवारी बढ़ाने की कोशिश में जुटे हैं। हाथरस में दलित लड़की के परिवार के पास जाना या फिर संभल जाने से रोकने के बाद पीड़ित परिवारों को दिल्ली में बुलाकर मिलना, राहुल की उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की रणनीति का संकेत है जिससे सपा और अखिलेश बहुत सहज नहीं होंगे।

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