LG का अरविंद केजरीवाल को बड़ा जबाव, कहा, 10 साल बाद तो आँखें खुली; जानें क्या है पूरा मामला
Delhi LG’s letter to Arvind Kejriwal: आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने हाल ही में एक पत्र लिखा था, जिसमें उन्होंने दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना से अपील की थी कि वह उन्हें बताएं कि दिल्ली में जहां भी कमियां हैं, वह उन सभी कमियों को दूर करेंगे। उनकी अपील के बाद अब उपराज्यपाल ने केजरीवाल को पत्र लिखकर जवाब दिया है। इसमें उन्होंने गंदगी, डॉक्टरों और दवाओं की कमी के साथ-साथ कई मुद्दे उठाए हैं और कहा, 10 साल बाद तो आपकी आंखें खुलीं।
उपराज्यपाल ने अपने पत्र में कहा, शुक्र है कि 10 साल बाद दिल्ली में बदहाली और नारकीय “नागरिक सुविधाओं” के प्रति आपकी आंखें खुलीं। उन्होंने कहा, आपने आज सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जिस “हमारी टीम” का जिक्र किया है, वह वही अधिकारी/विभाग है, जो 21 दिसंबर को रंगपुरी और कापसहेड़ा के दौरे पर मेरे साथ था और जिनसे मैंने समस्याओं के समाधान का अनुरोध किया था।
उन्होंने कहा कि बेहतर होता कि आप मेरे दौरे के बाद पहचाने गए किराड़ी, बुराड़ी, संगम विहार, गोकुलपुरी, मुंडका, नांगलोई, रानीखेड़ा, कलंदर कॉलोनी आदि स्थानों के बारे में भी यही तत्परता और चिंता दिखाते।
एलजी ने गंदगी और डॉक्टरों व दवाओं की कमी पर क्या कहा?
एलजी वीके सक्सेना ने आगे कहा कि मुझे खुशी होती अगर आप दिल्ली के उन सरकारी स्कूलों पर ध्यान देते जहां एक ही कमरे में दो कक्षाओं के छात्रों को भूत शिक्षक एक दूसरे की पीठ करके पढ़ाते हैं, उन मोहल्ला क्लीनिकों का संज्ञान लेते जहां की हालत खस्ता है और डॉक्टर भूत मरीजों को क्लीनिक आए बिना ही जांच लिख देते हैं, उन सरकारी अस्पतालों में सुधार करते जहां दवाएं उपलब्ध नहीं हैं, गंदगी का अंबार है और डॉक्टर गायब रहते हैं और उन गरीब लोगों की समस्याओं का समाधान करते जिन्हें पानी और बिजली के लिए हजारों रुपये के बिल आ रहे हैं।
एलजी ने केजरीवाल को लिखे पत्र में कहा, मैंने पिछले ढाई साल में कई बार लिखित रूप से या व्यक्तिगत चर्चाओं में दिल्ली और दिल्लीवासियों की कई गंभीर समस्याओं की ओर आपका ध्यान आकर्षित किया है और उनसे निपटने का अनुरोध किया है। इनमें से कुछ मुद्दे यमुना में प्रदूषण, नजफगढ़ नाले की सफाई, सीवर लाइनों की सफाई, सड़कों की खस्ता हालत, पानी की कमी, अस्पतालों के निर्माण में देरी और वायु प्रदूषण आदि हैं। इन मुद्दों पर आज तक कोई काम नहीं हुआ और यमुना इस साल प्रदूषण के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है।
‘आप जिम्मेदार हैं’
एलजी ने कहा, अगर आपको कोई आपत्ति न हो तो मैं व्यक्तिगत रूप से आपको इसके लिए जिम्मेदार ठहराऊंगा, क्योंकि आपने ही सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर यमुना में हो रहे सफाई कार्य को रुकवाया था।
‘आपने अपनी जगह आतिशी को भेजा’
एलजी ने अपने पत्र में रंगपुरी पहाड़ी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा, मैं आपसे बार-बार अनुरोध करता रहा कि आप खुद शहर में निकलकर स्थिति का जायजा लें। परसों भी मैंने आपसे एक्स पर अपनी पोस्ट के माध्यम से रंगपुरी और कापसहेड़ा का दौरा करने का अनुरोध किया था, लेकिन तब भी आप खुद वहां नहीं गए, बल्कि अपनी स्वयंभू अस्थायी मुख्यमंत्री आतिशी को वहां भेज दिया।
उन्होंने कहा, दस साल बाद भी आपको दिल्ली की बिगड़ती हालत और लोगों की दुर्दशा और लाचारी नजर आने लगी है। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि मैं भविष्य में भी इन मुद्दों पर आपका ध्यान आकर्षित करता रहूंगा।