परिवारवाद: संजय संधू ने भाजपा और कांग्रेस पर साधा निशाना, कहा, स्वच्छ छवि के लोगों को मौका देती है आप
Himachal News: AAP प्रवक्ता संजय संधू ने हिमाचल में परिवारवाद पर सवाल उठाए। स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल ने बेटे संजय को राजनीतिक उत्तराधिकारी घोषित किया। संधू ने कहा कि कांग्रेस और BJP में परिवारवाद चरम पर है। नेताओं के बच्चे और रिश्तेदार प्रमुख पदों पर हैं। यह आम कार्यकर्ताओं के लिए जगह कम करता है। उन्होंने कहा कि AAP स्वच्छ और ईमानदार नेतृत्व को बढ़ावा देती है।
कांग्रेस में परिवारवाद
कांग्रेस में परिवारवाद का बोलबाला है। पूर्व CM वीरभद्र सिंह की पत्नी प्रतिभा सिंह प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हैं। उनके बेटे विक्रमादित्य सिंह PWD मंत्री हैं। कांगड़ा से GS बाली के बेटे रघुवीर बाली पर्यटन निगम अध्यक्ष हैं। पालमपुर से बुटेल परिवार की तीसरी पीढ़ी सक्रिय है। सुजान सिंह पठानिया, हर्षवर्धन चौहान, सुधीर शर्मा और अन्य नेता अपनी विरासत बेटों को सौंप रहे हैं। यह राजनीति में नए चेहरों को रोकता है।
BJP की वंशवादी राजनीति
BJP भी परिवारवाद से अछूती नहीं है। पूर्व CM प्रेम कुमार धूमल के बेटे अनुराग ठाकुर केंद्रीय मंत्री हैं। उनके छोटे बेटे अरुण धूमल BCCI सचिव हैं। हमीरपुर से जगदेव चंद ठाकुर के बेटे नरेंद्र और बहू उर्मिला ठाकुर विधायक रह चुके हैं। कुल्लू से कुंज लाल ठाकुर के बेटे गोविंद ठाकुर और शिमला से कश्यप परिवार के वीरेंद्र, राजेश और HN कश्यप सक्रिय हैं।
AAP का विरोध
संधू ने कहा कि परिवारवाद से आम कार्यकर्ताओं का हक छिनता है। पढ़े-लिखे और ईमानदार लोग राजनीति में जगह नहीं बना पाते। AAP कट्टर ईमानदारी और देशभक्ति की विचारधारा पर चलती है। पार्टी वैकल्पिक राजनीति को बढ़ावा देती है। संधू ने जोर दिया कि हिमाचल में स्वच्छ छवि वाले नेताओं को मौका मिलना चाहिए। यह मुद्दा 2027 के चुनावों में जनता के बीच चर्चा का विषय बनेगा।
भविष्य की चुनौती
हिमाचल की राजनीति में परिवारवाद का दबदबा 2027 के चुनावों में अहम मुद्दा हो सकता है। कांग्रेस और BJP के कई दिग्गज नेताओं के बच्चे और रिश्तेदार सक्रिय हैं। यह आम लोगों और कार्यकर्ताओं के लिए अवसरों को सीमित करता है। संधू ने कहा कि जनता को नेतृत्व चुनने में पारदर्शिता चाहिए। AAP इस मुद्दे को उठाकर वैकल्पिक राजनीति की मांग कर रही है।
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