कुछ लोग तुम्हें समझायेंगे
वो तुम को ख़ौफ़ दिलायेंगे
जो है वो भी खो सकता है
इस राह में रहज़न हैं इतने
कुछ और यहाँ हो सकता है
पर तुम जिस लम्हे में ज़िंदा हो
ये लम्हा तुम से ज़िंदा है
ये वक़्त नहीं फिर आएगा
तुम अपनी करनी कर गुज़रो
जो होगा देखा जाएगा
- फ़हमीदा रियाज़
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میرے دشمن کا بیٹا ہے مجھے آداب کرتا ہے
بڑے لوگوں کے بچے بھی بڑے معلوم ہوتے ہیں
- منور رانا

मेरे दुश्मन का बेटा है मुझे आदाब करता है
बड़े लोगों के बच्चे भी बड़े मालूम होते हैं
- मुन्नवर राना

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नक्श फरियादी है किस की शोखी ए तहरीर का
काग़ज़ी है पैराहन हर पैकर ए तस्वीर का! #PoliticalLeaders #ghalib #ghalibgyan #urduadab #Shair #urdupoetry #urdu
न वो इश्क़ में रहीं गर्मियाँ न वो हुस्न में रहीं शोख़ियाँ
न वो ग़ज़नवी में तड़प रही न वो ख़म है ज़ुल्फ़-ए-अयाज़ में #allamaiqbal #MaharashtraPolitics #urduadab #urdu #urdupoetry #truthinverse
मक़ाम 'फ़ैज़' कोई राह में जचा ही नहीं
जो कू-ए-यार से निकले तो सू-ए-दार चले
- फ़ैज़
مقام فیضؔ کوئی راہ میں جچا ہی نہیں
جو کوئے یار سے نکلے تو سوئے دار چل
- فیض
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अपने घर से ज़रा दूर चले जाने पर
फिर कई कई रोज़ घर ना आ पाने पर
अपनों से मुलाक़ात न हो पाने पर
अजनबी मुल्क में बस जाने पर
किसी सूरजमुखी के खिलखिलाने पर
आँचल के सर से सरक जाने पर
सोंधी मिट्टी की ख़ुशबू याद आने पर
शाम को तुलसी पर दिये के टिमटिमाने पर
माँ का भेजा अचार मिल जाने पर
आँगन से बचपन की आहट आने पर
..... Read the complete Nazm at https://swatisani.net/blog/2019/11/07/jaden-pukarti-hain/
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जड़ें पुकारती हैं (جڈیں پکارتی ہیں) - Swati's Blog

अपने घर से ज़रा दूर चले जाने पर फिर कई कई रोज़ घर ना आ पाने पर अपनों से मुलाक़ात न हो पाने पर अजनबी मुल्क में बस जाने पर किसी सूरजमुखी के खिलखिलाने पर आँचल के सर से सरक जाने पर सोंधी मिट्टी की ख़ुशबू याद आने पर शाम को तुलसी पर दिये के … Continue reading जड़ें पुकारती हैं (جڈیں پکارتی ہیں)

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