अपने घर से ज़रा दूर चले जाने पर
फिर कई कई रोज़ घर ना आ पाने पर
अपनों से मुलाक़ात न हो पाने पर
अजनबी मुल्क में बस जाने पर
किसी सूरजमुखी के खिलखिलाने पर
आँचल के सर से सरक जाने पर
सोंधी मिट्टी की ख़ुशबू याद आने पर
शाम को तुलसी पर दिये के टिमटिमाने पर
माँ का भेजा अचार मिल जाने पर
आँगन से बचपन की आहट आने पर
..... Read the complete Nazm at https://swatisani.net/blog/2019/11/07/jaden-pukarti-hain/
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जड़ें पुकारती हैं (جڈیں پکارتی ہیں) - Swati's Blog

अपने घर से ज़रा दूर चले जाने पर फिर कई कई रोज़ घर ना आ पाने पर अपनों से मुलाक़ात न हो पाने पर अजनबी मुल्क में बस जाने पर किसी सूरजमुखी के खिलखिलाने पर आँचल के सर से सरक जाने पर सोंधी मिट्टी की ख़ुशबू याद आने पर शाम को तुलसी पर दिये के … Continue reading जड़ें पुकारती हैं (جڈیں پکارتی ہیں)

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