एम्बुलेंस कर्मचारी: कंपनी ने वेतन से काटे 1800 रूपये, कर्मचारियों ने दी हड़ताल की चेतावनी; जानें पूरा मामला

Himachal News: हिमाचल के एम्बुलेंस कर्मचारी अपनी मेहनत की कमाई में कटौती से आहत हैं। 108-102 सेवा के कर्मचारियों को मई का वेतन 5 जुलाई को मिला, लेकिन 1800 रुपये काटे गए। जून का वेतन अभी बाकी है। कर्मचारियों ने मेडस्वान कंपनी पर शोषण और गड़बड़ी का आरोप लगाया। उन्होंने सरकार और एनएचएम से जांच की मांग की। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि बिना जांच के वे हड़ताल करने को मजबूर होंगे।

वेतन में कटौती का दर्द

एम्बुलेंस कर्मचारी पिछले चार साल से मेडस्वान कंपनी के शोषण का शिकार हैं। पहले 30 दिन का वेतन 15,040 रुपये था, जो अब 13,000 रुपये कर दिया गया। कंपनी का कहना है कि यह कटौती पीएफ के लिए है। कर्मचारियों ने सवाल उठाया कि पहले क्या पीएफ नहीं काटा जाता था। देर से मिलने वाला वेतन और कटौती ने कर्मचारियों को हताश कर दिया। उनकी मेहनत को मजाक बनाया जा रहा है।

सैलरी स्लिप देने में आनाकानी

कर्मचारियों ने जिला सुपरवाइजर से वेतन कटौती का कारण पूछा, लेकिन सैलरी स्लिप देने से इनकार कर दिया गया। सुपरवाइजर ने कहा कि स्लिप तभी मिलेगी, जब कर्मचारी लिखित पत्र देंगे। एम्बुलेंस कर्मचारी इस व्यवहार से नाराज हैं। उन्होंने इसे अनुचित बताया। कर्मचारी संघ ने कहा कि कंपनी ने 15,032 रुपये सीटीसी देने की बात मानी थी। फिर भी कटौती से कर्मचारियों का भरोसा टूट रहा है।

शोषण के खिलाफ आवाज

108-102 एम्बुलेंस कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुनील दत्त और महासचिव बालकराम शर्मा ने मेडस्वान कंपनी पर शोषण का आरोप लगाया। एम्बुलेंस कर्मचारी सरकार और एनएचएम के रवैये से निराश हैं। उनका कहना है कि उन्हें सौतेला व्यवहार झेलना पड़ रहा है। पहले की कंपनी बेहतर वेतन देती थी। कर्मचारियों ने मांग की कि कंपनी की गड़बड़ियों की जांच हो। यह कदम उनके हक की रक्षा के लिए जरूरी है।

हड़ताल की चेतावनी

कर्मचारियों ने सरकार और एनएचएम से तुरंत जांच की मांग की है। एम्बुलेंस कर्मचारी ने साफ कहा कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे हड़ताल करेंगे। इसकी जिम्मेदारी सरकार और एनएचएम की होगी। कर्मचारियों का कहना है कि वे मरीजों की जान बचाने के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं। फिर भी उनकी मेहनत की कमाई छीनी जा रही है। यह अन्याय उनके लिए असहनीय हो गया है।

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