हिमाचल अल्पसंख्यक योजनाएं: निगम की 53वीं बैठक में बड़े फैसले
Himachal News: हिमाचल प्रदेश में हिमाचल अल्पसंख्यक योजनाएं अल्पसंख्यक समुदायों के लिए नई उम्मीदें जगा रही हैं। गुरुवार को शिमला में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल की अध्यक्षता में हिमाचल प्रदेश अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास निगम (एचपीएमएफडीसी) की 53वीं बैठक हुई। इस दौरान अल्पसंख्यक समुदायों के लिए चल रही योजनाओं की समीक्षा की गई। डॉ. शांडिल ने कहा कि ये योजनाएं लोगों के जीवन में बदलाव ला रही हैं।
योजनाओं की पहुंच और प्रभाव
डॉ. शांडिल ने बताया कि राज्य भर में आयोजित जागरूकता शिविरों को समुदाय से अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। इन शिविरों ने हिमाचल अल्पसंख्यक योजनाएं को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने में मदद की। उन्होंने जोर दिया कि सामुदायिक भागीदारी से योजनाओं का लाभ और व्यापक होगा। यह प्रयास अल्पसंख्यक समुदायों के सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
ऋण और सहायता की सुविधाएं
एचपीएमएफडीसी विभिन्न क्षेत्रों में अल्पसंख्यक समुदायों को आर्थिक मदद देता है। ये सुविधाएं निम्नलिखित हैं:
- टर्म लोन: पर्यटन, कृषि, लघु उद्योग, परिवहन जैसे क्षेत्रों में ₹30 लाख तक का ऋण।
- शिक्षा ऋण: ₹20 लाख तक की सहायता।
- स्वयं सहायता समूह: उपकरणों के लिए विशेष ऋण।
लोन का उपयोग जनरल स्टोर, ढाबा, मेडिकल शॉप, डेयरी, कंप्यूटर सेंटर, टैक्सी, और मधुमक्खी पालन जैसे व्यवसायों के लिए किया जा सकता है।
वित्तीय सहायता का आंकड़ा
वित्त वर्ष 2024-25 में एचपीएमएफडीसी ने 150 लाभार्थियों को ₹8.71 करोड़ की सहायता दी। वहीं, हिमाचल प्रदेश दिव्यांग वित्त एवं विकास निगम ने 65 दिव्यांग लाभार्थियों को ₹4.37 करोड़ दिए। अब तक एचपीएमएफडीसी ने 3635 लाभार्थियों को ₹106.56 करोड़ और एचपीडीएफडीसी ने 1962 लाभार्थियों को ₹64.05 करोड़ का ऋण वितरित किया है। सिरमौर, शिमला, सोलन, चंबा, बिलासपुर और मंडी जिलों में सबसे ज्यादा लाभार्थी हैं। अधिक जानकारी के लिए हिमाचल प्रदेश सरकार की वेबसाइट देखें।
भविष्य की योजनाएं
बैठक में वर्ष 2025-26 के लिए राजस्व बजट को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही ऑडिटरों और निदेशकों की नियुक्ति पर भी फैसले लिए गए। डॉ. शांडिल ने कहा कि सरकार अल्पसंख्यक और दिव्यांग समुदायों के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है। हिमाचल अल्पसंख्यक योजनाएं न केवल आर्थिक सहायता दे रही हैं, बल्कि लोगों को आत्मनिर्भर बनाने में भी मदद कर रही हैं।
#HimachalMinoritySchemes #minorityWelfare