पंचायत घोटाला: करोड़ों की वित्तीय अनियमितता, प्रधान बर्खास्त; अब पुलिस करेगी कार्यवाही
Himachal News: हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले की नौर पंचायत में पंचायत घोटाला उजागर हुआ है। 2021 से 2024 के दौरान दो करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितताएं सामने आईं। जांच के बाद जिला पंचायत अधिकारी ने प्रधान काहन चंद को तत्काल बर्खास्त कर दिया। शिकायत के आधार पर गठित कमेटी ने कई गंभीर खुलासे किए। अब उप-प्रधान को पंचायत की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
फर्जी भुगतान और हेराफेरी
जांच में पता चला कि मनरेगा कार्यों में साइनबोर्ड नहीं लगाए गए। प्रधान ने अपनी पत्नी के नाम पर 1.85 लाख रुपये का फर्जी भुगतान किया। इंटरलॉक टाइल्स के कार्य में 56,594 रुपये की अतिरिक्त राशि हड़पी गई। अमृत सरोवर निर्माण में 37,800 रुपये का फर्जी खर्च दिखाया गया, लेकिन कोई कार्य नहीं हुआ। इन अनियमितताओं ने ग्रामीणों का भरोसा तोड़ा है।
घटिया सामग्री और बिलों में गड़बड़ी
रिपोर्ट के अनुसार, चादरों की खरीद में अधिक मूल्य दिखाकर हेराफेरी की गई। घटिया गुणवत्ता का सामान खरीदा गया। मजदूरों को भुगतान भी नहीं किया गया। जांच कमेटी ने इन सभी आरोपों की पुष्टि की। पंचायत घोटाला ने स्थानीय प्रशासन को सख्त कदम उठाने के लिए मजबूर किया। ग्रामीणों ने इस कार्रवाई की मांग लंबे समय से की थी।
कानूनी कार्रवाई और बर्खास्तगी
जिला पंचायत अधिकारी दयाराम ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश पंचायत राज अधिनियम के तहत कार्रवाई की। काहन चंद को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, लेकिन जवाब असंतोषजनक रहा। उन्हें तत्काल बर्खास्त कर दिया गया। पुलिस और भ्रष्टाचार रोकथाम शाखा को सूचित किया गया है। पंचायती राज विभाग अब मामले की गहन जांच कर रहा है।