Après 5 mois en orbite, une équipe internationale revient sur Terre depuis l’ISS, symbole de collaboration spatiale inédite. https://www.lematin.ch/story/etats-unis-atterrissage-d-une-equipe-international-apres-5-mois-dans-l-iss-103395526 #Space #Science #Innovation #Astrophysics #AerospaceEngineering #ISSMission #SpaceReturn
États-Unis: Atterrissage d’une équipe international après 5 mois dans l’ISS

Un équipage de deux astronautes américaines, un cosmonaute russe et un Japonais est de retour sur Terre samedi après l’amerrissage réussi de la capsule Dragon.

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Today News : Shubhanshu Shukla - లక్నోలో ఘన స్వాగతం – ISS మిషన్ విజయం

Shubhanshu Shukla : అంతర్జాతీయ అంతరిక్ష కేంద్రం (ISS) లో 18 రోజుల చారిత్రక యాత్రను విజయవంతంగా పూర్తి చేసి, ఆగస్టు 17, 2025న భారత్‌కు ....

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अंतरिक्ष से लौटे Shubhanshu Shukla, पीएम मोदी से की मुलाकात – भारत के लिए रचा इतिहास - VR News Live

अंतरिक्ष से लौटे Shubhanshu Shukla, पीएम मोदी से की मुलाकात – भारत के लिए रचा इतिहास

VR News Live

शुभांशु शुक्ला: ग्रुप कैप्टन ने अंतरिक्ष से प्रधानमंत्री मोदी के साथ की बातचीत, कहा, भव्य दिखता है भारत

India News: ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) से पीएम नरेंद्र मोदी से बात की। उन्होंने बताया कि अंतरिक्ष से भारत भव्य और बड़ा दिखता है। शुक्ला ने कहा, यह सफर 140 करोड़ भारतीयों का है। वे 28,000 किमी/घंटा रफ्तार से पृथ्वी की परिक्रमा कर रहे हैं। 28 घंटे की यात्रा के बाद वे ISS पहुंचे। यह मिशन भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम की नई शुरुआत है।

अंतरिक्ष से भारत का नजारा

शुभांशु शुक्ला ने पीएम को बताया कि अंतरिक्ष से पृथ्वी एक नजर आती है। कोई सीमा दिखाई नहीं देती। भारत मैप से कहीं ज्यादा बड़ा और भव्य लगता है। उन्होंने कहा, वे रोज 16 सूर्योदय और सूर्यास्त देखते हैं। हवाई के ऊपर से गुजरते समय यह नजारा देखा। शुक्ला ने तिरंगा साथ ले जाकर भारत का गौरव बढ़ाया। उनकी यह यात्रा ऐतिहासिक है।

माइक्रोग्रैविटी की चुनौतियां

शुभांशु शुक्ला ने बताया कि माइक्रोग्रैविटी में रहना चुनौतीपूर्ण है। एक साल की ट्रेनिंग के बावजूद अनुकूलन में समय लगता है। सोना सबसे बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा, बात करते समय पैर बांधने पड़े, वरना वे ऊपर तैर जाते। शुक्ला ने गाजर का हलवा और आमरस साथ ले गए, जो साथी अंतरिक्ष यात्रियों को पसंद आया। यह अनुभव अनोखा है।

ऐतिहासिक मिशन का महत्व

शुभांशु शुक्ला 1984 में राकेश शर्मा के बाद अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय हैं। पीएम मोदी ने कहा, यह यात्रा गगनयान मिशन की दिशा में महत्वपूर्ण है। शुक्ला 14 दिन तक ISS पर 60 प्रयोग करेंगे, जिनमें सात भारत के हैं। उनकी यात्रा भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम को नई ऊंचाई देगी। यह मिशन NASA, ISRO और SpaceX का सहयोग है।

पीएम मोदी का संदेश

पीएम मोदी ने शुभांशु शुक्ला को बधाई दी। उन्होंने कहा, आप धरती से दूर हैं, लेकिन भारतीयों के दिल के करीब हैं। आपका नाम शुभ है, और यह यात्रा नए युग की शुरुआत है। शुक्ला ने कहा, यह मिशन उनके लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है। वे भारत का प्रतिनिधित्व कर गौरवान्वित हैं।

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Hey guys, Daniel Suguwa here! Today is my 18th live stream, let's watch Soyuz-2.1a rocket - Soyuz MS-27 - Expedition 72/73 crewed mission to the ISS right here! :D

Stream link: https://youtube.com/live/vjdDvxSb7Ig

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