मानव तस्करी: 19 साल की मार्की की दर्दनाक आपबीती, दोस्ती के नाम पर धोखा
International News: कनाडा की मार्की डेल की कहानी मानव तस्करी की भयावह सच्चाई बयां करती है। 19 साल की उम्र में मार्की को उसकी दोस्त ने जन्मदिन की पार्टी में बुलाया। शर्मीली मार्की को नए दोस्तों की उम्मीद थी, लेकिन उसे धोखे से स्ट्रिप क्लब में धकेल दिया गया। वहां उसका शोषण हुआ। TEDx Talks पर मार्की ने अपनी दर्दभरी कहानी साझा की, जो समाज में जागरूकता फैलाती है।
दोस्ती का धोखा और बर्बादी
मार्की का बचपन मुश्किलों भरा था। उसकी मां मानसिक रूप से बीमार थीं और पिता बेरोजगार। 19 साल की उम्र में मार्की ने वेट्रेस की नौकरी शुरू की। वहां एक सहकर्मी से उसकी दोस्ती हुई। इस दोस्त ने उसे अपने जन्मदिन की पार्टी में बुलाया। पार्टी में शराब और डरावने चेहरों ने मार्की को असहज किया, लेकिन उसने अनदेखा किया। अगली सुबह उसकी दोस्त ने उसे स्ट्रिप क्लब ले जाकर धमकाया।
स्ट्रिप क्लब में जबरन काम
मार्की की दोस्त ने 37 हजार रुपये का कर्ज चुकाने की धमकी दी। डर से मार्की ने स्ट्रिप क्लब में काम शुरू किया। उसे छोटे कपड़े पहनकर नाचने को मजबूर किया गया। उसने कमाए पैसे दलालों को दे दिए, लेकिन यह शुरुआत थी। उसे नशीली दवा देकर शोषण किया गया। मार्की को अपने पिता से फोन पर कहलवाया कि वह घर नहीं लौटेगी। यह मानव तस्करी का क्रूर चेहरा था।
गुलामी की जिंदगी और यातनाएं
एक साल तक मार्की को स्ट्रिप क्लबों में काम करना पड़ा। उसने कमाए पैसे दलालों को दिए। शारीरिक और यौन हिंसा ने उसे तोड़ दिया। मार्की ने कहा, “मैं गुलाम बन गई थी।” डर और शर्मिंदगी ने उसे भागने से रोका। एक ग्राहक की मदद से वह भागी, लेकिन फिर एक पुराने दोस्त ने उसे दोबारा स्ट्रिप क्लब में धकेल दिया। मार्की की जिंदगी फिर अंधेरे में डूब गई।
आजादी और नई शुरुआत
एक पुलिस अधिकारी की मदद से मार्की मानव तस्करी के चंगुल से निकली। सादी वर्दी में आए अधिकारी ने उसे सेफ हाउस पहुंचाया। मार्की ने परिवार के पास लौटकर कॉलेज में दाखिला लिया। नशे की लत से जूझते हुए उसने काउंसलिंग ली। एक दोस्त के प्रपोजल के बाद उसने शादी की। अब 36 साल की मार्की वकील हैं और दूसरियों को अपनी कहानी से प्रेरित करती हैं।
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