शूलिनी विश्वविद्यालय: हिमाचली छात्रों के लिए मुफ्त शिक्षा की घोषणा, जानें क्या है एक मात्र शर्त
Himachal News: शिमला में शूलिनी विश्वविद्यालय के चांसलर प्रोफेसर पीके खोसला ने बड़ी घोषणा की। 90% से अधिक अंक लाने वाले हिमाचली छात्रों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। विश्वविद्यालय को कई रैंकिंग एजेंसियों ने देश का नंबर एक विश्वविद्यालय घोषित किया। यह भारत के शीर्ष 15 विश्वविद्यालयों में शामिल है।
शूलिनी विश्वविद्यालय की उपलब्धियां
शूलिनी विश्वविद्यालय ने 28 देशों के 250 से अधिक संस्थानों के साथ साझेदारी की है। विश्वविद्यालय के छात्रों को 100% प्लेसमेंट मिला। उच्चतम पैकेज 42 लाख रुपये और न्यूनतम 7 लाख रुपये रहा। नैक से ए प्लस ग्रेड और 3.33 सीजीपीए प्राप्त हुआ। यह विश्वविद्यालय अकादमिक उत्कृष्टता के लिए जाना जाता है।
वैश्विक अवसर और शोध
विश्वविद्यालय ड्यूल-डिग्री प्रोग्राम, विदेश में अध्ययन और ग्लोबल इंटर्नशिप प्रदान करता है। मेलबर्न यूनिवर्सिटी और रायल होलोवे जैसे संस्थानों के साथ साझेदारी है। विश्वविद्यालय ने 1500 से अधिक पेटेंट फाइल किए। इसका एच-इंडेक्स 115 से ऊपर है। हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार, यह भारत में शोध में अग्रणी है।
प्लेसमेंट में उत्कृष्टता
शूलिनी विश्वविद्यालय एमबीए, बीटेक, होटल मैनेजमेंट और मीडिया जैसे कोर्स में 100% प्लेसमेंट देता है। आईबीएम, डेलाइट, हिंदुस्तान यूनिलीवर, एक्सेंचर और सिप्ला जैसी कंपनियां नियमित भर्ती करती हैं। प्रगतिशील पाठ्यक्रम और अत्याधुनिक अवसंरचना छात्रों को वैश्विक मंच पर तैयार करती है। विश्वविद्यालय का फोकस समग्र शिक्षा पर है।
हिमाचल के छात्रों के लिए अवसर
प्रोफेसर खोसला ने कहा कि शूलिनी विश्वविद्यालय हिमाचल के छात्रों के लिए समावेशी शिक्षा पर जोर देता है। 2009 में स्थापित यह विश्वविद्यालय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का केंद्र बन गया। आक्सफोर्ड और यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया जैसे संस्थानों से आए शिक्षक इसे नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं। शूलिनी विश्वविद्यालय देश में उच्च शिक्षा की नई पहचान है।
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