गैंगरेप मामला: कोलकाता लॉ कॉलेज में छात्रा से जघन्य अपराध, 10 बड़े खुलासे
West Bengal News: कोलकाता के साउथ कलकत्ता लॉ कॉलेज में गैंगरेप मामला ने देश को झकझोर दिया। 25 जून को सिक्योरिटी गार्ड के कमरे में यह जघन्य अपराध हुआ। मनोजीत मिश्रा, जैब अहमद, प्रमित मुखर्जी और गार्ड पिनाकी बनर्जी गिरफ्तार हैं। मेडिकल रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज ने पीड़िता के बयान की पुष्टि की। यह घटना कॉलेज प्रशासन की लापरवाही और TMC के रसूख पर सवाल उठाती है।
10 बड़े खुलासे
जांच में प्रगति
कोलकाता पुलिस ने गैंगरेप मामला की जांच के लिए SIT गठित की। सीसीटीवी फुटेज में पीड़िता को गार्ड रूम में घसीटते देखा गया। मेडिकल रिपोर्ट में जबरन यौन संबंध, काटने और खरोंच के निशान मिले। पुलिस ने आरोपियों के फोन से अश्लील वीडियो बरामद किए। राष्ट्रीय महिला आयोग ने स्वत: संज्ञान लिया और समयबद्ध जांच की मांग की।
राजनीतिक तनाव
BJP ने TMC पर हमला बोला, मनोजीत की TMC नेताओं के साथ तस्वीरें वायरल कीं। TMC ने दावा किया कि मनोजीत का संगठन से कोई सक्रिय संबंध नहीं। कोलकाता में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए। BJP ने चार सदस्यीय जांच समिति बनाई। यह मामला महिलाओं की सुरक्षा और कॉलेज प्रशासन की जवाबदेही पर गंभीर सवाल उठाता है।
Gangrape Case: आंध्र प्रदेश में 15 साल की दलित लड़की से दो साल तक गैंगरेप, 17 आरोपी गिरफ्तार
Andhra Pradesh News: आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले में एक दिल दहलाने वाली Gangrape Case ने समाज को झकझोर दिया है। 15 साल की एक दलित लड़की के साथ दो साल तक 14 लोगों ने सामूहिक दुष्कर्म किया। पीड़िता, जो मडिगा समुदाय से है, आठ महीने की गर्भवती है और उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से ज्यादातर बोया समुदाय से हैं। यह मामला सामाजिक और व्यवस्थागत खामियों को उजागर करता है, जिसने पीड़िता को असुरक्षित छोड़ दिया।
दो साल तक चला शोषण
पीड़िता का शोषण तब शुरू हुआ, जब वह 13 साल की थी। एक आरोपी ने स्कूल से लौट रही दो दलित छात्राओं की तस्वीरें खींचीं। इन तस्वीरों और वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर उसने पीड़िता से दुष्कर्म किया और वीडियो बनाए। बाद में, इन वीडियो को अन्य आरोपियों के साथ साझा कर सामूहिक शोषण किया गया। पुलिस अधीक्षक वी. रत्ना ने बताया कि पीड़िता की कम उम्र, सामाजिक स्थिति और जाति ने उसे आसान शिकार बना दिया। Gangrape Case तब सामने आया, जब पीड़िता की गर्भावस्था का पता चला और उसकी मां ने पुलिस में शिकायत दर्ज की।
व्यवस्था की नाकामी
जांच में कई चौंकाने वाली खामियां सामने आईं। पीड़िता ने कक्षा 10 में पढ़ाई छोड़ दी थी, लेकिन किसी शिक्षक ने इसकी सूचना नहीं दी। न ही ग्राम महिला समरक्षण कार्यदर्शी और आशा कार्यकर्ताओं ने कभी उसके घर जाकर हालचाल लिया। पुलिस अधीक्षक वी. रत्ना ने कहा, “शिक्षक, स्वास्थ्य कार्यकर्ता या महिला सुरक्षा स्वयंसेविका, किसी ने पीड़िता की अनुपस्थिति पर ध्यान नहीं दिया।” यह व्यवस्थागत लापरवाही पीड़िता के लिए घातक साबित हुई।
17 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने 17 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इनमें 14 प्रत्यक्ष रूप से दुष्कर्म में शामिल हैं, जबकि तीन ने जानकारी होने के बावजूद चुप्पी साधी। आरोपियों में तीन नाबालिग और 14 लोग (18 से 51 वर्ष) शामिल हैं। इन पर भारतीय न्याय संहिता, POCSO एक्ट और IT एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। Gangrape Case के उजागर होने पर बोया समुदाय के कुछ नेताओं ने मामले को दबाने के लिए पीड़िता की शादी उसके दलित सहपाठी से कराने की कोशिश की।
पीड़िता की स्थिति
डॉक्टरों के अनुसार, पीड़िता एनीमिक है और गहरे मानसिक अवसाद से जूझ रही है। उसकी डिलीवरी 21 जुलाई के बाद होने की संभावना है। उसे अस्पताल में रखा गया है, क्योंकि गांव लौटना जोखिम भरा हो सकता है। डिलीवरी के बाद, उसे और नवजात को सरकारी महिला गृह में भेजा जाएगा, जहां काउंसलिंग और पुनर्वास की व्यवस्था होगी। Gangrape Case ने समाज में दलित समुदाय की सुरक्षा और व्यवस्था की जवाबदेही पर सवाल खड़े किए हैं।
नाबालिग अपहरण: हापुड़ में ग्राम प्रधान और साथियों ने किया गैंगरेप, पुलिस ने 20 दिन बाद किया गिरफ्तार
Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। एक 15 साल की नाबालिग लड़की के नाबालिग अपहरण और गैंगरेप की घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया। पीड़िता के कोर्ट में दिए बयान के अनुसार, गांव के प्रधान सुमित और उसके दो साथियों ने इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया। पिलखुवा पुलिस ने 20 दिन बाद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह खबर हर किसी के लिए एक चेतावनी है कि अपराध कितना भी छिपाया जाए, कानून अपना काम करता है।
नाबालिग अपहरण की शुरुआत कैसे हुई?
हापुड़ के पिलखुवा कोतवाली क्षेत्र के फगौता गांव में सुमित नाम का युवक नाबालिग लड़की से एकतरफा प्यार करता था। लड़की ने कई बार उसका विरोध किया, लेकिन सुमित नहीं माना। एक दिन जब लड़की किराने की दुकान पर गई, सुमित ने अपने साथी ललित के साथ मिलकर उसे बहला-फुसलाकर अपहरण कर लिया। यह घटना उस मासूम के लिए एक बुरे सपने की शुरुआत थी।
पिता को दी गई धमकी
20 मई को सुमित ने लड़की के पिता को फोन कर कहा कि उनकी बेटी उसके पास है और शादी के लिए दबाव बनाया। पिता के मना करने पर सुमित ने गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी। डरे-सहमे पिता ने तुरंत पिलखुवा थाने में FIR दर्ज कराई। पुलिस ने तलाश शुरू की और 20 दिन बाद सुमित, ललित और एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
कोर्ट में पीड़िता का बयान
पीड़िता ने कोर्ट में बताया कि सुमित ने पहले उसका नाबालिग अपहरण करवाया और फिर अपने साथियों के साथ मिलकर गैंगरेप किया। इस बयान ने पूरे गांव को हिलाकर रख दिया। पुलिस अब साक्ष्यों की जांच कर रही है और आरोपियों से पूछताछ जारी है।
पुलिस की कार्रवाई
पिलखुवा कोतवाली पुलिस ने पीड़िता के पिता की शिकायत पर अपहरण का मामला दर्ज किया था। अब गैंगरेप की धाराओं को भी जोड़ा गया है। पुलिस ने बताया कि सभी आरोपी हिरासत में हैं और सख्त कार्रवाई की जाएगी। उत्तर प्रदेश पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से पीड़ित परिवार को कुछ राहत मिली है।
समाज के लिए सबक
यह घटना समाज में महिलाओं और नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाती है।
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गैंगरेप मामला: मोहाली से मंडी के लिए दी लिफ्ट, कोल्ड ड्रिंक से नशीला पदार्थ देकर चार युवकों ने किया दुष्कर्म
Himachal News: हिमाचल प्रदेश के मंडी में गैंगरेप का सनसनीखेज मामला सामने आया। पंजाब की एक युवती ने आरोप लगाया कि मोहाली से मंडी लिफ्ट लेने के दौरान उसे नशीली कोल्ड ड्रिंक पिलाई गई। बेहोशी में चार युवकों ने उसके साथ दुष्कर्म किया। बल्ह थाना पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर तलाश शुरू की। पीड़िता का मेडिकल करवाया गया।
घटना का विवरण
युवती मोहाली से मंडी कार में लिफ्ट लेकर आ रही थी। कार में एक अन्य युवती थी, जिससे उसे भरोसा हुआ। आरोपियों ने बताया कि वह युवती भी मंडी जा रही है। रास्ते में कोल्ड ड्रिंक दी गई, जिसमें नशीला पदार्थ था। युवती बेहोश हो गई। मंडी के सुनसान इलाके में कार रोककर चारों ने दुष्कर्म किया।
पीड़िता की शिकायत
होश आने पर युवती बल्ह थाना पहुंची। उसने पुलिस को पूरी घटना बताई। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, पीड़िता ने चारों आरोपियों के नाम बताए। पुलिस ने तुरंत FIR दर्ज की। मेडिकल टेस्ट में दुष्कर्म की पुष्टि हुई। पीड़िता के बयान मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज किए गए। पुलिस ने जांच शुरू कर दी।
पुलिस की कार्रवाई
बल्ह थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की। महिला पुलिस अधिकारी जांच का नेतृत्व कर रही हैं। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी जारी है। पुलिस ने कहा कि जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा। मामले में धारा 70(1) BNS के तहत केस दर्ज हुआ।
सामाजिक प्रभाव
मंडी में इस घटना से आक्रोश है। स्थानीय लोग और महिला संगठन सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। हिमाचल में 2017-2020 के बीच 1,134 रेप मामले दर्ज हुए, जिनमें मंडी में 162 थे। यह घटना महिला सुरक्षा पर सवाल उठाती है। लोग सार्वजनिक परिवहन में सुरक्षा बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
जांच की प्रगति
पुलिस गाड़ी की पहचान के लिए टोल नाकों के फुटेज देख रही है। आरोपियों के मोबाइल लोकेशन ट्रेस किए जा रहे हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, पुलिस ने एक संदिग्ध की पहचान कर ली है। पीड़िता को सुरक्षा दी गई है। पुलिस ने लोगों से सुरक्षित यात्रा के लिए सावधानी बरतने की अपील की।
Author: Hari Krishan Sharma
सामूहिक दुष्कर्म: झालावाड़ में 35 वर्षीय महिला के साथ 12 लोगों की दरिंदगी, पुलिस जांच में जुटी
Rajasthan News: राजस्थान के झालावाड़ में सामूहिक दुष्कर्म की दिल दहलाने वाली घटना सामने आई। अकलेरा थाना क्षेत्र में 30 मई 2025 को 10-12 लोगों ने 35 वर्षीय महिला के साथ दुष्कर्म किया। आरोपियों ने पीड़िता को अचेत छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पीड़िता को जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
घटना का विवरण
30 मई 2025 को अकलेरा में एक महिला को उसके परिचित ने घाटोली के जंगल में ले जाया। वहां सुनसान मकान में 10-12 लोगों ने सामूहिक दुष्कर्म किया। पीड़िता को अधमरा छोड़कर आरोपी भाग गए। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पीड़िता को तुरंत अकलेरा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
अकलेरा थाना पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया। पीड़िता की गंभीर हालत को देखते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया। पुलिस अधीक्षक ऋचा तोमर ने बताया कि पीड़िता के बयान के आधार पर सामूहिक दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस की टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी हैं।
पीड़िता की स्थिति
पीड़िता को अकलेरा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार दिया गया। हालत गंभीर होने के कारण उसे झालावाड़ जिला अस्पताल भेजा गया। मेडिकल जांच में दुष्कर्म की पुष्टि हुई। पुलिस ने पीड़िता का बयान दर्ज किया। सामूहिक दुष्कर्म की इस घटना ने स्थानीय लोगों में आक्रोश पैदा किया है।
आरोपियों की तलाश
पुलिस ने बताया कि सभी आरोपी घने जंगल में भाग गए। कई टीमें उनकी तलाश में छापेमारी कर रही हैं। कुछ संदिग्धों की पहचान की जा रही है। एसपी ऋचा तोमर ने कहा कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। सामूहिक दुष्कर्म के इस मामले में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सामाजिक प्रभाव और मांग
सामूहिक दुष्कर्म की इस घटना ने क्षेत्र में महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं। स्थानीय लोग और संगठन कठोर सजा की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने आश्वासन दिया कि जांच तेजी से चल रही है। सीबीआई की मदद से मामले को सुलझाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
Author: Urmila Sharma
गैंगरेप मामला: रामपुर में मामी-भांजी के साथ सामूहिक दुष्कर्म, नोएडा के तीन प्रॉपर्टी डीलरों पर FIR दर्ज
Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के रामपुर में गैंगरेप मामला सामने आया है। नोएडा के तीन प्रॉपर्टी डीलरों सहित चार लोगों पर मामी और उनकी नाबालिग भांजी के साथ दुष्कर्म का आरोप है। स्वार कोतवाली पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर FIR दर्ज की। आरोपियों ने चलती कार में अश्लील वीडियो बनाया और धमकी दी। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
घटना का विवरण
5 मई 2025 को मुरादाबाद की एक महिला और उनकी नाबालिग भांजी स्वार में तोपखाना रोड पर थीं। नोएडा के परिचित प्रॉपर्टी डीलर धनंजय, सिद्धार्थ और विजय पाल ने उन्हें कार में लिफ्ट दी। रामनगर जाने का बहाना बनाकर उन्होंने दोनों को कार में बिठाया। खौद के पास आरोपियों ने अश्लील हरकतें शुरू कीं।
आरोपियों की करतूत
आरोपियों ने चाकू दिखाकर महिला और भांजी को डराया। उन्होंने कपड़े उतरवाकर अश्लील वीडियो बनाया। इसके बाद चाकू की नोक पर दोनों के साथ बारी-बारी दुष्कर्म किया। घटना के बाद उन्हें धनौरी चौराहे पर उतार दिया। पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने वीडियो वायरल करने की धमकी दी। पीड़िता की शिकायत को शुरू में नजरअंदाज किया गया।
कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई
पीड़िता ने स्वार कोतवाली में शिकायत की, लेकिन पुलिस ने FIR दर्ज नहीं की। इसके बाद महिला ने कोर्ट का रुख किया। कोर्ट के निर्देश पर स्वार पुलिस ने धनंजय, सिद्धार्थ, विजय पाल और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ गैंगरेप, पॉक्सो एक्ट और अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया। पुलिस अब आरोपियों की तलाश कर रही है।
पीड़िता की पृष्ठभूमि
मुरादाबाद की रहने वाली महिला नोएडा के सेक्टर-62 में प्रॉपर्टी डीलरों के साथ काम करती थी। उनकी भांजी उनके साथ रहती थी, क्योंकि उसकी मां और पिता बाहर रहते हैं। महिला ने बताया कि वह आरोपियों को पहले से जानती थी। इस विश्वास के कारण उन्होंने कार में लिफ्ट स्वीकार की, लेकिन इसका दुरुपयोग हुआ।
पुलिस जांच और समाज पर प्रभाव
स्वार कोतवाली पुलिस ने गैंगरेप मामले की जांच शुरू कर दी है। पीड़िता और भांजी का मेडिकल परीक्षण किया गया। इस घटना ने समाज में महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं। स्थानीय लोग और सामाजिक संगठन कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने सीबीआई की मदद से जांच तेज करने का आश्वासन दिया है।