Gangrape Case: आंध्र प्रदेश में 15 साल की दलित लड़की से दो साल तक गैंगरेप, 17 आरोपी गिरफ्तार

Andhra Pradesh News: आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले में एक दिल दहलाने वाली Gangrape Case ने समाज को झकझोर दिया है। 15 साल की एक दलित लड़की के साथ दो साल तक 14 लोगों ने सामूहिक दुष्कर्म किया। पीड़िता, जो मडिगा समुदाय से है, आठ महीने की गर्भवती है और उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से ज्यादातर बोया समुदाय से हैं। यह मामला सामाजिक और व्यवस्थागत खामियों को उजागर करता है, जिसने पीड़िता को असुरक्षित छोड़ दिया।

दो साल तक चला शोषण

पीड़िता का शोषण तब शुरू हुआ, जब वह 13 साल की थी। एक आरोपी ने स्कूल से लौट रही दो दलित छात्राओं की तस्वीरें खींचीं। इन तस्वीरों और वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर उसने पीड़िता से दुष्कर्म किया और वीडियो बनाए। बाद में, इन वीडियो को अन्य आरोपियों के साथ साझा कर सामूहिक शोषण किया गया। पुलिस अधीक्षक वी. रत्ना ने बताया कि पीड़िता की कम उम्र, सामाजिक स्थिति और जाति ने उसे आसान शिकार बना दिया। Gangrape Case तब सामने आया, जब पीड़िता की गर्भावस्था का पता चला और उसकी मां ने पुलिस में शिकायत दर्ज की।

व्यवस्था की नाकामी

जांच में कई चौंकाने वाली खामियां सामने आईं। पीड़िता ने कक्षा 10 में पढ़ाई छोड़ दी थी, लेकिन किसी शिक्षक ने इसकी सूचना नहीं दी। न ही ग्राम महिला समरक्षण कार्यदर्शी और आशा कार्यकर्ताओं ने कभी उसके घर जाकर हालचाल लिया। पुलिस अधीक्षक वी. रत्ना ने कहा, “शिक्षक, स्वास्थ्य कार्यकर्ता या महिला सुरक्षा स्वयंसेविका, किसी ने पीड़िता की अनुपस्थिति पर ध्यान नहीं दिया।” यह व्यवस्थागत लापरवाही पीड़िता के लिए घातक साबित हुई।

17 आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने 17 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इनमें 14 प्रत्यक्ष रूप से दुष्कर्म में शामिल हैं, जबकि तीन ने जानकारी होने के बावजूद चुप्पी साधी। आरोपियों में तीन नाबालिग और 14 लोग (18 से 51 वर्ष) शामिल हैं। इन पर भारतीय न्याय संहिता, POCSO एक्ट और IT एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। Gangrape Case के उजागर होने पर बोया समुदाय के कुछ नेताओं ने मामले को दबाने के लिए पीड़िता की शादी उसके दलित सहपाठी से कराने की कोशिश की।

पीड़िता की स्थिति

डॉक्टरों के अनुसार, पीड़िता एनीमिक है और गहरे मानसिक अवसाद से जूझ रही है। उसकी डिलीवरी 21 जुलाई के बाद होने की संभावना है। उसे अस्पताल में रखा गया है, क्योंकि गांव लौटना जोखिम भरा हो सकता है। डिलीवरी के बाद, उसे और नवजात को सरकारी महिला गृह में भेजा जाएगा, जहां काउंसलिंग और पुनर्वास की व्यवस्था होगी। Gangrape Case ने समाज में दलित समुदाय की सुरक्षा और व्यवस्था की जवाबदेही पर सवाल खड़े किए हैं।

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