बिहार बंद: मतदाता सूची पुनरीक्षण पर महागठबंधन का हंगामा, राहुल-तेजस्वी ने लगाए गंभीर आरोप
Bihar News: बिहार में बिहार बंद का असर बुधवार को परिवहन और बाजारों पर दिखा। महागठबंधन ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ प्रदर्शन किया। राहुल गांधी और तेजस्वी यादव ने पटना में विरोध मार्च निकाला, लेकिन चुनाव आयोग के अधिकारियों से कोई मुलाकात नहीं हुई। विपक्ष ने भाजपा पर वोटरों के नाम काटने की साजिश का आरोप लगाया। यह मुद्दा बिहार विधानसभा चुनाव से पहले गरमाया हुआ है।
बिहार बंद का व्यापक असर
महागठबंधन के बिहार बंद ने पटना सहित कई जिलों में जनजीवन प्रभावित किया। परिवहन सेवाएं ठप रहीं और बाजार बंद रहे। विपक्षी नेताओं ने आयकर गोलंबर से मार्च शुरू किया, जिसे पुलिस ने शहीद स्मारक पर रोका। राहुल गांधी ने कहा कि मतदाता सूची पुनरीक्षण गरीबों और दलितों के वोट छीनने की साजिश है। प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं का उत्साह दिखा, लेकिन तनाव भी रहा।
राहुल गांधी और तेजस्वी का हमला
राहुल गांधी ने बिहार बंद में हिस्सा लेते हुए महाराष्ट्र चुनाव में वोट चोरी का आरोप दोहराया। उन्होंने कहा कि बिहार में भी यही षड्यंत्र रचा जा रहा है। तेजस्वी यादव ने पूछा कि चुनाव आयोग को आधार कार्ड जैसे दस्तावेजों को क्यों नहीं माना जा रहा। विपक्ष का कहना है कि 11 दस्तावेजों की मांग गरीबों के लिए मुश्किल है। यह मुद्दा सुप्रीम कोर्ट में भी पहुंच चुका है।
चुनाव आयोग से मुलाकात टली
चुनाव आयोग के अधिकारी महागठबंधन के प्रतिनिधिमंडल का इंतजार करते रहे, लेकिन कोई नेता नहीं पहुंचा। राहुल गांधी के भाषण के बाद मार्च खत्म हो गया। तेजस्वी, दीपांकर भट्टाचार्य, मुकेश सहनी और अन्य नेताओं ने ट्रक से प्रदर्शन किया। विपक्ष ने आयोग पर भाजपा के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया। सुप्रीम कोर्ट में 10 जुलाई को इस मामले की सुनवाई होगी।
विपक्ष की मांग और सवाल
महागठबंधन ने मतदाता सूची पुनरीक्षण को स्थगित करने की मांग की है। नेताओं का कहना है कि यह प्रक्रिया गरीबों और प्रवासियों के वोट छीन सकती है। तेजस्वी यादव ने पूछा कि आयोग ने दस्तावेजों की सूची कैसे तय की। विपक्ष का आरोप है कि यह प्रक्रिया लोकतंत्र को कमजोर कर रही है। बिहार बंद ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में ला दिया है।
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