महिलाओं को बस किराए में छूट: निजी बस को हो रहा 40 फीसदी का घाटा, ऑपरेटरों ने उठाई छूट खत्म करने की मांग
Himachal News: हिमाचल प्रदेश में निजी बस ऑपरेटर यूनियन ने महिलाओं को बस किराए में छूट खत्म करने की मांग उठाई है। यूनियन ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को पत्र लिखा। निजी बस ऑपरेटरों को भारी नुकसान हो रहा है। महिलाएं HRTC बसों को प्राथमिकता दे रही हैं। इससे निजी बसें खाली रहती हैं। यूनियन ने सुझाव दिया कि गरीबी रेखा से नीचे की महिलाओं के लिए कार्ड बनाकर छूट दी जाए। यह मांग चर्चा में है।
निजी ऑपरेटरों का घाटा
निजी बस ऑपरेटर यूनियन के महासचिव रमेश कमल ने बताया कि महिलाओं को बस किराए में छूट से निजी बसों को 40% राजस्व का नुकसान हो रहा है। महिलाएं और उनके परिवार HRTC बसों को चुन रहे हैं। इससे निजी बसें खाली रहती हैं। HRTC को भी आधे किराए से घाटा हो रहा है। यूनियन ने मांग की कि सरकार इस नीति पर पुनर्विचार करे। निजी ऑपरेटरों को विशेष राहत पैकेज देने की भी मांग की गई।
गरीब महिलाओं के लिए सुझाव
यूनियन ने सुझाव दिया कि महिलाओं को बस किराए में छूट केवल गरीबी रेखा से नीचे की पात्र महिलाओं को दी जाए। इसके लिए विशेष कार्ड बनाए जाएं। रमेश कमल ने कहा कि वर्तमान में यह छूट उन महिलाओं को मिल रही है जो किराया देने में सक्षम हैं। सरकारी और निजी संस्थानों में काम करने वाली महिलाएं इसका लाभ उठा रही हैं। असल हकदार गरीब महिलाओं को यह सुविधा नहीं मिल पा रही है।
सरकारी नीति पर सवाल
महिलाओं को बस किराए में छूट की नीति पूर्व BJP सरकार ने लागू की थी। यूनियन का कहना है कि यह फैसला वोट बैंक के लिए लिया गया। कांग्रेस सरकार ने BJP के कई फैसलों को रद्द किया, लेकिन यह छूट अभी भी जारी है। यूनियन ने मुख्यमंत्री से इस नीति को खत्म करने या निजी ऑपरेटरों को राहत देने की मांग की। अधिक जानकारी के लिए हिमाचल सरकार देखें।