Таємниця останньої ночі Мерилін Монро.
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रहस्यमय मौत: ओडिशा में पुतिन के आलोचकों की संदिग्ध मृत्यु ने मचाई थी सनसनी, जानें क्या था पूरा मामला
Odisha News: ओडिशा में 2022 के दिसंबर और 2023 की जनवरी में तीन रूसी नागरिकों की रहस्यमय मौत ने दुनिया का ध्यान खींचा। मृतकों में रूसी सांसद पावेल एंटोव शामिल थे, जो व्लादिमीर पुतिन के आलोचक थे। इन मौतों ने भारत-रूस के बीच जासूसी संबंधों पर सवाल उठाए। जांच हुई, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। यह मामला पुतिन के विरोधियों की संदिग्ध मौतों की कड़ी में एक और अध्याय जोड़ता है।
रायगडा में सांसद की मौत
दिसंबर 2022 में रूसी सांसद पावेल एंटोव रायगडा में छुट्टियां मना रहे थे। वह अपने 65वें जन्मदिन के लिए आए थे। पुलिस के अनुसार, वह होटल की तीसरी मंजिल से गिरकर मरे। दो दिन बाद उनके दोस्त व्लादिमीर बिदेनोव भी होटल के कमरे में मृत मिले। दोनों पुतिन की नीतियों के आलोचक थे। उनकी मौत ने स्थानीय लोगों में दहशत फैला दी। पुलिस ने जांच शुरू की, लेकिन रहस्य बरकरार रहा।
तीसरी मौत ने बढ़ाई सनसनी
15 दिनों के भीतर ओडिशा में तीसरे रूसी की मौत हुई। मिलियाकोव सर्गेई (51), एक रूसी पोत के मुख्य इंजीनियर, भी संदिग्ध हालात में मरे। तीनों रूसी पर्यटक के तौर पर ओडिशा आए थे। उनकी मौतों ने वैश्विक स्तर पर चर्चा छेड़ दी। कई लोग इसे पुतिन के विरोधियों को निशाना बनाने की साजिश मान रहे हैं। भारत में जांच हुई, लेकिन कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आया।
पुतिन के आलोचकों का सफाया
रूस में पुतिन के विरोधियों की संदिग्ध मौतें कोई नई बात नहीं हैं। हाल ही में पूर्व परिवहन मंत्री रोमान स्टारोवोइत का शव झाड़ियों में मिला। उन्हें पुतिन ने पद से हटाया था। स्टारोवोइत भी पुतिन के आलोचक थे। वैश्विक स्तर पर माना जाता है कि पुतिन अपने विरोधियों को चुप कराने के लिए खुफिया एजेंसियों का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, रूस की एजेंसी FSB इससे इनकार करती है।
केजीबी का भारत कनेक्शन
केजीबी, सोवियत संघ की खुफिया एजेंसी, 1954 से 1991 तक सक्रिय थी। पुतिन स्वयं केजीबी के एजेंट रह चुके हैं। 1991 में केजीबी भंग होने के बाद FSB और SVR ने इसका स्थान लिया। मित्रोखिन आर्काइव दस्तावेजों में दावा किया गया कि केजीबी ने भारत में नेताओं और अधिकारियों को प्रभावित किया। इनमें इंदिरा गांधी को VANO कोडनेम से बुलाने और कांग्रेस को फंडिंग की बात शामिल है।
पुतिन का विरोधियों पर शिकंजा
पुतिन के सबसे बड़े आलोचक एलेक्सी नवेलनी की 2024 में जेल में जहर से मौत हुई। वागनर समूह के नेता येवगेनी प्रिगोजिन का निजी जेट 2023 में क्रैश हो गया। 2015 में बोरिस नेम्त्सोव और 2006 में पत्रकार अन्ना पोलितकोवस्काया की गोली मारकर हत्या की गई। ये घटनाएं पुतिन के विरोधियों को निशाना बनाने की शैली को दर्शाती हैं। क्रेमलिन इन आरोपों से इनकार करता है।
रूस में सेंसरशिप का दौर
2022 में यूक्रेन युद्ध के बाद रूस ने सख्त सेंसरशिप कानून लागू किए। सेना की आलोचना पर पांच साल की जेल हो सकती है। पुतिन असंतोष को कुचलने के लिए कड़े कदम उठाते हैं। उनका मानना है कि छोटे विरोध भी क्रांति को जन्म दे सकते हैं। इन कानूनों ने रूस में स्वतंत्र आवाजों को दबा दिया है। लोग डर के माहौल में जी रहे हैं।
भारत-रूस के रणनीतिक रिश्ते
भारत और रूस के बीच गहरे रणनीतिक संबंध हैं। रूस भारत को तकनीक और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर समर्थन देता है। भारत की ब्रिक्स और शंघाई सहयोग संगठन में मौजूदगी रूस को पश्चिम विरोधी रुख से संतुलित रखती है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर के अनुसार, भारत गैर-पश्चिमी है, न कि पश्चिम विरोधी। यह रुख भारत को वैश्विक मंचों पर संतुलित शक्ति बनाता है।
जांच का अनसुलझा रहस्य
ओडिशा में तीन रूसियों की मौत की जांच बिना नतीजे के बंद हो गई। स्थानीय लोग और पर्यटक इस घटना से सकते में हैं। कई लोग इसे रूस की खुफिया एजेंसियों की करतूत मानते हैं। भारत में ऐसी घटनाओं ने रूस के साथ संबंधों पर सवाल उठाए। लोग चाहते हैं कि इस रहस्य से पर्दा उठे, लेकिन सच्चाई अब भी अंधेरे में है।
जूनियर इंजीनियर मौत: होटल पार्टी में मारपीट के बाद हुई थी नवीन कुमार की रहस्यमयी मौत, चार गिरफ्तार
Himachal News: चंबा के तीसा में जल शक्ति विभाग के जूनियर इंजीनियर नवीन कुमार की जूनियर इंजीनियर मौत ने सवाल खड़े किए हैं। होटल में पार्टी के दौरान मारपीट हुई। नवीन की नाक से खून निकला। सुबह उनका शव नाले में मिला। पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लिया। फोरेंसिक टीम को होटल में खून के धब्बे मिले। जांच में साजिश की आशंका गहराई। स्थानीय लोग स्तब्ध हैं।
होटल में मारपीट की घटना
पुलिस जांच में पता चला कि जूनियर इंजीनियर मौत से पहले नवीन कुमार होटल में पार्टी कर रहे थे। पार्टी में दो अधिकारी, एक ठेकेदार और होटल संचालक शामिल थे। किसी बात पर कहासुनी हुई, फिर मारपीट। नवीन की नाक से खून बहा। होटल कर्मियों ने उनका चेहरा साफ किया। वह सीढ़ियों पर बैठे रहे, फिर कमरे में गए। रातभर किसी ने उनकी गुमशुदगी की सूचना नहीं दी।
फोरेंसिक जांच में खुलासा
नूरपुर की फोरेंसिक टीम ने होटल का निरीक्षण किया। कमरे और बाहर खून के धब्बे मिले, जिन्हें साफ करने की कोशिश हुई थी। ये निशान जूनियर इंजीनियर मौत में मारपीट की पुष्टि करते हैं। सबूत लैब भेजे गए। होटल कर्मियों ने बताया कि पार्टी के दौरान झगड़ा हुआ था। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज जब्त किए। फुटेज में छेड़छाड़ की आशंका पर जांच चल रही है।
साजिश की आशंका
जूनियर इंजीनियर मौत की जांच में साजिश का शक गहराया। रातभर आरोपियों ने चुप्पी साधी। नवीन की बाइक होटल के बाहर खड़ी थी। सुबह शव नाले में मिला। तीन आरोपी होटल में ही थे। पुलिस अधीक्षक अभिषेक यादव की अगुआई में जांच जारी है। लैब रिपोर्ट के बाद कार्रवाई तेज होगी। स्थानीय लोगों में गुस्सा और अनिश्चितता का माहौल है।
रहस्यमयी मौत: हिमाचल के गरली गांव के अनुप कुमार का शव मूही गांव की झाड़ियों में मिला
Himachal News: हिमाचल के गरली गांव के 59 वर्षीय अनुप कुमार उर्फ गुड्डू की रहस्यमयी मौत ने इलाके में सनसनी फैला दी। तीन दिन पहले लापता हुए अनुप का शव 31 मई 2025 को मूही गांव की झाड़ियों में मिला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए टांडा मेडिकल कॉलेज भेजा। रक्कड़ थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू हो गई है।
लापता होने का विवरण
अनुप कुमार बुधवार सुबह 9:30 बजे घर से निकले थे। परिजनों ने बताया कि वह मानसिक रूप से अस्वस्थ थे और टांडा मेडिकल कॉलेज में उनका इलाज चल रहा था। तीन दिन तक खोजबीन के बाद भी कोई सुराग नहीं मिला। परिजनों ने रक्कड़ थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज की थी।
शव की बरामदगी
31 मई को मूही गांव की झाड़ियों से बदबू आने की सूचना मिली। स्थानीय लोग वहां पहुंचे और अनुप का शव देखा। उनके बेटे अमन कुमार ने शव की पहचान की। पुलिस ने शव को पहले देहरा अस्पताल ले जाया, फिर पोस्टमार्टम के लिए टांडा रेफर किया। प्रारंभिक जांच में चोट के निशान नहीं मिले।
पुलिस की कार्रवाई
रक्कड़ थाना प्रभारी संदीप मनकोटिया ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत का सटीक कारण पता चलेगा। पुलिस ने स्थानीय लोगों से भी पूछताछ शुरू की है। जांच में कोई सुराग मिलने की उम्मीद है।
अनुप कुमार का परिचय
अनुप कुमार, पुत्र प्रभु राम, गरली गांव के एक गरीब परिवार से थे। वे बिजली फिटिंग और रिपेयर का काम करते थे। परिवार का भरण-पोषण उनके कंधों पर था। उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी, जिसके लिए वे नियमित रूप से टांडा मेडिकल कॉलेज में इलाज करवाते थे।
स्थानीय लोगों में दहशत
अनुप की रहस्यमयी मौत ने गरली और मूही गांव में दहशत फैला दी। स्थानीय लोग इस घटना से स्तब्ध हैं। कई लोग इसे असामान्य मान रहे हैं। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, जांच पूरी होने तक कोई निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।
Author: Ranjan Kumar, Dharmshala
"He found problems there, too. Dozens of people had keys to the MRSA, and hundreds of parts — again, damaged and defective parts — were missing. Were they on planes? No one knew. Had they been repaired? No one knew that, either." —Sean Flynn for New York Magazine
https://nymag.com/intelligencer/article/boeing-787-dreamliner-whistleblower-mitch-barnett.html
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Another notable Russian found dead under peculiar circumstances. This time it's Vladimir Egorov, a Tobolsk municipal official.
Are one-story houses in big demand in Russia these days?
https://www.cnn.com/2023/12/28/europe/egorov-russia-dead-outside-house/index.html
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Patterns of Mysterious Deaths Surrounding Kremlin Critics
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https://www.ganganews.com/world/patterns-of-mysterious-deaths-surrounding-kremlin-critics/