विमल नेगी केस: ACS ओंकार शर्मा के बाद SP संजीव गांधी की भी हुई वापसी, जानें इस केस में किस-किस पर गिरी गाज
Himachal News: हिमाचल में विमल नेगी केस ने सुक्खू सरकार की मुश्किलें बढ़ाईं। 27 मई को सीएम ने ACS ओंकार शर्मा, DGP अतुल वर्मा और शिमला SP संजीव गांधी को जबरन छुट्टी पर भेजा। आपसी खींचतान से सरकार की किरकिरी हुई। हाईकोर्ट ने मामले की जांच CBI को सौंपी। यह कदम विमल नेगी के परिवार को न्याय दिलाने की दिशा में है। लोग सच सामने आने की उम्मीद कर रहे हैं।
अधिकारियों पर कार्रवाई
सुक्खू सरकार ने विमल नेगी केस में सख्ती दिखाई। ACS ओंकार शर्मा, DGP अतुल वर्मा और SP संजीव गांधी को छुट्टी पर भेजा गया। सरकार को लगा कि आपसी तालमेल की कमी ने जांच को प्रभावित किया। हाईकोर्ट ने CBI को जांच सौंपी। अतुल वर्मा रिटायर हो गए। शर्मा और गांधी पर अनुशासनहीनता का आरोप लगा। यह कार्रवाई सरकार की जवाबदेही दिखाती है। लोग चाहते हैं कि सच जल्द सामने आए।
ओंकार शर्मा की वापसी
ACS ओंकार शर्मा को छुट्टी से वापस बुलाया गया। लेकिन उनके अहम विभाग छीन लिए गए। पहले वे गृह और राजस्व देख रहे थे। अब केवल जनजातीय विकास विभाग उनके पास है। विमल नेगी केस में उनकी भूमिका पर सवाल उठे। हाईकोर्ट के आदेश के बाद CBI जांच शुरू हुई। शर्मा की वापसी से सरकार का रुख साफ हुआ। लेकिन उनकी जिम्मेदारियां कम होना सवाल उठाता है। लोगों में चर्चा गर्म है।
संजीव गांधी की ड्यूटी पर वापसी
शिमला SP संजीव गांधी 24 जून को ड्यूटी पर लौटे। विमल नेगी केस में उन्होंने DGP अतुल वर्मा की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे। इसके बाद उन्हें छुट्टी पर भेजा गया। 29 दिन बाद वे फिर SP शिमला बने। सरकार ने उन्हें पुरानी जिम्मेदारी सौंपी। गांधी ने पत्रकार वार्ता में कई अधिकारियों को कठघरे में खड़ा किया था। उनकी वापसी से जांच पर नजरें टिकी हैं।
CBI जांच का असर
हाईकोर्ट ने विमल नेगी केस की जांच CBI को सौंपी। परिवार ने उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। CBI ने 26 मई को FIR दर्ज की। जांच में देरी और आपसी विवाद से सरकार की छवि प्रभावित हुई। विमल नेगी की पत्नी किरण ने CBI जांच की मांग की थी। अब जांच तेज होने की उम्मीद है। लोग चाहते हैं कि दोषियों को सजा मिले। यह मामला हिमाचल की सियासत में गूंज रहा है।