Sheena Bora murder case: Witness Vidhie Mukerjea reverses earlier claim, says ‘CBI indeed recorded my statement’
Vidhie Mukerjea, a key prosecution witness in the Sheena Bora murder case, stated in an affidavit submitted to…
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विमल नेगी मौत: गोबिंदसागर झील में शव मिलने के मामले में सीबीआई ने मछुआरों से की पूछताछ
Himachal News: हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के चीफ इंजीनियर विमल नेगी की रहस्यमयी मौत की जांच में सीबीआई ने नया कदम उठाया है। विमल नेगी मौत मामले में सोमवार को शिमला में गोबिंदसागर झील के दो मछुआरों से पूछताछ की गई। यह जांच नेगी के परिवार की शिकायत के बाद तेज हुई, जिसमें कार्यस्थल पर उत्पीड़न का आरोप लगाया गया था। मछुआरों के बयान इस मामले में महत्वपूर्ण साक्ष्य बन सकते हैं।
मछुआरों से सीबीआई की पूछताछ
सीबीआई ने शिमला कार्यालय में चमनलाल और कुंजूलाल से सुबह 11:30 से दोपहर 1:00 बजे तक सवाल-जवाब किए। मछुआरों ने बताया कि उन्हें 18 मार्च 2025 को झील से शव निकालने के लिए बुलाया गया था। उन्होंने रस्सी से शव को नाव से बांधकर किनारे तक पहुंचाया। मछुआरों ने कहा कि उनके सामने शव की कोई जांच नहीं हुई। सीबीआई ने शव की स्थिति, बाहरी चोटों और असामान्य निशानों के बारे में भी पूछा। मछुआरों ने यह भी स्पष्ट किया कि शव से क्या बरामद हुआ, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
पेन ड्राइव का रहस्य
विमल नेगी मौत जांच में शव के पास मिली एक पेन ड्राइव अहम साक्ष्य के रूप में उभरी है। सीबीआई ने मछुआरों से इस पेन ड्राइव के बारे में पूछताछ की। मछुआरों ने कहा कि उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है। सीबीआई मछुआरों के बयानों को प्रत्यक्षदर्शी साक्ष्य के रूप में इस्तेमाल करना चाहती है, क्योंकि वे शव के पहले संपर्क में थे। यह पेन ड्राइव जांच को नई दिशा दे सकती है, क्योंकि पहले पुलिस जांच में इसकी छेड़छाड़ की बात सामने आई थी।
हमीरपुर में सीबीआई की जांच
सीबीआई की एक टीम ने हमीरपुर में पिछले दो दिनों से डेरा डाला हुआ है। विमल नेगी मौत मामले में एक अधिकारी की हमीरपुर में संपत्ति और कॉल रिकॉर्ड डेटा की जांच चल रही है। सीबीआई इस अधिकारी की गतिविधियों को नेगी की मौत से जोड़कर देख रही है। यह कदम मामले में संदिग्धों की पहचान और परिस्थितियों को समझने के लिए उठाया गया है।
जांच की पृष्ठभूमि
विमल नेगी 10 मार्च 2025 को शिमला से लापता हो गए थे। उनका शव आठ दिन बाद बिलासपुर जिले की गोबिंदसागर झील में मिला। नेगी की पत्नी किरण नेगी ने हिमाचल हाई कोर्ट में याचिका दायर कर सीबीआई जांच की मांग की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पति को कार्यस्थल पर वरिष्ठ अधिकारियों ने छह महीने तक मानसिक उत्पीड़न किया। हाई कोर्ट ने 23 मई 2025 को जांच सीबीआई को सौंप दी। सीबीआई ने तीन सदस्यीय विशेष जांच दल बनाया, जो अब इस मामले की गहराई में जा रहा है।
परिवार की पुकार
विमल नेगी मौत ने उनके परिवार को गहरा सदमा पहुंचाया है। किरण नेगी और उनके परिजनों ने लगातार निष्पक्ष जांच की मांग की है। परिवार का कहना है कि विमल नेगी को कार्यस्थल पर अनुचित दबाव और अपमान का सामना करना पड़ा। सीबीआई की ताजा पूछताछ से परिवार को न्याय की उम्मीद बंधी है। मछुआरों के बयान और हमीरपुर में चल रही जांच इस मामले में सच्चाई उजागर करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।