Thar Desert Train Safari departs tomorrow
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थार रेगिस्तान की हरियाली: बंजर भूमि में जलवायु परिवर्तन और मानवीय प्रयासों का चमत्कार
Thar Desert Greening: भारत का थार रेगिस्तान, जो कभी गर्मी, सूखे और बंजर जमीन का पर्याय था, अब हरे-भरे परिदृश्य में बदल रहा है। वैज्ञानिकों ने उपग्रह चित्रों के जरिए खुलासा किया है कि राजस्थान और गुजरात के इस विशाल रेगिस्तानी क्षेत्र में वनस्पति का दायरा तेजी से बढ़ रहा है। थार रेगिस्तान, जो उत्तर-पश्चिमी भारत और दक्षिण-पूर्वी पाकिस्तान के बीच लगभग 2 लाख वर्ग किलोमीटर में फैला है, अब भूरे रंग की बजाय हरे रंग की चादर ओढ़ने लगा है। यह परिवर्तन न केवल आश्चर्यजनक है, बल्कि पर्यावरण और स्थानीय समुदायों के लिए गहरे प्रभाव वाला भी है।
हरियाली का रहस्य: प्रकृति और मानव का संगम
हाल ही में सेल रिपोर्ट सस्टेनेबिलिटी में प्रकाशित एक शोध के अनुसार, थार रेगिस्तान में 2001 से 2023 के बीच वनस्पति कवर में 38% की वृद्धि हुई है। यह अध्ययन उपग्रह तस्वीरों पर आधारित है, जो दर्शाती हैं कि यह हरियाली पिछले दो दशकों में धीरे-धीरे विकसित हुई है। इस बदलाव के पीछे कई कारक हैं:
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) गांधीनगर के प्रोफेसर और इस अध्ययन के सह-लेखक विमल मिश्रा कहते हैं, “थार में पानी और ऊर्जा की उपलब्धता बढ़ने से कृषि और शहरी क्षेत्रों का विस्तार हुआ है। फसल उत्पादन में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी गई है।”
थार: दुनिया का सबसे घनी आबादी वाला रेगिस्तान
थार रेगिस्तान केवल प्राकृतिक बदलाव की कहानी नहीं है। यह दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला रेगिस्तान है, जहां 1.6 करोड़ लोग निवास करते हैं। राजस्थान और गुजरात के साथ-साथ पाकिस्तान के कुछ हिस्सों में फैला यह क्षेत्र अब पहले जैसा बंजर नहीं रहा। खेती, बागवानी और बुनियादी ढांचे के विकास ने इस क्षेत्र को एक नया रूप दिया है। उपग्रह चित्रों से पता चलता है कि खेतों, बगीचों और छोटे-छोटे जंगलों ने रेगिस्तान की तस्वीर बदल दी है।
क्या यह हरियाली किसानों के लिए खुशखबरी है?
थार में बढ़ती हरियाली ने स्थानीय किसानों के लिए नई संभावनाएं खोली हैं। भूजल के सतह के करीब आने और मिट्टी में नमी बढ़ने से फसलों की पैदावार में इजाफा हुआ है। विमल मिश्रा के अनुसार, “पानी की उपलब्धता और मिट्टी की उर्वरता ने खेती को आसान और अधिक लाभकारी बना दिया है।” राजस्थान और गुजरात के किसान अब पहले से कहीं अधिक फसलें उगा रहे हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिला है।
हरियाली के साथ छिपे खतरे
हालांकि यह परिवर्तन सकारात्मक प्रतीत होता है, वैज्ञानिकों ने इसके दीर्घकालिक जोखिमों को लेकर चेतावनी दी है। थार रेगिस्तान की हरियाली के कुछ संभावित खतरे इस प्रकार हैं:
वैज्ञानिकों का मानना है कि इस हरियाली को बनाए रखने के लिए संतुलित नीतियों और टिकाऊ प्रथाओं की जरूरत है। राजस्थान और गुजरात सरकारों को जल संरक्षण और जैव विविधता संरक्षण पर ध्यान देना होगा।
भविष्य की राह
थार रेगिस्तान का हरा-भरा रूप भारत के लिए एक अनोखा अवसर है, लेकिन इसके साथ जिम्मेदारी भी आती है। यह बदलाव प्रकृति और मानव के सहयोग का प्रतीक है, लेकिन इसके दीर्घकालिक प्रभावों पर नजर रखना जरूरी है। थार रेगिस्तान अब केवल रेत का समुद्र नहीं, बल्कि जीवन और समृद्धि का स्रोत बन रहा है। क्या यह हरियाली स्थायी होगी, या यह एक अस्थायी चमत्कार है? इसका जवाब आने वाले वर्षों में मिलेगा।
Shifting sands: why the #TharDesert on the borders of #India and #Pakistan is getting greener https://geographical.co.uk/science-environment/sifting-sands-why-the-thar-desert-on-the-borders-of-india-and-pakistan-is-getting-greener
#ClimateChange and Potential Demise of the Indian Deserts https://agupubs.onlinelibrary.wiley.com/doi/full/10.1029/2022EF003459
"by the end of the century we can expect to see a 150–200 per cent increase in mean rainfall in northwestern India... normally, there is an expectation that #climate change will make wet areas wetter and dry areas drier. However, the #IndianOcean will warm unevenly, heating up faster in the west."