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इजरायल-ईरान युद्ध: तनाव के बीच खामेनेई ने सेना को सौंपा नियंत्रण, जानें क्या जंग में कूदेगा अमेरिका
Iran News: इजरायल और ईरान के बीच चल रहा इजरायल-ईरान युद्ध भयावह रूप ले चुका है। बीते छह दिनों में इजरायल ने ईरान के परमाणु ठिकानों और तेल डिपो पर हमले किए। ईरान ने जवाब में इजरायल पर मिसाइलें दागीं। इस बीच, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने अपनी शक्तियां इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को सौंप दी हैं।
खामेनेई का बड़ा फैसला
रिपोर्ट्स के मुताबिक, खामेनेई ने इजरायल-ईरान युद्ध के बीच IRGC को नियंत्रण सौंपा है। 1989 से सत्ता संभाल रहे खामेनेई ने यह कदम तब उठाया, जब इजरायल ने उनके शीर्ष सैन्य कमांडरों को निशाना बनाया। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ईरान की सबसे ताकतवर सैन्य इकाई है। खामेनेई का यह फैसला युद्ध की गंभीरता को दर्शाता है।
अमेरिका की भूमिका और ट्रंप की धमकी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि उन्हें खामेनेई के ठिकाने का पता है। ट्रंप ने ईरान को बिना शर्त आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा, “हमारा धैर्य जवाब दे रहा है।” जवाब में खामेनेई ने सोशल मीडिया पर लिखा, “जंग शुरू।” यह बयान दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ा रहा है।
युद्ध का बढ़ता दायरा
इजरायल ने ईरान के परमाणु और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया, जिसमें कई कमांडर और वैज्ञानिक मारे गए। ईरान ने तेल अवीव और यरुशलम पर मिसाइलें दागीं, जिससे दोनों तरफ भारी नुकसान हुआ। विशेषज्ञों का कहना है कि इस युद्ध में अमेरिका की प्रत्यक्ष भागीदारी क्षेत्रीय स्थिरता को खतरे में डाल सकती है। अधिक जानकारी के लिए IAEA की वेबसाइट देखें।
क्या होगा अगला कदम?
ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण है। लेकिन इजरायल इसे खतरा मानता है। खामेनेई के सत्ता हस्तांतरण और ट्रंप की धमकियों ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। वैश्विक समुदाय इस इजरायल-ईरान युद्ध पर नजर रखे हुए है।
https://traffic.libsyn.com/yinhistory/EP100-NuclearDisaster.mp3
Several times during the Cold War, the World came dangerously close to a nuclear disaster.
In 1961 and 1968, B52 Bombers carrying nuclear bombs met with accidents nearly leading to a nuclear catastrophe. In 1983, one Soviet Lt. Col. single handedly saved the world from WWIII when he categorized an alarm about 5 missiles being launched at the Soviet Union, a false alarm.
NATO conducted a WWIII simulation in 1983, which the Soviets assumed, was cover for an actual nuclear strike from the West.