अंतरजातीय विवाह के बाद शुद्धिकरण के नाम पर मुंडवाए 40 लोगों के सिर, बकरे, मुर्गे और सूअर की दी बलि
Odisha News: ओडिशा के रायगढ़ जिले के बैगनगुड़ा गांव में अंतरजातीय विवाह के बाद एक आदिवासी महिला के परिवार के 40 सदस्यों ने शुद्धिकरण अनुष्ठान किया। गुरुवार को हुए इस अनुष्ठान में सिर मुंडवाने के साथ बकरे, मुर्गे और सूअर की बलि दी गई। 20 वर्षीय महिला ने अनुसूचित जाति के युवक से प्रेम विवाह किया था। वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन ने जांच शुरू की।
परिवार का सामाजिक दबाव
महिला के अंतरजातीय विवाह ने गांव में तनाव पैदा किया। परिवार ने इस विवाह को अस्वीकार कर दिया। ग्रामीणों ने शुद्धिकरण अनुष्ठान की मांग की, अन्यथा सामाजिक बहिष्कार की धमकी दी। परंपरा के अनुसार, परिवार को स्थानीय देवता के क्रोध से बचने के लिए यह अनुष्ठान करना पड़ा। परिवार ने दबाव में सिर मुंडवाए और पशु बलि दी। इसके बाद भोज का आयोजन हुआ।
वीडियो से हुआ खुलासा
गांव के एक व्यक्ति ने अनुष्ठान को रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। वीडियो वायरल होने पर काशीपुर ब्लॉक विकास अधिकारी (बीडीओ) विजय सोय ने जांच के आदेश दिए। अंतरजातीय विवाह से जुड़ा यह मामला अब चर्चा में है। प्रशासन ने कहा कि जांच के बाद उचित कार्रवाई होगी। ओडिशा सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया।
प्रशासन की जांच
बीडीओ विजय सोय ने बताया कि ब्लॉक-स्तरीय टीम ने बैगनगुड़ा गांव का दौरा किया। परिवार ने कहा कि उन्होंने अपनी मर्जी से अनुष्ठान किया। अंतरजातीय विवाह के लिए सरकारी सहायता का प्रस्ताव उच्च अधिकारियों को भेजा गया। प्रशासन ने कहा कि जांच पूरी होने पर सच्चाई सामने आएगी। अभी तक कोई पुलिस केस दर्ज नहीं हुआ।
सामाजिक रीति-रिवाजों का दबाव
परंपराओं के अनुसार, आदिवासी समुदाय में अंतरजातीय विवाह को स्वीकार नहीं किया जाता। ग्रामीणों का मानना है कि इससे देवता नाराज हो सकते हैं। इसीलिए परिवार को शुद्धिकरण अनुष्ठान करना पड़ा। इस घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में जातिगत रूढ़ियों और सामाजिक दबाव को उजागर किया। प्रशासन अब जोड़े के परिवारों से बातचीत कर रहा है।

