President Lee pledges sweeping reforms to restore market order, signaling a strong regulatory response to recent financial irregularities.
#YonhapInfomax #PresidentLee #MarketOrder #RegulatoryReform #FinancialIrregularities #PolicyMeasures #Economics #FinancialMarkets #Banking #Securities #Bonds #StockMarket
https://en.infomaxai.com/news/articleView.html?idxno=85322

वित्तीय अनियमितता: गगरेट की पंचायतों में वाटर कूलर घोटाले का खुलासा, जानें क्या है पूरा मामला

Himachal News: हिमाचल प्रदेश के गगरेट विधानसभा क्षेत्र की अंबोटा और बड़ोह पंचायतों में वित्तीय अनियमितता के गंभीर आरोप सामने आए हैं। 15वें वित्त आयोग के तहत वाटर कूलर स्थापना में भारी गड़बड़ी की शिकायतें हैं। ग्रामीणों को ठंडा पानी देने के नाम पर बाजार मूल्य से ज्यादा कीमतों पर खरीद और अधूरी स्थापना ने पारदर्शिता पर सवाल उठाए। यह मामला स्थानीय लोगों के बीच आक्रोश पैदा कर रहा है।

अंबोटा में लाखों का भुगतान

अंबोटा पंचायत ने 2 अक्टूबर 2024 को 6 वाटर कूलर के लिए 6 लाख रुपये और 7 जुलाई 2025 को 10 वाटर कूलर के लिए 10.64 लाख रुपये का भुगतान किया। ऊना की एक फर्म को यह राशि दी गई, लेकिन कई वाटर कूलर अभी तक स्थापित नहीं हुए। इतनी बड़ी राशि के बावजूद काम अधूरा रहना पंचायत की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है।

बड़ोह में दोहरा भुगतान

बड़ोह पंचायत ने 26 सितंबर 2023 को 5 वाटर कूलर के लिए 5 लाख रुपये का भुगतान किया। इसके बाद जून 2025 में उसी कार्य के लिए 8.49 लाख रुपये और दिए गए। सात वार्ड वाली पंचायत में 13 वाटर कूलर के लिए भुगतान हुआ, लेकिन कई जगह कूलर लगे ही नहीं। यह दोहरा भुगतान और अधूरा काम ग्रामीणों के लिए निराशाजनक है।

सीसीटीवी कैमरों का मामला

बड़ोह पंचायत में 8 सीसीटीवी कैमरों के लिए 72,000 रुपये का भुगतान हुआ, लेकिन एक भी कैमरा नहीं लगा। पंचायत सचिव धर्मपाल ने बताया कि वाटर कूलर 15वें वित्त आयोग के तहत लगाए गए, लेकिन रेट और भुगतान पर संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। उन्होंने सीसीटीवी के लिए एडवांस भुगतान की बात स्वीकारी, जिसने संदेह को और गहरा किया।

जांच के आदेश

खंड विकास अधिकारी गगरेट सुरेंद्र जेतली ने कहा कि यह मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने वित्तीय अनियमितता की जांच के आदेश दिए हैं। यदि कोई दोषी पाया गया, तो सख्त कार्रवाई होगी। ग्रामीणों को उम्मीद है कि जांच से सच सामने आएगा और उनके हक का पैसा सही जगह लगेगा। यह मामला प्रशासन की जवाबदेही पर सवाल उठाता है।

ग्रामीणों में नाराजगी

वाटर कूलर और सीसीटीवी जैसे बुनियादी सुविधाओं के लिए हुए भुगतान और अधूरे काम ने ग्रामीणों में गुस्सा पैदा किया है। पंचायत चुनावों से पहले ये अनियमितताएं सरकार की छवि को प्रभावित कर सकती हैं। ग्रामीणों का कहना है कि विकास के नाम पर हो रहा यह गोलमाल उनकी मूलभूत जरूरतों के साथ खिलवाड़ है।

#FinancialIrregularities #himachalNews