दिल्ली के तुर्कमान गेट पर फिर बुलडोजर एक्शन, पथराव केस में अब तक 11 गिरफ्तार।
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गया और सुपौल में बुलडोजर एक्शन तेज 🚧
सड़क किनारे अवैध अतिक्रमण हटाने का बड़ा अभियान जारी है।
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⚠️ Disclaimer: रिपोर्ट मीडिया रिपोर्ट और प्रशासनिक जानकारी पर आधारित है।
Protest Against Bulldozer Action in Bihar.
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बुलडोजर कार्रवाई: बिलासपुर में हटाए अवैध अतिक्रमण, चार लेन हाईवे परियोजना को मिलेगी गति
Himachal News: हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में बुलडोजर कार्रवाई ने अवैध अतिक्रमणों पर सख्ती दिखाई। थुनु और जोल गांव में राष्ट्रीय राजमार्ग के चार लेन परियोजना में बाधा डाल रहे निर्माणों को प्रशासन ने ध्वस्त किया। हिमाचल हाईकोर्ट के आदेश के बाद यह कार्रवाई हुई। नगर एवं ग्राम नियोजन, राजस्व, पुलिस और एनएचएआई ने संयुक्त रूप से अभियान चलाया। प्रभावित परिवारों के लिए यह नुकसान भारी है, लेकिन परियोजना की प्रगति जरूरी है।
हाईकोर्ट के आदेश पर सख्त कार्रवाई
हिमाचल हाईकोर्ट ने राज्य के सभी राजमार्गों से अवैध अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया था। इसके तहत बिलासपुर प्रशासन ने थुनु और जोल गांव में बुलडोजर चलाए। थुनु में किशोरी लाल, बाबूराम और छोटू राम के निर्माण ध्वस्त किए गए। जोल में कुलदीप कुमार के प्रतिष्ठान हटाए गए। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि चार लेन परियोजना में किसी भी बाधा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आगे भी ऐसी कार्रवाइयां जारी रहेंगी।
एनएचएआई और प्रशासन का संयुक्त अभियान
बुलडोजर कार्रवाई की निगरानी एनएचएआई, पुलिस, राजस्व और नगर नियोजन विभाग ने की। अधिकारियों ने बताया कि अवैध निर्माणों से हाईवे की सुरक्षा और यातायात प्रभावित हो रहा था। बिना अनुमति के बने ढांचों को हटाने के लिए यह कदम उठाया गया। प्रशासन ने कहा कि परियोजना का उद्देश्य यातायात को सुगम बनाना है। प्रभावित लोगों को नोटिस देने के बाद ही कार्रवाई की गई।
चार लेन परियोजना की प्रगति पर जोर
चार लेन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना बिलासपुर और आसपास के क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण है। अवैध अतिक्रमणों ने इसके निर्माण में देरी की। प्रशासन ने कहा कि बुलडोजर कार्रवाई से परियोजना को गति मिलेगी। हाईवे की सुरक्षा और यात्रियों की सुविधा के लिए यह जरूरी है। प्रभावित परिवारों के नुकसान को देखते हुए प्रशासन ने कानूनी प्रक्रिया का पालन किया। भविष्य में भी सख्ती बरती जाएगी।
प्रभावित परिवारों का दर्द, प्रशासन की मजबूरी
थुनु और जोल गांव के जिन लोगों के निर्माण ध्वस्त किए गए, उनके लिए यह बड़ा नुकसान है। किशोरी लाल और कुलदीप जैसे लोग अब नए सिरे से शुरुआत करने को मजबूर हैं। प्रशासन ने कहा कि कानून के तहत कार्रवाई की गई। हाईवे परियोजना क्षेत्र के विकास के लिए जरूरी है। फिर भी, प्रभावितों की तकलीफ को समझते हुए प्रशासन ने उचित प्रक्रिया का पालन किया।
अवैध धर्मांतरण: छांगुर बाबा की आलीशान कोठी पर चला योगी का बुलडोजर, काले कारनामों की थी केंद्र
Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में अवैध धर्मांतरण के मास्टरमाइंड जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा की कोठी पर बुलडोजर गरजा। मंगलवार सुबह प्रशासन ने सरकारी जमीन पर बनी इस कोठी को ढहाना शुरू किया। यह कोठी छांगुर के काले कारनामों का केंद्र थी। यूपी एटीएस ने उसे गिरफ्तार किया था। यह कार्रवाई सामाजिक सौहार्द के लिए खतरा बन चुके रैकेट को तोड़ने का कदम है। लोग इस सख्ती की चर्चा कर रहे हैं।
कोठी पर बुलडोजर कार्रवाई
मंगलवार सुबह 10:30 बजे बलरामपुर के मधपुर में बुलडोजर कार्रवाई शुरू हुई। कोठी नीतू उर्फ नसरीन के नाम थी। प्रशासन का कहना है कि इसे सरकारी जमीन पर बनाया गया। तीन नोटिस पहले जारी किए गए थे। सामान निकालकर सूचीबद्ध किया गया। फिर कोठी ढहाई गई। एसडीएम राजेन्द्र बहादुर ने कहा कि कार्रवाई नियमानुसार हुई। यह कदम अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए था। लोग इस सख्ती से प्रभावित हैं।
छांगुर बाबा का रैकेट
जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा को यूपी एटीएस ने लखनऊ से गिरफ्तार किया। उसकी सहयोगी नीतू उर्फ नसरीन भी पकड़ी गई। छांगुर ने मधपुर में धर्मांतरण का रैकेट चलाया। उसने कई लोगों को बहला-फुसलाकर इस्लाम अपनवाया। लखनऊ में कुछ लोग हिन्दू धर्म में लौट आए। यह रैकेट मुम्बई तक फैला था। इस खुलासे ने लोगों को चौंकाया। यह सामाजिक एकता के लिए खतरा था।
विदेशी फंडिंग का खेल
जांच में पता चला कि छांगुर को विदेशी फंडिंग मिलती थी। करोड़ों रुपये मुरादाबाद, औरैया और आजमगढ़ भेजे गए। इस रकम से कोठी, शोरूम और लग्जरी गाड़ियां खरीदी गईं। एटीएस को 40 बैंक खातों में बड़े लेन-देन मिले। छांगुर का नेटवर्क देखकर अधिकारी हैरान हैं। ईडी को संपत्ति की जांच का आदेश मिला। यह खुलासा अवैध धर्मांतरण की गहराई दिखाता है। लोग इस फंडिंग पर सवाल उठा रहे हैं।
नीतू और परिवार की भूमिका
नीतू उर्फ नसरीन, उनके पति नवीन और बेटी को छांगुर ने इस्लाम अपनवाया। वे मधपुर में उसकी कोठी में रहते थे। नीतू के नाम पर कोठी थी, लेकिन पैसा छांगुर का था। एटीएस ने नीतू, नवीन और महबूब को गिरफ्तार किया। इनके खिलाफ बेदखली का आदेश जारी हुआ। यह परिवार रैकेट का हिस्सा था। लोग इस जाल की जटिलता को समझ रहे हैं। यह कार्रवाई सख्त संदेश देती है।
प्रशासन की सख्ती
सोमवार शाम तहसीलदार सत्यपाल प्रजापति और पुलिस ने कोठी पर नोटिस चस्पा किया। मंगलवार को एसडीएम, एएसपी और सीओ भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे। कोठी का ताला तोड़ा गया। गाटा संख्या 337/370 की 0.0060 हेक्टेयर सरकारी जमीन पर अतिक्रमण था। सामान निकालकर भवन ढहाया गया। यह कार्रवाई अवैध निर्माण पर नकेल कसने का हिस्सा है। लोग प्रशासन की त्वरित कार्रवाई की सराहना कर रहे हैं।
धर्मांतरण का जाल
छांगुर ने मधपुर में धर्मांतरण का जाल बिछाया। उसने 40 से अधिक गैर-मुस्लिम लड़कियों को निशाना बनाया। प्रलोभन और झूठे वादों से धर्म परिवर्तन कराया। कुछ पीड़ितों ने लखनऊ में हिन्दू धर्म में वापसी की। यह रैकेट सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचा रहा था। यूपी सरकार ने इसे गंभीरता से लिया। लोग इस रैकेट के खुलासे से स्तब्ध हैं। यह कार्रवाई समाज में जागरूकता ला रही है।
मुख्यमंत्री का बयान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छांगुर के कृत्यों को राष्ट्रविरोधी बताया। उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई होगी। संपत्ति जब्ती और कानूनी कार्रवाई का आदेश दिया गया। योगी ने सामाजिक सौहार्द की रक्षा का वादा किया। यह बयान लोगों में भरोसा जगा रहा है। छांगुर के खिलाफ कार्रवाई को उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है। लोग सरकार की इस सख्ती को सराह रहे हैं।
जांच का दायरा
एटीएस और एसटीएफ रैकेट के अन्य सदस्यों तक पहुंचने में जुटी हैं। विदेशी फंडिंग की जांच ईडी कर रही है। छांगुर के 40 बार इस्लामिक देशों के दौरे सामने आए। बड़े लेन-देन के सबूत मिले। यह नेटवर्क कई जिलों में फैला था। जांच से और खुलासे होने की उम्मीद है। लोग इस रैकेट की गहराई को लेकर चिंतित हैं। यह कार्रवाई समाज में बदलाव का संकेत देती है।
बुलडोजर कार्रवाई: उड़ीसा हाईकोर्ट ने सरकार को लगाई फटकार, 10 लाख का मुआवजा ठोका
Odisha News: उड़ीसा हाईकोर्ट ने बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ सख्त रुख अपनाया। गैरकानूनी रूप से सामुदायिक केंद्र गिराने पर सरकार को 10 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया। कोर्ट ने तहसीलदार से 2 लाख रुपये वसूलने का निर्देश दिया। हाईकोर्ट ने इसे कानून की अवहेलना और शक्ति का दुरुपयोग बताया। यह फैसला प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करता है। सामुदायिक केंद्र के लोगों को न्याय की उम्मीद जगी।
कोर्ट की फटकार
हाईकोर्ट ने सरकार को कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि बुलडोजर कार्रवाई न्यायिक आदेशों की अवहेलना थी। यह कार्यपालिका की मनमानी दिखाता है। कानून के शासन का उल्लंघन हुआ। कोर्ट ने तहसीलदार को जिम्मेदार ठहराया। 2 लाख रुपये उनके वेतन से वसूलने का आदेश दिया। यह फैसला प्रशासन को जवाबदेह बनाने का कदम है। सामुदायिक केंद्र के लिए यह जीत है। लोगों में विश्वास बढ़ा।
तहसीलदार पर कार्रवाई
हाईकोर्ट ने तहसीलदार की भूमिका पर सवाल उठाए। सामुदायिक केंद्र को गैरकानूनी ढंग से गिराने का आदेश उन्होंने दिया। कोर्ट ने 10 लाख मुआवजे में से 2 लाख रुपये तहसीलदार के वेतन से वसूलने का निर्देश दिया। यह कदम अधिकारियों को मनमानी से रोकेगा। कोर्ट ने प्रशासनिक जवाबदेही पर जोर दिया। यह फैसला अन्य राज्यों के लिए भी उदाहरण है। सामुदायिक केंद्र के लोगों को राहत मिली।
बुलडोजर कार्रवाई का इतिहास
बुलडोजर कार्रवाई की शुरुआत उत्तर प्रदेश से हुई। योगी सरकार ने अपराधियों के घरों पर बुलडोजर चलवाए। सुप्रीम कोर्ट ने इसे लेकर फटकार लगाई। फिर भी यह कार्रवाई जारी है। मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों ने भी इसका अनुसरण किया। संगीन अपराधियों के खिलाफ बुलडोजर चलाए गए। उड़ीसा का यह मामला अलग है। यहाँ सामुदायिक संपत्ति पर कार्रवाई हुई। हाईकोर्ट का फैसला इसे गलत ठहराता है।
न्याय की जीत
उड़ीसा हाईकोर्ट का फैसला सामुदायिक केंद्र के लिए राहत है। 10 लाख रुपये का मुआवजा लोगों के नुकसान की भरपाई करेगा। तहसीलदार से वसूली का आदेश जवाबदेही सुनिश्चित करता है। कोर्ट ने कार्यपालिका की मनमानी को रोका। यह फैसला कानून के शासन की जीत है। लोगों में न्याय की उम्मीद बढ़ी। उड़ीसा सरकार को भविष्य में सावधानी बरतने की चेतावनी मिली। यह अन्याय के खिलाफ मजबूत कदम है।
HPDA का बुलडोजर एक्शन (Bulldozer Action) , अवैध प्लाटिंग और निर्माण पर कड़ा प्रहार
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हापुड़ देहात विकास क्षेत्र में हापुड़-पिलखुवा विकास प्राधिकरण (HPDA) ने बुलडोजर चलाकर (Bulldozer Action) पांच जगहों पर अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त किया, जबकि एक जगह पर व्यवसायिक भवन को सील कर दिया।