पंजाब में खालिस्तानी आतंकी मॉड्यूल को लेकर हुआ बड़ा खुलासा, एक ब्रिटिश सिख सैनिक भी शामिल; जानें क्या बोला ब्रिटेन
Britain News: हाल ही में पंजाब पुलिस ने खालिस्तानी आतंकी मॉड्यूल को लेकर बड़ा खुलासा किया है। खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स (केजेडएफ) के प्रमुख और पाकिस्तान स्थित रंजीत सिंह नीता द्वारा नियंत्रित आतंकी ‘मॉड्यूल’ की जांच के दौरान पुलिस को एक ब्रिटिश सिख सैनिक के बारे में सुराग मिले हैं। संदेह है कि राज्य में पुलिस थानों पर हाल ही में हुए ग्रेनेड हमलों के पीछे इसी ब्रिटिश सिख सैनिक का हाथ है।
ब्रिटिश सेना के सैनिक जगजीत सिंह पर आतंकवाद में शामिल होने के आरोपों को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि इस नाम का कोई भी व्यक्ति वर्तमान में ब्रिटिश सेना में सेवारत नहीं है। वहीं, पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने अपनी जांच का बचाव करते हुए कहा है कि इस मामले को ‘उचित माध्यमों’ से ब्रिटिश अधिकारियों के समक्ष उठाया जाएगा।
पुलिस डोजियर और आतंकी गतिविधियों का ब्योरा
पंजाब पुलिस डोजियर के अनुसार, जगजीत सिंह और उसके साथी पंजाब में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के लिए धार्मिक संप्रदायों के प्रमुखों को निशाना बनाने की योजना बना रहे थे। पुलिस का कहना है कि उन्होंने युवाओं को पैसे और विदेश में पलायन का मौका देकर आतंकी गतिविधियों के लिए भर्ती करना शुरू कर दिया था। इस मामले में यूएपीए के तहत मामला दर्ज किया गया था और जगजीत सिंह को वांछित अपराधी घोषित किया गया था। 2021 में उसका नाम तब प्रकाश में आया जब तरनतारन जिले के सोहल गांव निवासी रंजीत सिंह के पास से दो हथगोले और दो पिस्तौल बरामद किए गए। घटना के संबंध में अमृतसर के एसएसओसी थाने में शस्त्र अधिनियम और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था।
ब्रिटिश मंत्रालय और पुलिस की प्रतिक्रिया
ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि “इस नाम का कोई भी व्यक्ति ब्रिटिश सेना में सेवारत नहीं है। भारतीय अधिकारियों ने इस संबंध में हमसे संपर्क नहीं किया है।” मंत्रालय के प्रवक्ता रेयान शिलाबीर ने पंजाब पुलिस द्वारा जारी एक फोटो पर भी सवाल उठाया और कहा कि यह फोटो एक अन्य ब्रिटिश सिख सैनिक की है जिसका नाम जगजीत सिंह से मेल नहीं खाता। इसके बावजूद पंजाब के डीजीपी ने अपनी जांच का बचाव करते हुए कहा, “गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और गहन जांच से हमें जानकारी मिली है। इस मामले को ब्रिटिश अधिकारियों के समक्ष उठाया जाएगा।”
आतंकी हमलों और संगठन के बारे में खुलासा
पुलिस ने बयान जारी कर बताया कि पिछले तीन महीनों में पंजाब में पुलिस चौकियों और अन्य स्थानों पर कई ग्रेनेड और आईईडी हमले हुए हैं। इन हमलों की जिम्मेदारी प्रतिबंधित संगठन खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स (केजेडएफ) के प्रमुख रंजीत सिंह नीता और “निगरानी एवं टोही इकाई” के फतेह सिंह बागी ने सोशल मीडिया पर ली है।
पुलिस का कहना है कि 37 वर्षीय जगजीत सिंह मूल रूप से तरनतारन जिले के मियांपुर गांव का रहने वाला है। वह 2010 में स्टूडेंट वीजा पर ब्रिटेन गया था और पढ़ाई पूरी कर 2013 में ब्रिटिश सेना में भर्ती हो गया। इसके बाद उसने खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स और बब्बर खालसा इंटरनेशनल जैसे प्रतिबंधित संगठनों से संबंध स्थापित किए और अकालजोत खालिस्तान फोर्स (एकेएफ) नामक कट्टरपंथी समूह बनाया। पंजाब पुलिस ने एक और तस्वीर जारी कर इसे जगजीत सिंह की ताजा तस्वीर बताया है।
पुलिस को संदेह है कि राज्य में पुलिस थानों पर हाल ही में हुए ग्रेनेड हमलों के पीछे इसी ब्रिटिश सिख सैनिक का हाथ है। पंजाब पुलिस के एक शीर्ष अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि पंजाब में अक्टूबर और नवंबर में कई आतंकी हमले हुए, जिनमें हैंड ग्रेनेड और ‘इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस’ (आईईडी) से हमले शामिल हैं, लुधियाना में हिंदू समूहों के नेताओं के घरों पर पेट्रोल बम का इस्तेमाल कर दो हमले किए गए। इसके बाद दिसंबर में शहीद भगत सिंह नगर जिले के काठगढ़ थाने के अंतर्गत असरों पुलिस चौकी पर हैंड ग्रेनेड फेंका गया।
नीता और फतेह सिंह बागी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इन हमलों की जिम्मेदारी ली है। उन्होंने खुद को ‘निगरानी और टोही इकाई’ का हिस्सा बताया, जो केजेडएफ के तहत काम करती है। इन केजेडएफ मॉड्यूल की जांच से पंजाब पुलिस को ब्रिटिश सेना के एक सिख सैनिक जगजीत सिंह (37) का पता चला। संदेह है कि जगजीत सिंह अपनी असली पहचान छिपाने के लिए छद्म नाम फतेह सिंह बागी का इस्तेमाल कर रहा है। पुलिस ने कहा है कि जगजीत सिंह की मौजूदा स्थिति और उसके सेवा में होने की पुष्टि के लिए ब्रिटिश अधिकारियों से जानकारी मांगी जाएगी। यह मामला अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है।
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