आयुष्मान कार्ड घोटाला: लखनऊ में STF ने मास्टरमाइंड समेत दो को पकड़ा, 84 फर्जी कार्ड हुए बरामद
Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने लखनऊ के नवाबगंज थाना क्षेत्र में आयुष्मान कार्ड घोटाला का भंडाफोड़ किया। 18 जून 2025 को मास्टरमाइंड अमित पांडेय और उनके साथी बृज भुवन पटेल को गिरफ्तार किया गया। उनके पास से 84 फर्जी आयुष्मान कार्ड, 112 कूटरचित दस्तावेज और दो मोबाइल बरामद हुए। यह कार्रवाई गरीबों के लिए बनी योजना के दुरुपयोग को रोकने की दिशा में अहम कदम है।
गिरोह का मास्टरमाइंड और उसका साथी
STF ने नवाबगंज के सेराना पांडेय का पुरवा निवासी अमित पांडेय और सोरांव के पसियापुर निवासी बृज भुवन पटेल को गिरफ्तार किया। अमित ने पूछताछ में बताया कि उसने एमए की पढ़ाई के बाद डिजिटल इंडिया आत्मनिर्भर स्कीम के तहत सीएससी जन सेवा केंद्र का प्रशिक्षण लिया था। 2020-21 में उसे आयुष्मान कार्ड बनाने की आईडी मिली, लेकिन 2021 में उनका केंद्र बंद हो गया। इसके बाद उसने फर्जी दस्तावेजों के जरिए कार्ड बनाना शुरू किया।
आयुष्मान कार्ड घोटाला का खुलासा
STF के अपर पुलिस अधीक्षक विशाल विक्रम सिंह ने बताया कि कई महीनों से शिकायतें मिल रही थीं कि अपात्र लोगों के लिए फर्जी आयुष्मान कार्ड बनाए जा रहे हैं। साइबर सेल की टीम ने तकनीकी विश्लेषण और मुखबिरों की सूचना के आधार पर कार्रवाई की। अमित ने खुलासा किया कि उसने 2024 में बिहार के सुनित मंडल से संपर्क कर प्रति कार्ड 12 से 15 हजार रुपये लेकर 200 से अधिक फर्जी कार्ड बनाए। यह गरीबों के स्वास्थ्य लाभ के लिए बनी योजना का दुरुपयोग है।
फर्जी कार्ड बनाने का तरीका
अमित ने बताया कि वह बेनी फिशरी के जरिए फर्जी दस्तावेज तैयार करता था। सुनित मंडल ने उसे प्रति कार्ड 3500 से 5000 रुपये देने का लालच दिया। इसके बाद अमित ने प्रयागराज के कुछ चिन्हित अस्पतालों के साथ मिलकर यह धंधा शुरू किया। वह अपात्र लोगों के नाम पर कार्ड बनाकर योजना का लाभ गलत हाथों में पहुंचा रहा था। बरामद दस्तावेजों की फॉरेंसिक जांच होगी।
कानूनी कार्रवाई और आगे की जांच
नवाबगंज थाने में दोनों आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धाराओं 3(5), 61(2), 318, 319, 338, 336(3), 340(2) और आईटी एक्ट की धाराओं 66C, 66D के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। STF अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में है। डिजिटल उपकरणों की जांच से और खुलासे होने की उम्मीद है। यह कार्रवाई जनता को सतर्क करती है कि ऐसी योजनाओं का दुरुपयोग गंभीर अपराध है।
आयुष्मान कार्ड घोटाला ने गरीबों के लिए बनी इस महत्वपूर्ण योजना पर सवाल उठाए हैं। STF की यह कार्रवाई न केवल अपराधियों को पकड़ने की दिशा में कदम है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करती है कि सरकारी योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंचे।