CAB और NRC झेलने के लिए जामा मस्जिद की सीढ़ियों पर चढ़ कर #AbulKalamAzad ने ये नही कहा था की "मुसलमानो, अहद करो कि ये मुल्क हमारा है, हम इसी के लिए हैं, और उसकी तक़दीर के बुनियादी फैसले हमारी आवाज़ के बगैर अधूरे ही रहेंगे" हमने यहीं जीने मरने की क़समें खाईं हैं…
#IndiaRejectsCAB
