हिमाचल में डेविएशन नियम सख्त, PWD के विकास कार्यों में पारदर्शिता के लिए उठाए नए कदम, जानें क्या दिए आदेश
Himachal News: हिमाचल सरकार ने लोक निर्माण विभाग (PWD) को विकास कार्य में बिना अनुमति डेविएशन पर रोक के आदेश दिए। 1 जून 2025 से लागू इन नियमों के तहत ठेकेदारों को अतिरिक्त कार्य के लिए लिखित अनुमति लेनी होगी। PWD ने सभी अधिकारियों को सख्ती से पालन के निर्देश दिए। यह कदम भ्रष्टाचार रोकने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए उठाया गया।
नए नियमों का विवरण
नए आदेशों के अनुसार, डेविएशन के लिए ठेकेदार को पहले संबंधित अधिकारी से अनुमति लेनी होगी। अतिरिक्त कार्य या सामग्री की लागत का ब्योरा देना होगा। विस्तृत रिपोर्ट और तकनीकी मंजूरी भी जरूरी होगी। ठेकेदार से शपथ पत्र लिया जाएगा। यह प्रक्रिया अनावश्यक डेविएशन को रोकेगी और वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करेगी।
डेविएशन की पुरानी समस्याएं
अक्सर ठेकेदार टेंडर से अधिक कार्य करते थे, बिना लिखित अनुमति के। बाद में इसे डेविएशन में शामिल कर बिल पास करवाया जाता था। इससे भ्रष्टाचार के आरोप लगते थे। कुछ ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने के लिए कम कार्य आवंटित कर बाद में डेविएशन के जरिए अतिरिक्त काम दिया जाता था। नए नियम इस प्रथा को खत्म करेंगे।
लोक निर्माण विभाग की भूमिका
हिमाचल में सड़क, पुल, भवन और मरम्मत जैसे अधिकांश विकास कार्य PWD के जिम्मे हैं। विभाग स्थानीय निकायों और सार्वजनिक उपक्रमों के लिए भी कार्य करता है। सड़क नेटवर्क कृषि, बागवानी, उद्योग और पर्यटन के लिए महत्वपूर्ण है। नए नियम इन कार्यों में गुणवत्ता और जवाबदेही बढ़ाएंगे। यह हिमाचल के विकास के लिए अहम है।
पारदर्शिता पर जोर
सरकार का यह कदम विकास कार्यों में पारदर्शिता लाने की दिशा में है। अनुमति के बिना डेविएशन न होने से ठेकेदार और अधिकारियों की मनमानी रुकेगी। इससे मुकदमेबाजी भी कम होगी। PWD ने सभी मुख्य और अधीक्षण अभियंताओं को आदेशों का सख्ती से पालन करने को कहा। यह नियम वित्तीय अनियमितताओं पर लगाम लगाएगा।
मंत्रालय का रुख
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि विकास कार्यों में कोई कोताही बर्दाश्त नहीं होगी। विभाग पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए कई कदम उठा रहा है। डेविएशन नियम इसका हिस्सा है। सिंह ने अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। यह नीति हिमाचल के विकास को गति देगी।
ठेकेदारों पर प्रभाव
नए नियम ठेकेदारों को अनुशासित करेंगे। बिना अनुमति अतिरिक्त कार्य करने पर बिल पास नहीं होंगे। शपथ पत्र और तकनीकी मंजूरी की शर्तें अनावश्यक डेविएशन को हतोत्साहित करेंगी। इससे छोटे ठेकेदारों को भी निष्पक्ष अवसर मिलेंगे। यह नीति टेंडर प्रक्रिया में विश्वास बढ़ाएगी और प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित करेगी।
भविष्य की संभावनाएं
यह नियम PWD के कार्यों को अधिक कुशल और भ्रष्टाचार-मुक्त बनाएगा। अन्य विभाग भी इस मॉडल को अपना सकते हैं। हिमाचल में सड़क और भवन निर्माण में गुणवत्ता बढ़ेगी। यह कदम सरकार की विकास और सुशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। पारदर्शिता से जनता का भरोसा भी मजबूत होगा।
Author: Harikrishan Sharma