रूस यूक्रेन शांति वार्ता: इस्तांबुल में बेनतीजा रही बैठक, क्रीमिया और चार क्षेत्रों पर रूस की मांग
Global News: रूस यूक्रेन शांति वार्ता 2 जून 2025 को इस्तांबुल में बेनतीजा रही। रूस ने यूक्रेन से क्रीमिया और चार क्षेत्रों—लुहांस्क, दोनेत्सक, जापोरिजिया, खेरसॉन—छोड़ने की मांग की। यूक्रेन ने इन शर्तों को खारिज किया। वार्ता में युद्धबंदियों और मृत सैनिकों के शवों की अदला-बदली पर सहमति बनी। यह मार्च 2022 के बाद दूसरी प्रत्यक्ष बैठक थी।
रूस की सख्त मांगें
रूस यूक्रेन शांति वार्ता में रूस ने कठोर शर्तें रखीं। उसने क्रीमिया को रूसी क्षेत्र मानने, चार क्षेत्रों से यूक्रेनी सेना हटाने और नाटो सदस्यता छोड़ने की मांग की। रूस ने रूसी भाषा को आधिकारिक दर्जा देने और ‘नाजीवाद’ पर रोक की भी बात कही। यूक्रेन ने इन मांगों को युद्ध बढ़ाने की साजिश बताया और खारिज कर दिया।
वार्ता का परिणाम और सीमित सहमति
यूक्रेनी रक्षा मंत्री रुस्तम उमेरोव ने नेतृत्व वाली शांति वार्ता एक घंटे से कम चली। द हिंदू के अनुसार, दोनों पक्ष 25 साल से कम उम्र और गंभीर रूप से घायल युद्धबंदियों की अदला-बदली पर सहमत हुए। लगभग 12,000 मृत सैनिकों के शव लौटाने का फैसला भी हुआ। यूक्रेन ने 400 बच्चों के अपहरण का मुद्दा उठाया, लेकिन रूस ने केवल 10 बच्चों को लौटाने की बात मानी।
यूक्रेन की शांति योजना
रूस यूक्रेन शांति वार्ता में यूक्रेन ने अपनी शांति योजना पेश की। उसने रूस के कब्जे वाले क्षेत्रों को मान्यता न देने, सेना पर पाबंदी न लगाने और युद्ध नुकसान की भरपाई की मांग की। यूक्रेन ने 30 दिन के पूर्ण युद्धविराम का प्रस्ताव रखा। रूस ने इसे ठुकरा दिया और दो-तीन दिन के सीमित युद्धविराम का सुझाव दिया। दोनों पक्षों की शर्तें असंगत रहीं।
रूस के दो विकल्प
रूस ने शांति वार्ता में दो विकल्प रखे। पहला, यूक्रेन चार क्षेत्रों से सेना हटाए। दूसरा, सैन्य तैनाती रोके, विदेशी सहायता बंद करे और 100 दिनों में चुनाव कराए। यूक्रेन ने इन शर्तों को अस्वीकार्य बताया। रूस ने युद्धविराम के लिए पश्चिमी प्रतिबंध हटाने की भी मांग की। वार्ता में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई।
भविष्य की संभावनाएं और तुर्की की भूमिका
रूस यूक्रेन शांति वार्ता को तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन ने सकारात्मक बताया। उन्होंने पुतिन, जेलेंस्की और ट्रंप को एक मेज पर लाने की उम्मीद जताई। ट्रंप ने युद्ध को जल्द खत्म करने की अपील की। रॉयटर्स के अनुसार, रूस स्थायी समझौता चाहता है, जबकि यूक्रेन का कहना है कि रूस शांति में रुचि नहीं रखता। अगली वार्ता की तारीख तय नहीं है।