HP- हिमाचल में बारिश-बर्फबारी का कहर, 535 सड़कें बंद, मनाली-शिमला में लंबा जाम

जम्मू-कश्मीर से लेकर उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश तक भारी बर्फबारी (Heavy Snowfall) और बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है।

Hindi Vaartha

October Weather नॉर्थ इंडिया में मौसम ने ली करवट: बारिश और ठंड ने कर दिया सूरज फीका #NorthIndiaWeather #RainInNorthIndia #ठंडपड़गई #IMDAlert #RainAndChill #WeatherUpdateIndia #MonsoonReturn #WeatherChange #Rainfall #OctoberWeather #DelhiRain #HimachalRain #UttarakhandWeather #ColdWaveIndia

https://www.vrnewslive.com/october-weather-india-winter-is-started/

October Weather नॉर्थ इंडिया में मौसम ने ली करवट: बारिश और ठंड ने कर दिया सूरज फीका - VR News Live

October Weather नॉर्थ इंडिया में मौसम ने ली करवट: बारिश और ठंड ने कर दिया सूरज फीका

VR News Live
Hindi News: हिमाचल के मंडी में बारिश का कहर, 3 की मौत और 2 लापता

हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में मॉनसून (Manson) अपने आखिरी पड़ाव में है, लेकिन उसका कहर थमने का नाम नहीं ले रहा। बीती रात हुई भारी बारिश ने एक बार फिर राज्य को दहला दिया। मंडी जिले के निहरी और धर्मपुर इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित हुए। निहरी में भूस्खलन से तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि धर्मपुर में अचानक आई बाढ़ में दो लोग लापता हो गए हैं।

Hindi Vaartha

Himachal: 1,286 Roads, 6 National Highways,1,081 Water Supply Schemes Disrupted

https://lokmarg.com/himachal-1286-roads-6-national-highways1081-water-supply-schemes-disrupted/

#HimachalRain

Himachal: 1,286 Roads, 6 National Highways,1,081 Water Supply Schemes Disrupted - Lokmarg - News Views Blogs

Heavy rains have left Himachal Pradesh struggling with massive infrastructure breakdowns, with 1,286 roads, including six national highways, blocked, 2,809 distribution transformers disrupted, and 1,081 water supply schemes hit, the State Disaster Management Authority (SDMA) said on Thursday.

Lokmarg - News Views Blogs

Himachal Rains Leave 310 Dead; 582 Roads, 1,155 Power Lines Disrupted

https://lokmarg.com/himachal-rains-leave-310-dead-582-roads-1155-power-lines-disrupted/
#HimachalRain

Himachal Rains Leave 310 Dead; 582 Roads, 1,155 Power Lines Disrupted - Lokmarg - News Views Blogs

Torrential monsoon rains continued to batter Himachal Pradesh, crippling road connectivity, power supply, and drinking water schemes across the state.

Lokmarg - News Views Blogs
Himachal Pradesh Declares Monsoon Holiday, Over 300 Educational Institutions Affected - Lokmarg - News Views Blogs

In view of widespread destruction caused by heavy rainfall in Himachal Pradesh, the state government has announced monsoon holidays in several areas, with over 300 educational institutions affected. Himachal Pradesh Education Minister Rohit Thakur said the district administrations have been given the authority to declare local-level monsoon holidays wherever needed. “In some places, the monsoon […]

Lokmarg - News Views Blogs

हिमाचल बारिश: मंडी और कांगड़ा में भारी तबाही, 80 की मौत; 69,265.60 लाख के नुकसान का अनुमान

Himachal News: हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश ने कहर बरपाया है। 20 जून से 7 जुलाई तक 80 लोगों की मौत हो चुकी है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) के मुताबिक, 52 मौतें भूस्खलन, अचानक बाढ़ और बादल फटने से हुईं। बाकी 28 मौतें सड़क दुर्घटनाओं और अन्य कारणों से हुईं। मंडी जिला सबसे ज्यादा प्रभावित है, जहां 17 लोगों ने जान गंवाई। कांगड़ा में 11 मौतें हुईं। यह आपदा दिल दहलाने वाली है।

मंडी में सबसे ज्यादा नुकसान

मंडी जिला हिमाचल बारिश की चपेट में सबसे ज्यादा है। SDMA की रिपोर्ट के अनुसार, यहां 17 लोगों की मौत बारिश से संबंधित घटनाओं में हुई। बादल फटने और अचानक बाढ़ ने कई परिवारों को उजाड़ दिया। सड़कों, पुलों और घरों को भारी नुकसान पहुंचा। राहत कार्यों में NDRF और SDRF की टीमें लगी हैं। मंडी के लोग इस त्रासदी से जूझ रहे हैं। प्रशासन प्रभावितों की मदद के लिए तत्पर है।

कांगड़ा में भी भारी तबाही

कांगड़ा जिला भी हिमाचल बारिश की मार से अछूता नहीं रहा। SDMA के अनुसार, यहां 11 लोगों की जान गई। भूस्खलन और बाढ़ ने कई इलाकों को काट दिया। सड़कें बंद होने से लोग फंसे हैं। बिजली और पानी की आपूर्ति भी बाधित है। राहत शिविरों में लोगों को आश्रय दिया जा रहा है। स्थानीय लोग और प्रशासन मिलकर इस संकट से निपटने की कोशिश कर रहे हैं। यह स्थिति चिंताजनक है।

आपदा की भयावहता

SDMA की रिपोर्ट में 23 अचानक बाढ़ और 19 बादल फटने की घटनाएं दर्ज की गईं। 16 भूस्खलन ने भी तबाही मचाई। बारिश से संबंधित घटनाओं में 14 मौतें बादल फटने, 8 बाढ़ और 1 भूस्खलन से हुईं। बिजली का करंट, डूबना और ऊंचाई से गिरना भी मौतों का कारण बना। यह आपदा हिमाचल के लिए अभूतपूर्व चुनौती है। लोग अपने प्रियजनों और संपत्ति के नुकसान से दुखी हैं।

बुनियादी ढांचे को नुकसान

हिमाचल बारिश ने सड़कों, पुलों और बिजली ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया। मंडी, कुल्लू, कांगड़ा और शिमला में सैकड़ों सड़कें बंद हैं। 278 जल आपूर्ति योजनाएं ठप हैं। 320 घर पूरी तरह नष्ट हो गए, जबकि 38 आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हैं। 10,254 मवेशियों की मौत ने किसानों को संकट में डाला। नुकसान की अनुमानित लागत 69,265.60 लाख रुपये है। यह आपदा अर्थव्यवस्था पर भी भारी पड़ रही है।

राहत और बचाव कार्य

NDRF और SDRF की टीमें प्रभावित इलाकों में राहत कार्य में जुटी हैं। राहत शिविर स्थापित किए गए हैं। हेलीकॉप्टर से राशन पहुंचाया जा रहा है। SDMA ने लोगों से नदियों, ढलानों और निर्माण स्थलों से दूर रहने की अपील की है। सरकार स्थिति पर नजर रख रही है। प्रभावित परिवारों को सहायता दी जा रही है। यह प्रयास लोगों में उम्मीद जगा रहे हैं, लेकिन चुनौतियां अभी बाकी हैं।

अन्य कारणों से मौतें

SDMA की रिपोर्ट के अनुसार, 28 मौतें सड़क दुर्घटनाओं और अन्य कारणों से हुईं। इनमें बिजली का करंट, सांप के काटने और ऊंचाई से गिरने की घटनाएं शामिल हैं। बारिश ने सड़कों को खतरनाक बना दिया, जिससे दुर्घटनाएं बढ़ीं। चंबा में सड़क हादसों से सबसे ज्यादा 6 मौतें हुईं। यह स्थिति लोगों के लिए जोखिम भरी है। प्रशासन ने सतर्कता बरतने की सलाह दी है।

मानसून की मार

20 जून से शुरू हुए मानसून ने हिमाचल में भारी तबाही मचाई। 128 लोग घायल हुए हैं। फसलें बर्बाद हो गईं, जिससे किसानों का नुकसान हुआ। सड़कों और बिजली आपूर्ति की बहाली में समय लगेगा। SDMA ने लोगों से सावधानी बरतने को कहा है। मौसम विभाग ने 8 और 9 जुलाई को भारी बारिश की चेतावनी दी है। यह आपदा हिमाचल के लोगों के लिए कठिन समय लेकर आई है।

सरकार का प्रयास

हिमाचल सरकार ने आपदा से निपटने के लिए कई कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने लोगों को हर संभव मदद का भरोसा दिया। राहत सामग्री भेजी जा रही है। गवर्नर शिव प्रताप शुक्ला ने मंडी के थुनाग में राहत सामग्री भेजी। प्रशासन और स्थानीय लोग मिलकर इस संकट से उबरने की कोशिश कर रहे हैं। यह एकजुटता प्रेरणादायक है।

#himachalRain #landslide

हिमाचल बारिश: 200 साल पुरानी नौण को खतरा, बिलासपुर में ढही सुरक्षा दीवार

Himachal News: हिमाचल बारिश ने बिलासपुर के झंडूता क्षेत्र में स्थित 200 साल पुरानी ऐतिहासिक नौण को गंभीर खतरे में डाल दिया है। रानी नागर देई द्वारा निर्मित यह बावड़ी भारी बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हो गई। सड़क की ओर की सुरक्षा दीवार पूरी तरह ढह गई, जिससे नौण की संरचना कमजोर हो रही है। स्थानीय लोगों ने इस सांस्कृतिक धरोहर को बचाने के लिए प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

स्थानीय लोगों की चिंता और अपील

हिमाचल बारिश ने नौण के साथ-साथ आसपास के घरों को भी खतरे में डाल दिया है। स्थानीय निवासी रमेश राजपूत ने बताया कि बारिश का पानी सीधे नौण में प्रवेश कर रहा है। इससे इसकी नींव कमजोर हो रही है। एक नजदीकी मकान भी खतरे में है। उन्होंने प्रशासन से नौण का निरीक्षण और पुनर्निर्माण के लिए धनराशि उपलब्ध कराने की अपील की। ग्रामीणों का कहना है कि यह धरोहर उनकी सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा है।

सड़क निर्माण में लापरवाही का आरोप

ग्रामीणों ने हिमाचल बारिश से हुए नुकसान का कारण सड़क निर्माण में लापरवाही को बताया। उनका कहना है कि सड़क निर्माण के दौरान उचित मानकों का पालन नहीं हुआ। जल निकासी नाली की सफाई न होने से गंदा पानी नौण में जा रहा है। यह दूषित पानी नौण की संरचना को और कमजोर कर रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि मानसून में जलभराव और नाली का पानी और बड़ा खतरा पैदा करेगा।

सांस्कृतिक धरोहर का महत्व

झंडूता की यह नौण रानी नागर देई की ऐतिहासिक विरासत का प्रतीक है। यह न केवल स्थानीय समुदाय, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए सांस्कृतिक महत्व रखती है। हिमाचल बारिश ने इस धरोहर को खतरे में डाला है, लेकिन इसका संरक्षण जरूरी है। ग्रामीणों का मानना है कि प्रशासन और समुदाय के सहयोग से इस नौण को बचाया जा सकता है। यह धरोहर आने वाली पीढ़ियों के लिए इतिहास का जीवंत प्रमाण है।

#bilaspurHeritage #himachalRain

मॉनसून सावधानी: हिमाचल में भारी बारिश के बीच पुलिस की एडवाइजरी जारी, यहां पढ़ें पूरी डिटेल

Himachal News: हिमाचल में मॉनसून ने दस्तक दी। मॉनसून सावधानी बरतने की जरूरत है। कुल्लू में बादल फटने से बाढ़ आई। पुलिस ने एडवाइजरी जारी की। लोगों और पर्यटकों से नदियों, नालों से दूर रहने को कहा। भारी बारिश से सड़कें अवरुद्ध हुईं। प्रशासन ने आपातकालीन तैयारियां शुरू कीं। मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया। लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई। सुरक्षा के लिए निर्देशों का पालन जरूरी है।

पुलिस की सलाह और सतर्कता

हिमाचल पुलिस ने मॉनसून सावधानी के लिए विस्तृत दिशानिर्देश दिए। भारी बारिश में अनावश्यक यात्रा से बचें। नदियों, बांधों और झरनों से दूरी बनाएं। आपातकालीन संपर्क नंबर (112) सहेजें। मोबाइल चार्ज रखें। सूखा भोजन, पानी, दवाइयां और टॉर्च तैयार रखें। निकासी आदेशों का तुरंत पालन करें। पुलिस ने अफवाहों से बचने की सलाह दी। मौसम अलर्ट की निगरानी जरूरी है। स्थानीय लोग और पर्यटक सतर्क रहें।

जलविद्युत परियोजनाओं के लिए निर्देश

मॉनसून सावधानी के तहत जलविद्युत परियोजनाओं को सतर्क रहने को कहा गया। जलाशयों के जलस्तर की निरंतर निगरानी करें। पानी छोड़ने से पहले जिला प्रशासन से समन्वय करें। सायरन और घोषणा प्रणाली चालू रखें। कुल्लू, बिलासपुर और ऊना में जल क्रीड़ा रोकें। पर्यटकों को नदी-आधारित गतिविधियों से बचने की सलाह दी गई। प्रशासन ने आपातकालीन टीमें तैनात कीं। लोग बांधों के पास जाने से बचें। पुलिस हेल्पलाइन नंबर साझा किए गए।

पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए हिदायत

पुलिस ने पर्यटकों और जल क्रीड़ा संचालकों से मॉनसून सावधानी बरतने को कहा। खराब मौसम में गतिविधियां स्थगित करें। जीवन रक्षक जैकेट और प्रशिक्षित गाइड रखें। जिला एसपी आपातकालीन दलों को सुसज्जित रखेंगे। संवेदनशील स्थलों का नियमित निरीक्षण होगा। हिमाचल डीजीपी ने कहा कि ये सलाह जन सुरक्षा के लिए हैं। अगले एक सप्ताह तक येलो अलर्ट है। लोग अफवाहों से बचें। मौसम विभाग की चेतावनी पर ध्यान दें।

#himachalRain #monsoonSafety