हिमाचल हाईकोर्ट: वन रक्षकों को मिलेगा उच्च वेतनमान, दो साल की सेवा पूरी होने पर राहत
Himachal News: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने वन रक्षकों के लिए एक बड़ा फैसला सुनाया है। न्यायाधीश संदीप शर्मा की अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वे हिमाचल हाईकोर्ट के फैसले के तहत वन रक्षकों को दो साल की नियमित सेवा पूरी होने पर 30,400 रुपये का उच्च वेतनमान प्रदान करें। यह आदेश चार सप्ताह के भीतर लागू करना होगा।
याचिकाकर्ताओं की मांग और कोर्ट का फैसला
लगभग 300 वन रक्षकों ने हिमाचल हाईकोर्ट में याचिका दायर कर उच्च वेतनमान की मांग की थी। इन याचिकाकर्ताओं ने 6 सितंबर 2022 की अधिसूचना का हवाला दिया, जो संशोधित वेतन नियम 2022 का हिस्सा है। इस अधिसूचना के अनुसार, वन रक्षकों को दो साल की नियमित सेवा के बाद उच्च वेतनमान का लाभ मिलना चाहिए। कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं के पक्ष में फैसला सुनाते हुए उनके अधिकार को मान्यता दी।
वन रक्षकों की नियुक्ति और वेतन स्थिति
याचिकाकर्ताओं को शुरू में अनुबंध के आधार पर वन रक्षक के रूप में नियुक्त किया गया था। दो साल की सेवा के बाद उनकी सेवाओं को नियमित किया गया। नियमितीकरण के बाद उन्हें 21,300 रुपये के वेतनमान पर रखा गया था। हिमाचल हाईकोर्ट ने इस मामले में पहले के फैसलों, जैसे मोहित शर्मा और राकेश कुमार बनाम हिमाचल प्रदेश, का हवाला दिया, जहां कर्मचारियों को समान परिस्थितियों में उच्च वेतनमान का लाभ दिया गया था।
कोर्ट के निर्देश और समयसीमा
न्यायाधीश संदीप शर्मा ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ताओं को उनकी दो साल की नियमित सेवा पूरी होने की तारीख से उच्च वेतनमान का लाभ मिलेगा। उन्होंने हिमाचल प्रदेश सरकार को निर्देश दिया कि वे चार सप्ताह के भीतर इस आदेश का पालन करें। यह फैसला वन रक्षकों के लिए एक बड़ी राहत है, जो लंबे समय से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे थे।
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