A US delegation is expected to arrive in Pakistan within the next two days for potential discussions. However, sources indicate that Iran remains unprepared for engagement due to prevailing mistrust. #USPakistanRelations #Diplomacy
Former CIA officer John Kiriakou reveals how the US funnelled millions in aid to Pervez Musharraf, effectively 'purchasing' Pakistan's cooperation for its own interests, while ignoring corruption and extremism. https://english.mathrubhumi.com/news/world/us-cia-purchased-musharraf-aid-pakistan-corruption-t6l5m06r?utm_source=dlvr.it&utm_medium=mastodon #CIA #USPakistanRelations #PervezMusharraf #NuclearArsenal

U.S. presidents have long favored Pakistan’s military leaders, viewing them as tools for strategic agendas. From Ayub Khan to Asim Munir, these strongmen have been key allies in advancing American interests, despite Pakistan’s democratic facade. 🕊️🇺🇸🇵🇰 #USPakistanRelations #MilitaryDictators #StrategicAlliances #Geopolitics #PakistanMilitary #TIME #ForeignPolicy

https://kokcha.news/7876/u-s-presidents-love-powerful-pakistani-military-men/?utm_source=mastodon&utm_medium=jetpack_social

U.S. Presidents Love Powerful Pakistani Military Men

The U.S. has always had a special interest in Pakistan’s military dictators, from Ayub Khan and Zia-ul-Haq to Pervez Musharraf and now Asim Munir. According to *TIME* magazine, the reason for this …

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अमेरिका-पाकिस्तान संबंध: जनरल कुरिल्ला ने की पाक की तारीफ, भारत में उठे सवाल

International News: अमेरिका-पाकिस्तान संबंध एक बार फिर चर्चा में हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रमुख जनरल माइकल कुरिल्ला ने पाकिस्तान को आतंकवाद के खिलाफ जंग में ‘शानदार साझेदार’ बताया। उनके इस बयान ने भारत में सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर जब भारत लगातार पाकिस्तान को सीमा पार आतंकवाद के लिए जिम्मेदार ठहरा रहा है। यह दोहरा रवैया वैश्विक मंच पर बहस का विषय बना है।

कुरिल्ला का बयान और पाकिस्तानी जनरल की तारीफ

मंगलवार को अमेरिकी हाउस आर्म्ड सर्विसेज कमेटी में जनरल कुरिल्ला ने पाकिस्तानी सेना और उनके प्रमुख जनरल असीम मुनीर की प्रशंसा की। उन्होंने 2021 में काबुल हवाई अड्डे पर हुए आत्मघाती हमले के मास्टरमाइंड मोहम्मद शरीफुल्लाह उर्फ जाफर को अमेरिका को सौंपने के लिए मुनीर की तारीफ की। इस हमले में 13 अमेरिकी सैनिक और 160 नागरिक मारे गए थे। कुरिल्ला ने बताया कि जाफर की गिरफ्तारी के बाद मुनीर ने उन्हें फोन कर कहा, “हमने उसे पकड़ लिया है। हम उसे अमेरिका को सौंपने को तैयार हैं।”

पाकिस्तान की आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई

कुरिल्ला ने दावा किया कि 2024 में पाकिस्तान ने अमेरिकी खुफिया जानकारी के आधार पर इस्लामिक स्टेट-खोरासान (ISIS-K) के पांच बड़े आतंकियों को पकड़ा और दर्जनों को मार गिराया। उन्होंने यह भी कहा कि 2024 में पाकिस्तान में 1,000 से अधिक आतंकी हमले हुए, जिनमें 700 सुरक्षाकर्मी और 2,500 नागरिक मारे गए। कुरिल्ला ने जोर देकर कहा कि अमेरिका-पाकिस्तान संबंध को भारत के साथ रिश्तों से अलग नहीं देखा जाना चाहिए। उनका कहना था कि यह ‘बाइनरी स्विच’ नहीं है, और अमेरिका को दोनों देशों के साथ रिश्ते बनाए रखने चाहिए।

भारत की चिंता और पाकिस्तान का दोहरा चेहरा

कुरिल्ला का बयान भारत के लिए असहज है। भारत ने 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ वैश्विक मंचों पर अपनी मुहिम तेज की थी। इस हमले के लिए लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठन जिम्मेदार थे, जिनके तार पाकिस्तानी सेना और ISI से जुड़े हैं। भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत इनके ठिकानों पर हमले किए। कुरिल्ला ने यह भी स्वीकार किया कि 2024 में एक पाकिस्तानी नागरिक ने न्यूयॉर्क में यहूदी केंद्र पर हमले की साजिश रची थी, जिसे पाकिस्तान ने अमेरिका को सौंप दिया। लेकिन भारत के मामले में पाकिस्तान का रवैया उलट रहा है। दाउद इब्राहिम, हाफिज सईद और मसूद अजहर जैसे आतंकियों को सौंपने की भारत की मांग को पाकिस्तान नजरअंदाज करता रहा है।

जनरल मुनीर की भूमिका पर सवाल

कुरिल्ला ने जनरल मुनीर की तारीफ की, लेकिन भारत के लिए मुनीर विवादास्पद हैं। 2019 के पुलवामा हमले के समय वह ISI के प्रमुख थे, जिसमें 40 भारतीय सुरक्षाकर्मी शहीद हुए थे। अप्रैल 2025 में मुनीर के भड़काऊ बयान के बाद पहलगाम में हमला हुआ। उनके बयान आतंकी संगठनों के लिए सिग्नल माने गए। अमेरिका-पाकिस्तान संबंध में यह प्रशंसा भारत के लिए चिंता का कारण है। अधिक जानकारी के लिए हिंदुस्तान टाइम्स देखें।

वैश्विक मंच पर भारत की स्थिति

भारत ने लगातार कहा है कि आतंकवाद के शिकार और आतंकवाद के अपराधी को एक समान नहीं देखा जा सकता। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने वैश्विक समुदाय को चेताया कि आतंकवाद की अनदेखी भविष्य में नुकसानदेह होगी। अमेरिका-पाकिस्तान संबंध में यह नया मोड़ भारत की कूटनीतिक चुनौतियों को और जटिल बना सकता है।

#CounterTerrorismPartnership #USPakistanRelations