हिमाचल तबादला विवाद: जसवां-प्रागपुर में शिक्षकों के तबादलों पर बिक्रम सिंह ने उठाए सवाल
Himachal News: हिमाचल प्रदेश के जसवां-प्रागपुर विधानसभा क्षेत्र में हिमाचल तबादला विवाद ने तूल पकड़ लिया है। पूर्व मंत्री और भाजपा विधायक बिक्रम सिंह ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि तबादलों पर रोक के सरकारी आदेशों की अवहेलना हो रही है। क्षेत्र के स्कूल खाली हो रहे हैं, जिससे शिक्षा व्यवस्था पर संकट मंडरा रहा है।
तबादलों पर रोक के बावजूद कार्रवाई
बिक्रम सिंह ने बताया कि प्रदेश सरकार ने 1 जून से तबादलों पर रोक लगाने का दावा किया था। इसके बावजूद, पिछले 15 दिनों में जसवां-प्रागपुर से 25 से अधिक शिक्षकों का तबादला कर दिया गया। उन्होंने इन तबादलों को सुनियोजित और पक्षपातपूर्ण करार दिया। सिंह ने कहा कि शिक्षकों की मानवीय और पारिवारिक परिस्थितियों को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है।
महिला शिक्षकों की अनदेखी
बिक्रम सिंह ने विशेष रूप से महिला शिक्षकों के तबादलों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कई महिला शिक्षकों को 300 से 400 किलोमीटर दूर स्थानांतरित किया गया है। इससे उनकी सुरक्षा और बच्चों की देखभाल जैसी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। कुछ शिक्षकों के परिवार में बुजुर्ग माता-पिता हैं, जिनकी देखभाल प्रभावित हो रही है।
स्कूलों पर असर
तबादलों के कारण क्षेत्र के स्कूलों में शिक्षकों की कमी हो गई है। बिक्रम सिंह ने कहा कि विद्यार्थी अब खाली कक्षाओं में पढ़ने को मजबूर हैं। उन्होंने इसे शिक्षा व्यवस्था के लिए घातक बताया। सिंह ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई इसलिए की जा रही है क्योंकि क्षेत्र से भाजपा विधायक हैं।
जांच और कार्रवाई की मांग
बिक्रम सिंह ने हिमाचल तबादला विवाद की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने दोषी अधिकारियों और नेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही। साथ ही, उन्होंने मानवीय आधार पर तबादलों को तुरंत रद्द करने का आग्रह किया। उन्होंने सरकार से शिक्षकों और विद्यार्थियों के हितों को प्राथमिकता देने की अपील की। अधिक जानकारी के लिए हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट देखें।
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