पाकिस्तान की तरह कंगाल होने की राह पर निकला बांग्लादेश, कई बड़े ब्रांड भारत में ढूंढ रहे जगह; इस शहर की होगी चांदी
Bangladesh News: बांग्लादेश इस समय दूसरा पाकिस्तान बनने की राह पर है। पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफा देने और देश छोड़ने के बाद वहां के हालात स्थिर होने का नाम नहीं ले रहे हैं। इसका सबसे ज्यादा असर वहां की कपड़ा इंडस्ट्री पर पड़ा है। अब बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमले से इस इंडस्ट्री के लिए चिंता और बढ़ा दी है। हालात ये हो गए हैं कि कई कंपनियां बंद होने की कगार पर हैं।
बांग्लादेश की गारमेंट इंडस्ट्री चीन के बाद दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी गारमेंट इंडस्ट्री है। दुनिया के कई बड़े ब्रांड बांग्लादेश में कपड़े तैयार करवाते हैं या खरीदते हैं। यहां बने कपड़े दुनिया के कोने-कोने में बड़े-बड़े शोरूम आदि में बेचे जाते हैं। अभी बांग्लादेश के जो हालात हैं, उन्हें देखते हुए ग्लोबल ब्रांड बांग्लादेश से व्यापार करने में असहज महसूस कर रहे हैं। ऐसे में ये अपना नुकसान नहीं करना चाहते। यही वजह है कि ये ब्रांड भारत में अब अपनी मांग को पूरा करने के लिए भारतीय निर्माताओं की ओर देख रहे हैं।
बांग्लादेश की जीडीपी में बड़ा हिस्सा
बांग्लादेश की गारमेंट इंडस्ट्री का वहां की जीडीपी में बड़ा हिस्सा है। साल 2024 के मुताबिक बांग्लादेश की गारमेंट इंडस्ट्री वहां की जीडीपी में 11 फीसदी योगदान देती है। इस सेक्टर में सबसे ज्यादा रेवेन्यू (80%) एक्सपोर्ट से आता है।
अगर बांग्लादेश की कपड़ा इंडस्ट्री को नुकसान होता है तो वहां के आर्थिक हालात काफी बिगड़ जाएंगे। लोगों की नौकरी से भी हाथ धोना पड़ेगा। हो सकता है कि फिर बांग्लादेश को भारी कर्ज लेना पड़ जाए। अगर हालात ऐसे ही रहे तो बांग्लादेश को पाकिस्तान बनने में देर नहीं लगेगी। बांग्लादेश भी पाकिस्तान की तरह कंगाल हो जाएगा।
गुजरात के इस शहर की हो सकती है चांदी!
दुनिया के कई बड़े ब्रांड अब भारत की ओर देख रहे हैं। इकनॉमिक टाइम्स के मुताबिक गुजरात के सूरत में कई कंपनियों की पूछ-परख बढ़ गई है। सूरत में कपड़ा उद्योग के अंदरूनी सूत्रों ने कहा कि उन्हें ऐसे ब्रांडों से रेडी-टू-वियर कपड़ों के प्रोडक्शन और सप्लाई के लिए पूछताछ मिल रही है। अगर ये इन्क्वायरी ऑर्डर में बदल जाती हैं तो उनका अनुमान है कि सूरत की गारमेंट इंडस्ट्री की वृद्धि मौजूदा 12% प्रति वर्ष से बढ़कर 20-25% हो सकती है।
इन शहरों को भी मिल सकता है लाभ
साउथ गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स के पूर्व अध्यक्ष आशीष गुजराती ने कहा कि नए ऑर्डर से सिर्फ सूरत ही नहीं, बल्कि देश के दूसरे शहरों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। इसमें तमिलनाडु के तिरुपुर और कोयंबटूर, पंजाब का लुधियाना और उत्तर प्रदेश का नोएडा शामिल है। इन शहरों में भी टेक्सटाइल हब मौजूद हैं।
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