खिलाड़ी अजय ठाकुर ने अंतरराष्ट्रीय कबड्डी से लिया संन्यास, मेलबर्न में प्रतियोगिता के दौरान की घोषणा

Ajay Thakur Retirement: हिमाचल के नालागढ़ के दभोटा गांव के अंतरराष्ट्रीय कबड्डी स्टार पदम श्री अजय ठाकुर ने अंतरराष्ट्रीय कबड्डी से संन्यास ले लिया है। ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में कबड्डी प्रतियोगिता के दौरान उन्होंने अपने संन्यास की घोषणा की है।

मेलबर्न में मैच खेलने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया जिसमें उन्होंने कबड्डी को अंतराष्ट्रीय स्तर से संन्यास लेने की घोषणा की है। उन्होंने देश भर में उन्हें मिले प्यार के लिए आभार जताया है।

स्कूल से लेकर देश की कप्तानी करने का शानदार रहा सफर

अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी अजय ठाकुर कबड्डी खेल में पद्मश्री पुरस्कार लेने वाले हिमाचल के पहले खिलाड़ी हैं। अपने अंतरराष्ट्रीय कॅरिअर में सोलन के दभोटा गांव के रहने वाले अजय ठाकुर ने देश को कई पदक दिलाए। अजय ठाकुर ने दभोटा स्कूल टीम की कप्तानी से अपना सफर शुरू किया था और फिर भारतीय टीम की कप्तानी की।

अंतरराष्ट्रीय मेडलों की सूची

  • वर्ष 2007-एशियन इंडोर गेम्स-गोल्ड
  • वर्ष 2013-एशियन इंडोर एंड मार्शल आर्ट गेम्स- गोल्ड
  • वर्ष 2014-एशियन गेम्स-गोल्ड
  • वर्ष 2016-कबड्डी विश्व कप-गोल्ड
  • वर्ष 2017-एशियन कबड्डी चैंपियनशिप-गोल्ड
  • वर्ष 2018-कबड्डी मास्टर्स टूर्नामेंट-गोल्ड
  • वर्ष 2018-एशियन गेम्स-कांस्य पदक

प्रदेश के युवाओं को दे रहे प्रशिक्षण

वर्तमान में उन्होंने दभोटा में कोहिनूर स्पोर्ट्स कबड्डी अकादमी खोली है। जिसमें प्रदेश भर के युवाओं को प्रशिक्षण दे रहे हैं।

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हिमाचल के दवा उद्योगों में निर्मित 29 प्रकार की दवाओं के सैंपल हुए फेल, CDSCO के ड्रग अलर्ट में हुआ खुलासा

Himachal News: केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन और राज्य औषधि नियामकों की जांच में हिमाचल के दवा उद्योगों में निर्मित 29 प्रकार की दवाएं गुणवत्ता मानकों पर फेल हो गई हैं। इसका खुलासा सीडीएससीओ की ओर से नवंबर माह के लिए जारी ड्रग अलर्ट में हुआ है।

सीडीएससीओ की ओर से देर शाम जारी ड्रग अलर्ट में हिमाचल में निर्मित जिन 29 दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं, वे बद्दी, बरोटीवाला, काला अंब व अन्य क्षेत्रों में स्थापित उद्योगों में निर्मित हैं। राज्य औषधि नियंत्रक ने सभी संबंधित उद्योगों को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार सीडीएससीओ ने नवंबर माह के लिए ड्रग अलर्ट जारी किया है, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों में स्थापित दवा उद्योगों में निर्मित 111 दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं। इस सूची में हिमाचल के उद्योगों में फेल हुए दवाओं के सैंपलों की संख्या 27 है। जिन दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं, उनमें अधिकतर हृदय रोग, हाई बीपी, दर्द, एंटीबायोटिक्स और एलर्जी समेत अन्य बीमारियों के उपचार में इस्तेमाल होने वाली दवाएं हैं। लैब टेस्ट में 41 दवाएं घटिया पाई गई हैं, जिनमें 16 हिमाचल में निर्मित दवाएं हैं।

जबकि प्रदेश की लैब टेस्ट में 70 दवाओं के सैंपल गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। इस सूची में हिमाचल प्रदेश में निर्मित दवाओं की संख्या 13 है। इस अलर्ट में फार्मा हब बीबीएन के दवा उद्योगों में निर्मित दवाओं की संख्या ज्यादा है। बद्दी के एक उद्योग में निर्मित दवाओं के तीन सैंपल फेल हुए हैं। इससे पहले इसी साल इसी कंपनी की चार दवाओं के सैंपल फेल हुए थे। राज्य औषधि नियंत्रक मनीष कपूर ने बताया कि ड्रग अलर्ट में जिन उद्योगों की दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं, उन सभी को नोटिस जारी कर संबंधित दवा उत्पाद बाजार से हटाने के निर्देश दिए गए हैं।

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सोलन में दिल्ली और पंजाब के दो फेरीवाले युवकों से 6.19 ग्राम हेरोइन बरामद, पुलिस कर रही मामले की जांच

Solan News: सोलन शहर के कोटलानाला में किराए के कमरे में रह रहे दो लोगों को पुलिस ने हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया है। ये दोनों लोग फेरी लगाकर कपड़े बेचते थे। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। एसपी गौरव सिंह ने बताया कि सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने यहां किराए के कमरे में छापेमारी कर 6.19 ग्राम हेरोइन के साथ दो युवकों को गिरफ्तार किया है।

इनकी पहचान रामचंद्र (28) निवासी दल्लापुरा ईस्ट दिल्ली और हैप्पी सिंह (21) निवासी सलेम टाबरी नानक नगर लुधियाना पंजाब के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और उनका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है। शुरुआती जांच में पता चला है कि ये दोनों फेरी लगाकर कपड़े बेचते थे और कोटलानाला में हेरोइन भी बेचते थे।

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126 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से गुजरी लैंड क्रूजर कार, आगे जाकर हो गई ओझल; पुलिस ने ठोका ऑनलाइन चालान

Uttarakhand News: परिवहन विभाग की प्रवर्तन टीम देखती रह गई और 126 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से दौड़ती हुई टोयोटा लैंड क्रूजर कार सेकंडों में नजरों से ओझल हो गई। तेज गति से निकली कार को देखने वाले देखते रह गए।

देहरादून-हरिद्वार राजमार्ग पर गुरुवार दोपहर एक बजकर 51 मिनट पर कुआंवाला में यह कार अनिंयत्रित गति से उस समय गुजरी, जब परिवहन विभाग की प्रवर्तन टीम रडार-गन से बेलगाम गति से वाहन दौड़ाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई कर रही थी। इस मार्ग पर वाहनों की अधिकतम गति-सीमा 90 किमी प्रतिघंटा निर्धारित है।

कार का हुआ ऑनलाइन चालान

एआरटीओ (प्रवर्तन) राजेंद्र विराटिया ने बताया कि लैंड क्रूजर कार हिमाचल प्रदेश के सोलन जनपद में बड़ोग की एमएफ परफेक्ट कंस्ट्रक्शन के नाम पर पंजीकृत है। कार का ऑनलाइन चालान कर मालिक के पते पर भेजा जा रहा है। साथ ही चालक के ड्राइविंग लाइसेंस को तीन माह के लिए निलंबित करने की भी संस्तुति की गई है।

एआरटीओ ने बताया कि तेज गति से दौड़ रहे वाहन को रोकना या उसका पीछा करने से दुर्घटना का खतरा बना रहता है। इस कारण अब ऐसे वाहनों का इंटरसेप्टर व स्पीड रडार-गन से चालान किया जा रहा है। यह चालान घर भेजा जाता है, लेकिन चालान होने का एसएमएस वाहन स्वामी के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर तत्काल पहुंच जाता है। एआरटीओ ने बताया कि यह कार दून से हरिद्वार की ओर जा रही थी। कार नंबर (एचपी-14सी-6786) बताया गया।

एआरटीओ ने बताया कि परिवहन विभाग की प्रवर्तन टीमों ने गुरुवार को देहरादून बेलगाम गति से वाहन दौड़ाने वालों के विरुद्ध चेकिंग अभियान चलाकर कार्रवाई की। इस दौरान 113 वाहनों का चालान किया गया। परिवहन कर अधिकारी अनुराधा पंत, श्वेता रौथाण व एमडी पपनोई ने हर्रावाला, कुआंवाला, सहारनपुर मार्ग समेत हरिद्वार बाईपास पर अभियान चलाकर ऑनलाइन चालान किए।

रडार गन व इंटरसेप्टर से कार्रवाई

देहरादून में तेज गति को नापने के लिए आरटीओ कार्यालय के पास चार इंटरसेप्टर और स्पीड रडार-गन हैं। एआरटीओ ने बताया कि इंटरसेप्टर के स्पीड रडार-गन में चेकिंग स्थल पर अधिकतम गति सीमा दर्ज की जाती है और कैमरे से वाहन पर फोकस किया जाता है।

जब वाहन सामने से आता है तो कैमरे में उसकी गति दर्ज हो जाती है। निर्धारित सीमा से अधिक गति होने पर स्पीड रडार-गन इसकी फोटो नंबर प्लेट व गति समेत कंप्यूटर में दर्ज कर देता है। फिर ई-चालान साफ्टवेयर में दर्ज कर चालान निर्गत किया जाता है।

दो हजार रुपये जुर्माना व डीएल निलंबन

एआरटीओ ने बताया कि बेलगाम गति से वाहन चलाने पर एमवी एक्ट के अंतर्गत दो हजार रुपये जुर्माने का प्रविधान है। इसके अतिरिक्त वाहन चालक का ड्राइविंग लाइसेंस भी तीन माह के लिए निलंबित किया जाता है।

पिछले एक माह में परिवहन विभाग बेलगाम गति पर एक हजार से अधिक वाहनों का चालान कर चुका है और इतने ही चालकों का ड्राइविंग लाइसेंस भी निलंबित किया गया है।

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अर्की के प्राथमिक विद्यालय जयालंग में मिड-डे मील में मिली मरी हुई छिपकली, एमडीएम वर्कर निलंबित

Solan News: अर्की शिक्षा खंड के अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय जयालंग में बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां मिड-डे मील में मरी हुई छिपकली निकली है। गनीमत यह रही कि बच्चों को जब खाना परोसा जा रहा था तो एक बच्चे की नजर अपनी थाली पर पड़ गई। उसकी थाली में मरी छिपकली थी। जैसे ही यह विषय विद्यालय प्रबंधन के सामने आया तो उन्होंने उस दौरान बनाया गया सभी खाना बाहर फैंक दिया व बच्चों के लिए अलग से दोबारा मिड-डे मील तैयार करवाया गया। मामला शुक्रवार का बताया जा रहा है।

उसके पश्चात शनिवार एवं रविवार को अवकाश होने की वजह से उक्त विषय को भुला दिया गया था। सोमवार को जब स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्यों को इस विषय की भनक लगी तो इतनी बड़ी लापरवाही का मामला तूल पकड़ गया व मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी सूचना प्रारंभिक शिक्षा विभाग को भी दे दी गई। जिसके चलते प्रारंभिक शिक्षा विभाग से एमडीएम नोडल अधिकारी राजकुमार पराशर ने भी मौके पर पहुंचकर मामले की जांच की है। वहीं अब यह रिपोर्ट तैयार कर जिला उपनिदेशक प्रारंभिक को सौंपी जाएगी।

जानकारी के अनुसार शुक्रवार को दोपहर का खाना खाने बैठे प्राथमिक स्कूल के बच्चों को जैसे ही खाना परोसना शुरू किया तो पंक्ति के तीसरे नंबर पर बैठे बच्चे की थाली में दाल के साथ मरी हुई छिपकली भी आ गई। जैसे ही मौजूद एसएमसी सदस्य की इस पर नजर पड़ गई। जिसके बाद स्कूल में हंगामा शुरू हो गया। एमडीएम जिला नोडल अधिकारी राजकुमार पराशर ने बताया कि स्कूल का दौरा किया गया है। प्रारंभिक चरण में एमडीएम वर्कर की लापरवाही सामने आई है। जिसकी रिपोर्ट तैयार कर ली है, वहीं एमडीएम वर्कर को एक माह का निष्कासन का नोटिस जारी कर दिया है।

रिपोर्ट जिला उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा को सौंपी जाएगी। वहीं शिक्षा उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा डॉ. शिव कुमार शर्मा ने बताया कहा कि अर्की शिक्षा खंड के अंतर्गत आने वाले प्राथमिक विद्यालय जयालंग में मिड-डे मील में मरी हुई छिपकली मिलने की शिकायत आई है। इतनी बड़ी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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सीएम सुक्खू ने किया नालागढ़ का एक दिवसीय दौरा, 31 करोड़ की विकास परियोजनों के किए उद्घाटन

CM Sukhu: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने नालागढ़ का एक दिवसीय दौरा किया और इस दौरान विभिन्न विकास योजनाओं का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर 31 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाओं का उद्घाटन कर प्रदेशवासियों को समर्पित किया। इन योजनाओं में सड़क निर्माण, जल आपूर्ति और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाएं शामिल हैं, जो क्षेत्र के विकास में अहम भूमिका निभाएंगी।

जनसभा का किया संबोधन

नालागढ़ में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने विशेष रूप से भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर पर गंभीर आरोप लगाए। सीएम ठाकुर ने कहा कि जयराम ठाकुर के कार्यकाल में प्रदेश में विकास कार्यों को पूरी तरह से नजरअंदाज किया गया था और कई योजनाओं को जानबूझकर लटका दिया गया। मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के दौरान भ्रष्टाचार और अव्यवस्था का बोलबाला था, जबकि उनकी सरकार ने पिछले कुछ महीनों में प्रदेश में पारदर्शिता और विकास की गति को तेज किया है।

नालागढ़ के लोगों से की अपील

सुखविंदर सिंह सुक्खू ने नालागढ़ के लोगों से अपील की कि वे राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ उठाएं और प्रदेश के समग्र विकास में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य सभी वर्गों की बेहतरी और सामाजिक समानता सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री ने क्षेत्रीय समस्याओं को हल करने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया और कहा कि नालागढ़ में विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।

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सोलन में कोयले की गैस लगने से उत्तर प्रदेश के तीन मजदूरों की हुई मौत, पुलिस कर रही मामले की जांच

Himachal news: हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में कोयले की गैस से तीन मजदूरों की मौत हो गई है। जानकारी के अनुसार जिले के थाना धर्मपुर के तहत डगशाई के साथ लगती अन्हेच पंचायत के रिहूं गांव में कोयले की गैस से तीन प्रवासी मजदूरों की मौत हो गई।

मकान मालिक ने बार-बार दरवाजा खटखटाया

जानकारी के मुताबिक बता दें कि मृतकों की पहचान रामपुर उत्तर प्रदेश निवासी सुरेश कुमार, अरबाज और सूरज के रूप में हुई है। तीनों की उम्र 20 से 28 साल के बीच थी। बताया जा रहा है कि बीती रात तीनों अपने कमरे में सोए थे। सुबह जब वे नहीं जागे तो मकान मालिक ने बार-बार दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई आवाज नहीं आई। इसके बाद उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों और पुलिस को सूचित किया।

आगामी जांच जारी

वहीं मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने कमरे की खिड़की की जाली तोड़कर अंदर से दरवाजे की कुंडी खोली। कमरे में तीनों व्यक्ति मृत पाए गए और कोयले की अंगीठी भी जली हुई थी। पुलिस के अनुसार प्रथम दृष्टया मामला कोयले की गैस से मौत का बताया जा रहा है। एसपी सोलन गौरव सिंह ने बताया कि पुलिस मौके पर है। शवों को कब्जे में ले लिया गया है। वहीं आगामी जांच जारी है।

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18 दिसंबर के बाद पुलिस मुख्यालय पहुंचेंगी एसपी बद्दी इल्मा अफरोज, सीएम के साथ कर सकती है मुलाकात

Solan News: पुलिस मुख्यालय ने विधायक राम कुमार की ओर से एसपी बद्दी इल्मा अफरोज पर लगाए जासूसी के आरोपों की जांच शुरू कर दी है। एसपी बद्दी 18 दिसंबर तक छुट्टी पर चल रही हैं। इसके बाद वह पुलिस मुख्यालय में उच्च अधिकारियों के समक्ष अपना पक्ष रखेगी।

दून से कांग्रेस विधायक राम कुमार ने एसपी पर उनकी जासूसी करने का आरोप लगाया है और कहा कि यह विधायक के विशेषाधिकार का हनन का मामला है। ऐसे में विधानसभा सचिवालय ने इसी पर गृह विभाग से जवाब मांगा है। सूत्र बताते हैं कि 18 दिसंबर को छुट्टी के लौटने के बाद अफरोज पुलिस मुख्यालय में उच्च अधिकारियों से भी मुलाकात करेंगी। धर्मशाला विधानसभा सत्र के बाद वह मुख्यमंत्री से भी मिलने के लिए समय मांगेगी।

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देश को 60 फीसदी चूल्हे उपलब्ध करवाने वाले 98 फीसदी उद्योगों ने परवाणु से किया पलायन, जानें वजह

Himachal News: हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र परवाणू से चूल्हा उद्योगों का अस्तित्व पूरी तरह से खत्म हो गया है। देश को 60 फीसदी चूल्हा उपलब्ध करवाने वाले क्षेत्र में अब केवल दो उद्योग रह गए हैं। कारण यह है कि 2015 के बाद से अब तक प्रदेश को औद्योगिक पैकेज नहीं मिल पाया है। कोरोना के बाद हालात और खराब हो गए। ऐसे में परवाणू में लगे 98 फीसदी चूल्हा उद्योग दूसरे राज्यों में पलायन कर चुके हैं।

आलम यह है कि इस ओर किसी ने भी ध्यान नहीं दिया है। ये चूल्हा उद्योग गुजरात, पंजाब समेत अन्य राज्यों में स्थापित हो गए हैं। प्रदेश में बिजली की महंगी दरों के कारण सबसे पहले चूल्हा उद्योगों ने यहां से पलायन करना शुरू किया। जबकि हिमाचल अन्य राज्यों को बिजली उपलब्ध करवाता है।

लेकिन यहां पर बिजली की बढ़ती दरों के कारण उद्योग मालिकों ने उद्योग शिफ्ट कर दिए। यही नहीं, गुड्स एवं सर्विस टैक्स (जीएसटी) आने के बाद सभी दरें एक सामान हो गईं। इससे पहले उद्योगों को प्रदेश में टैक्स में काफी रियायत मिलती थी। इसी के साथ लंबे समय से केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार की ओर से परवाणू के लिए कोई योजना न तैयार करवाने के कारण चूल्हा उद्योगों के मालिकों ने पलायन करना ठीक समझा।

गौर रहे कि वर्ष 2002-03 में परवाणू को बड़ा औद्योगिक पैकेज मिला था। औद्योगिक पैकेज मिलने के बाद सबसे पहले यहां पर दूसरे राज्यों से चूल्हा उद्योग आए। क्षेत्र के कामली समेत अन्य जगहों पर चूल्हा उद्योग लगे। पांच वर्षों में परवाणू में करीब 87 छोटे-बड़े चूल्हा उद्योग स्थापित हो गए। लेकिन वर्तमान में केवल दो चूल्हा उद्योग रह गए हैं।

कच्चा माल मंगवाने में आती थी अधिक लागत

परवाणू में चूल्हा उद्योगों में उपयोग होने वाला कच्चा माल अन्य राज्यों से आता था। ऐसे में ट्रांसपोर्ट में काफी खर्च आता था। इसी के साथ जब माल तैयार होता था तो भी बेचने के लिए उद्योग मालिकों को अधिक लागत आ रही थी। इस कारण भी चूल्हा उद्योग दूसरी जगह शिफ्ट हो गए। ये उद्योग अधिकतर उन जगहों में शिफ्ट जहां पर कच्चा माल भी कम लागत में उपलब्ध हो रहा है।

एक नहीं, कई कारण रहे पलायन के

परवाणू में बड़ी संख्या में चूल्हा उद्योग थे। लेकिन अब नाममात्र ही रह गए हैं। कारण यह है कि परवाणू में ट्रांसपोर्टेशन की काफी दिक्कतें आती थीं। सामान को लाने और ले-जाने के लिए भी अधिक कीमत अदा करनी पड़ती थी। दूसरी ओर जीएसटी की वजह से भी उद्योगों ने पलायन किया। इसी के साथ परवाणू को मिले पैकेज में भी कोई बढ़ोतरी नहीं की गई। केंद्र सरकार की उज्ज्वला योजना के दौरान एक दम मांग बढ़ी। इसके बाद जब कोटा पूरा हो गया तो उद्योगों की तरफ मुड़कर नहीं देखा गया।-राकेश भाटिया, अध्यक्ष, लघु उद्योग संघ परवाणू। इस बारे में प्रधान सचिव उद्योग आरडी नजीम ने बताया कि अभी इसकी जानकारी नहीं है। इस बारे में जानकारी ली जाएगी।

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एसपी बद्दी इल्मा अफरोज पर लगाए जासूसी के आरोपों की जांच गृह विभाग ने पुलिस मुख्यालय को सौंपी

Solan News: विधायक राम कुमार की ओर से एसपी बद्दी इल्मा अफरोज पर लगाए जासूसी के आरोपों की जांच गृह विभाग ने पुलिस मुख्यालय को सौंपी है। विशेषाधिकार हनन नोटिस पर विधानसभा सचिवालय को जवाब देने से पहले गृह विभाग ने डीजीपी से जांच रिपोर्ट मांगी है।

दून से कांग्रेस विधायक राम कुमार ने एसपी इल्मा अफरोज पर उनकी जासूसी करने का आरोप लगाया है और कहा कि यह एक विधायक के विशेषाधिकार का हनन का मामला है। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से कार्रवाई की मांग की है। विधानसभा सचिवालय ने इसी पर गृह विभाग से जवाब मांगा है।

अब गृह विभाग ने इस संबंध में पुलिस महानिदेशक से जांच रिपोर्ट भेजने को कहा है, जिससे समय रहते विधानसभा सचिवालय को इसी को आधार बनाकर जवाब दिया जा सके। अब पुलिस मुख्यालय इस प्रकरण की छानबीन कर रहा है। विधायक के आरोपों पर इल्मा से भी उनका पक्ष जान रहा है।

डीजीपी की ओर से पड़ताल के बाद रिपोर्ट गृह विभाग को भेजी जाएगी। अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह ओंकार शर्मा ने बताया कि विशेषाधिकार हनन नोटिस का जवाब देने के लिए डीजीपी को मामले की छानबीन करने को कहा है। रिपोर्ट के मिलने के बाद इस संबंध में विधानसभा सचिवालय को उत्तर दे दिया जाएगा।

अफरोज अवकाश पर, तीन बार बढ़ा चुकी हैं छुट्टी

कुछ महीनों से दून के विधायक और हाल ही में मुख्य संसदीय सचिव के पद से हटे राम कुमार व पुलिस अधीक्षक इल्मा अफरोज के बीच टकराव की स्थिति बनी है। इसी टकराहट के बीच एसपी अफरोज अवकाश पर चल रही हैं। वह तीन बार अवकाश की अवधि बढ़ा चुकी हैं।

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