हिमाचल के दवा उद्योगों में निर्मित 29 प्रकार की दवाओं के सैंपल हुए फेल, CDSCO के ड्रग अलर्ट में हुआ खुलासा
Himachal News: केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन और राज्य औषधि नियामकों की जांच में हिमाचल के दवा उद्योगों में निर्मित 29 प्रकार की दवाएं गुणवत्ता मानकों पर फेल हो गई हैं। इसका खुलासा सीडीएससीओ की ओर से नवंबर माह के लिए जारी ड्रग अलर्ट में हुआ है।
सीडीएससीओ की ओर से देर शाम जारी ड्रग अलर्ट में हिमाचल में निर्मित जिन 29 दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं, वे बद्दी, बरोटीवाला, काला अंब व अन्य क्षेत्रों में स्थापित उद्योगों में निर्मित हैं। राज्य औषधि नियंत्रक ने सभी संबंधित उद्योगों को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार सीडीएससीओ ने नवंबर माह के लिए ड्रग अलर्ट जारी किया है, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों में स्थापित दवा उद्योगों में निर्मित 111 दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं। इस सूची में हिमाचल के उद्योगों में फेल हुए दवाओं के सैंपलों की संख्या 27 है। जिन दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं, उनमें अधिकतर हृदय रोग, हाई बीपी, दर्द, एंटीबायोटिक्स और एलर्जी समेत अन्य बीमारियों के उपचार में इस्तेमाल होने वाली दवाएं हैं। लैब टेस्ट में 41 दवाएं घटिया पाई गई हैं, जिनमें 16 हिमाचल में निर्मित दवाएं हैं।
जबकि प्रदेश की लैब टेस्ट में 70 दवाओं के सैंपल गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। इस सूची में हिमाचल प्रदेश में निर्मित दवाओं की संख्या 13 है। इस अलर्ट में फार्मा हब बीबीएन के दवा उद्योगों में निर्मित दवाओं की संख्या ज्यादा है। बद्दी के एक उद्योग में निर्मित दवाओं के तीन सैंपल फेल हुए हैं। इससे पहले इसी साल इसी कंपनी की चार दवाओं के सैंपल फेल हुए थे। राज्य औषधि नियंत्रक मनीष कपूर ने बताया कि ड्रग अलर्ट में जिन उद्योगों की दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं, उन सभी को नोटिस जारी कर संबंधित दवा उत्पाद बाजार से हटाने के निर्देश दिए गए हैं।
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