https://dailygeekshow.com/phenomene-lunaire-rarissime-un-evenement-observe-tous-les-5-000-ans-pourrait-secouer-notre-ciel/
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🧵Tiefstand im Süden 🌕
In der Nacht von heute auf morgen (12. Juni 2025) erreicht der Mond um ca. 01:45 Uhr MESZ über Freising seinen Kulminationspunkt – mit nur 12,4° Höhe.
Noch tiefer als am 11. Juni (13,1°) – aber:
👉 Der tiefste Vollmond war der gestrige – im gesamten 18,6‑Jahres‑Zyklus!
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🌌📉🌔
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स्ट्रॉबेरी मून 2025: 11 जून को दिखेगा दुर्लभ चंद्रमा, 18 साल बाद फिर मौका
India News: भारत के खगोल प्रेमियों के लिए 11 जून 2025 की रात खास होगी। इस रात स्ट्रॉबेरी मून 2025 आकाश में चमकेगा। यह नजारा माइक्रो मून और मेजर लूनर स्टैंडस्टिल के कारण अनूठा होगा। चंद्रमा पृथ्वी से अधिक दूरी पर होने के कारण छोटा और धुंधला दिखेगा। यह घटना हर 18.6 साल में होती है। अगली बार ऐसा 2043 में दिखेगा।
स्ट्रॉबेरी मून का नाम और महत्व
स्ट्रॉबेरी मून 2025 का नाम अमेरिकी आदिवासी परंपराओं से आया है। जून में स्ट्रॉबेरी की फसल शुरू होती है, इसलिए इसे यह नाम मिला। यह चंद्रमा लाल या गुलाबी नहीं होता, लेकिन वायुमंडल के कारण इसमें सुनहरी चमक दिखती है। मेजर लूनर स्टैंडस्टिल के कारण चंद्रमा आकाश में बेहद नीचे नजर आएगा। यह खगोलीय घटना इसे और खास बनाती है।
भारत में कहां और कब देखें
भारत में स्ट्रॉबेरी मून 2025 को 11 जून की रात सूर्यास्त के बाद दक्षिण-पूर्व दिशा में देखा जा सकता है। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु में यह रात 7 बजे के बाद दिखेगा। नासा के अनुसार, चंद्रमा 11 जून को सुबह 3:44 बजे EDT (भारत में दोपहर 1:14 बजे IST) पूर्ण रूप से चमकेगा। इसे देखने के लिए शहर से दूर, कम रोशनी वाला स्थान चुनें।
माइक्रो मून और लूनर स्टैंडस्टिल
यह स्ट्रॉबेरी मून 2025 माइक्रो मून भी है, क्योंकि चंद्रमा पृथ्वी से सबसे दूर (एपोजी) होगा। मेजर लूनर स्टैंडस्टिल के कारण चंद्रमा की कक्षा अपने चरम झुकाव पर होगी। इससे चंद्रमा आकाश में नीचे दिखेगा, जो उत्तरी गोलार्ध में दुर्लभ है। यह नजारा खगोल प्रेमियों के लिए अविस्मरणीय होगा। बाइनोकुलर से चंद्रमा की सतह को और बेहतर देख सकते हैं।
क्यों है यह मौका खास
यह चंद्रमा न केवल खूबसूरत है, बल्कि वैज्ञानिक और सांस्कृतिक रूप से भी महत्वपूर्ण है। मेजर लूनर स्टैंडस्टिल 18.6 साल में एक बार आता है। यह चंद्रमा स्कॉर्पियस तारे एंटारीस के पास दिखेगा, जो इसे और आकर्षक बनाएगा। खगोल प्रेमी इस मौके को कैमरे में कैद कर सकते हैं। 11 जून की रात आसमान की ओर नजर उठाएं और इस दुर्लभ नजारे का आनंद लें।