बन्जारे लगते हैं मौसम
मौसम बेघर होने लगे हैं

जंगल, पेड़, पहाड़, समंदर
इन्सां सब कुछ काट रहा है
छील छील के खाल ज़मीं की
टुकड़ा टुकड़ा बांट रहा है

आसमान से उतरे मौसम
सारे बंजर होने लगे हैं #Gulzarsaab #KadviHawa