चांद-सूर्य के बाद साल के पहले ही दिन इसरो ने XPoSat के जरिए अपने इरादे किए साफ, 2024 के लिए भारत का अंतरिक्ष मिशन काफी दिलचस्प रहने वाला है
चांद-सूर्य के बाद साल के पहले ही दिन इसरो ने XPoSat के जरिए अपने इरादे किए साफ, 2024 के लिए भारत का अंतरिक्ष मिशन काफी दिलचस्प रहने वाला है
इसरो की बढ़ती क्षमताओं के परिणामस्वरूप अधिक अंतर्राष्ट्रीय साझेदारियाँ भी हुईं। इस साल जून में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की संयुक्त राज्य अमेरिका यात्रा के दौरान, भारत ग्रहों की खोज के लिए अमेरिका के नेतृत्व वाले आर्टेमिस समझौते में शामिल हुआ।