गुजरात हादसा: वडोदरा में पुल ढहने से पढ़ियार परिवार पर टूटी दुखों की लहर, गुरु पूर्णिमा के लिए जा रहे थे अमरेली
Gujarat News: गुजरात के वडोदरा में गंभीरा पुल ढहने से हुए हादसे ने 15 लोगों की जान ले ली। मुजपुर गांव की सोनम पढ़ियार ने इस गुजरात हादसे में अपने पति, बेटी और बेटे को खो दिया। सोनम ने बताया कि वह गुरु पूर्णिमा के लिए अमरेली जा रही थीं, जब पुल अचानक टूट गया। इस त्रासदी ने परिवारों को तोड़ दिया और प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठाए।
सोनम की दर्दनाक कहानी
सोनम पढ़ियार अपनी ईको वैन में परिवार के साथ बगदाना जा रही थीं। सुबह 7:30 बजे गंभीरा पुल पर अचानक दरार पड़ी और वह ढह गया। सोनम ने बताया, “मैं पीछे बैठी थी। एक ट्रक हमारी कार पर गिरा। मैंने खिड़की तोड़कर बाहर निकली, लेकिन मेरे पति, चार साल की बेटी वैदिका और दो साल के बेटे नैतिक को नहीं बचा सकी।” यह हादसा उनके लिए जीवन बदलने वाला था।
मदद में देरी, बढ़ा दर्द
सोनम ने मदद के लिए चीख-पुकार मचाई, लेकिन करीब एक घंटे तक कोई नहीं आया। वह पानी में डूबी गाड़ी के ऊपर खड़ी अपने परिवार को बचाने की गुहार लगाती रहीं। स्थानीय लोगों और मछुआरों ने बाद में बचाव शुरू किया। सोनम का कहना है, “मुझे नहीं पता अब मैं कैसे जिऊंगी।” इस हादसे ने उनके विश्वास को हिला दिया। गुजरात हादसा अब चर्चा का विषय बना हुआ है।
1986 का पुल, 2022 से खतरे में
1986 में यूपी स्टेट ब्रिज कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन द्वारा बनाया गया यह पुल लंबे समय से जर्जर था। 2022 से स्थानीय लोग भारी वाहनों पर रोक लगाने की मांग कर रहे थे। एक पुरानी ऑडियो में सड़क और भवन विभाग के अधिकारी ने भी इसकी कमजोरी स्वीकारी थी। फिर भी, रखरखाव के दावों के बावजूद, पुल की हालत पर ध्यान नहीं दिया गया।
जांच के आदेश, मुआवजा घोषित
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने हादसे की जांच के आदेश दिए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिवारों के लिए 2 लाख और घायलों के लिए 50,000 रुपये के मुआवजे की घोषणा की। स्थानीय लोगों का गुस्सा प्रशासन पर फूट रहा है, जो इस जर्जर ढांचे को ठीक करने में नाकाम रहा। एनडीआरएफ और स्थानीय टीमें अब भी बचाव कार्य में जुटी हैं।
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