नशा माफिया: कांगड़ा में पुलिस ने इनोवा से पकड़ी 2 किलो चरस, दो गिरफ्तार
Himachal News: हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में नशा माफिया के खिलाफ पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। नूरपुर के 32 मील पर नाकाबंदी के दौरान पुलिस ने एक इनोवा गाड़ी से 2 किलो 84 ग्राम चरस बरामद की। गाड़ी में सवार दो युवकों, विनय कुमार और किशोरी लाल, को मौके पर गिरफ्तार किया गया। इस कार्रवाई ने स्थानीय लोगों में राहत की सांस दी, लेकिन नशे का बढ़ता कारोबार चिंता का विषय बना हुआ है।
नाकाबंदी में मिली सफलता
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि नूरपुर में नशा तस्करी हो रही है। इसके आधार पर 32 मील पर विशेष नाकाबंदी की गई। एक इनोवा गाड़ी को रोककर तलाशी ली गई। गाड़ी से 2 किलो 84 ग्राम चरस बरामद हुई, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लाखों में है। पुलिस ने गाड़ी को जब्त कर लिया। इस कार्रवाई से नशा माफिया में हड़कंप मच गया है।
दो युवक गिरफ्तार
गाड़ी में सवार विनय कुमार (32) और किशोरी लाल (20) को मौके पर गिरफ्तार किया गया। विनय नूरपुर और किशोरी सियोली (बंजार) के रहने वाले हैं। दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि इनकी गिरफ्तारी नशे के कारोबार पर लगाम लगाने की दिशा में अहम कदम है। दोनों से पूछताछ में तस्करी के नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है।
पूछताछ में खुलासे की उम्मीद
पुलिस दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है। यह जानने की कोशिश हो रही है कि चरस कहां से लाई गई और इसे कहां सप्लाई किया जाना था। एसपी नूरपुर अशोक रतन ने बताया कि जांच में बड़े नशा तस्करी गिरोह की मौजूदगी की आशंका है। पुलिस इस नेटवर्क को पूरी तरह तोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। स्थानीय लोग इस कार्रवाई से उत्साहित हैं।
नशा माफिया पर नकेल
कांगड़ा में नशे का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। पुलिस ने इस साल कई बड़ी कार्रवाइयां की हैं। नूरपुर में यह ताजा सफलता नशा माफिया के खिलाफ कड़ी चेतावनी है। एसपी अशोक रतन ने कहा कि पुलिस नशा मुक्त समाज के लिए सख्ती से काम कर रही है। उन्होंने लोगों से नशे की गतिविधियों की सूचना देने की अपील की। इससे तस्करों पर और शिकंजा कसा जा सकेगा।
स्थानीय लोगों में राहत
इस कार्रवाई से नूरपुर के लोग राहत महसूस कर रहे हैं। नशे का कारोबार स्थानीय युवाओं को बर्बाद कर रहा है। कई परिवार अपने बच्चों को नशे की लत से बचाने की जद्दोजहद में हैं। पुलिस की इस सक्रियता ने लोगों में भरोसा जगाया है। लेकिन नशा माफिया की गहरी जड़ें चिंता का विषय हैं। लोग चाहते हैं कि ऐसी कार्रवाइयां नियमित हों।
पुलिस की सतर्कता
पुलिस ने नूरपुर में गश्त और नाकाबंदी बढ़ा दी है। 32 मील जैसी जगहों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। एसपी ने बताया कि गुप्त सूचनाओं के आधार पर और छापेमारी की जाएगी। नशा तस्करों की संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। यह कदम नशा माफिया को आर्थिक रूप से कमजोर करने के लिए उठाया गया है।
नशे का बढ़ता खतरा
कांगड़ा में चरस और अन्य नशीले पदार्थों की तस्करी बढ़ रही है। यह क्षेत्र पंजाब की सीमा से सटा होने के कारण तस्करों का गढ़ बन गया है। युवा नशे की चपेट में आ रहे हैं, जिससे परिवार परेशान हैं। पुलिस की कार्रवाइयां उम्मीद की किरण हैं, लेकिन नशा माफिया के खिलाफ लंबी लड़ाई बाकी है। लोग पुलिस के साथ सहयोग को तैयार हैं।
प्रशासन की अपील
एसपी अशोक रतन ने लोगों से अपील की कि वे नशे की गतिविधियों पर नजर रखें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। उन्होंने कहा कि नशा मुक्त समाज के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। पुलिस ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। इस कार्रवाई ने नशा तस्करों को सख्त संदेश दिया है कि कानून उन तक पहुंचेगा।



