जाति आधारित आरक्षण पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का विवादित बयान, पूछा, अंबेडकर फेल हो गए या आंबेडकरवादी

Shankaracharya Avimukteshwarananda on caste reservation: बाबा साहेब भीम राव अंबेडकर पर संसद में गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर राजनीतिक हंगामा अभी थमा नहीं है। कांग्रेस के बाद आज बसपा सुप्रीमो मायावती के आह्वान पर बसपा इस मुद्दे पर देशव्यापी आंदोलन कर रही है। इस बीच ज्योतिष पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने जाति आरक्षण पर बड़ा बयान दिया है।

उनका कहना है कि आरक्षण की व्यवस्था सिर्फ 10 साल के लिए की गई थी। बाबा साहेब कभी नहीं चाहते थे कि लोग जीवन भर आरक्षण की बैसाखी के सहारे चलें। लेकिन लागू होने के 78 साल बाद भी जिस वर्ग के लिए इसे लागू किया गया था वह मुख्यधारा में शामिल नहीं हो पाया है। इसका मतलब है कि या तो अंबेडकर फेल हो गए हैं या फिर अंबेडकरवादी फेल हो गए हैं।

उन्होंने कहा कि लोगों को इसमें नहीं पड़ना चाहिए बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य जैसी चीजों से जुड़ी अपनी समस्याओं को उठाना चाहिए। बताया जा रहा है कि शंकराचार्य ने मीडिया से बातचीत के दौरान एक सवाल के जवाब में उक्त बातें कहीं। उन्होंने कहा, ’78 साल बीत गए। बाबा साहब अंबेडकर के संविधान की बात की जाती है। मुझे बताएं कि 78 साल में अंबेडकर के पीछे चलने वालों ने कितनी तरक्की की है। 10 साल के लिए आरक्षण दिया गया, 78 साल बीत गए, वो आरक्षण जारी है और उनके लोग इसके लिए लड़ रहे हैं कि इसे खत्म नहीं किया जाना चाहिए। आरक्षण इसलिए नहीं दिया गया कि आप जीवन भर के लिए अपंग हो जाएं और आरक्षण की बैसाखी पर खड़े रहें।’

उन्होंने कहा- ‘अंबेडकर साहब ने आरक्षण इसलिए दिया ताकि आप इसका लाभ उठा सकें और समाज की मुख्यधारा में आ सकें। आप कहां तक आ पाए? हम अंबेडकर का नाम लेने वालों से पूछना चाहते हैं कि उन्होंने अंबेडकर की भावनाओं का कितना ख्याल रखा। अंबेडकर नहीं चाहते थे कि ये लोग जीवन भर, अगले दो सौ साल, हजार साल तक आरक्षण का आनंद लेते रहें। वह चाहते थे कि लोग आरक्षण की बैसाखी के सहारे चलें और मुख्यधारा में शामिल हों। 78 साल में आप लोग मुख्यधारा में शामिल नहीं हो पाए। इसका मतलब है कि या तो अंबेडकर फेल हो गए या फिर अंबेडकरवादी फेल हो गए।’

शंकराचार्य ने कहा कि ‘हमारा कहना यह है कि इसमें मत जाइए। आपकी जो भी समस्याएं हैं, आपको शिक्षा नहीं मिल रही है, इसलिए शिक्षा की मांग कीजिए। आपको स्वास्थ्य नहीं मिल रहा है, इसलिए स्वास्थ्य की मांग कीजिए। आपको मुख्यधारा में नहीं लाया जा रहा है, कहीं न कहीं आपका अपमान किया जा रहा है, इस बात को उठाइए कि भाई जब समाज एक है तो भेदभाव नहीं होना चाहिए। यह ठीक है, लेकिन किसी ने अंबेडकर का सम्मान किया और किसी ने उनका अपमान किया। अब आप इसमें ढोल पीटते रहिए और राजनेता जो करना चाहते हैं, कर रहे हैं।’

शंकराचार्य का एयरपोर्ट पर रवि त्रिवेदी, यतींद्र चतुर्वेदी, कीर्ति हजारी शुक्ला आदि ने स्वागत किया। वहां से वे कचहरी में अधिवक्ताओं के एक कार्यक्रम में पहुंचे। फिर वे सड़क मार्ग से राजघाट पहुंचे। राजघाट से वे जल मार्ग से केदारघाट गए। शंकराचार्य 25 दिसंबर तक काशी में रहेंगे। शंकराचार्य ने यह भी कहा कि अनंत जन्मों के पुण्य कर्मों का फल मिलने पर काशी निवास जीव के लिए सुगम हो जाता है। काशीवासियों को धर्म का कठोरता से पालन करना चाहिए।

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बाबा साहब भीम राव अंबेडकर के सम्मान में उतरी भीम आर्मी, डीसी कार्यालय के बाहर किया धरना प्रदर्शन

Shimla News: शिमला में उपायुक्त कार्यालय के बाहर भीम आर्मी, दलित मुक्ति मोर्चा और अन्य अनुसूचित जाति के संगठनों ने बाबा साहब भीम राव अम्बेडका के अपमान के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया। जिसमें शिमला और आस पास के सैकड़ों लोग शामिल हुए।

जानकारी के मुताबिक यह सभी लोग राज्यसभा में अमित शाह के विवादित बयान के कारण भड़के हुए हैं। लोगों ने उपायुक्त कार्यालय के बाहर अमित शाह मुर्दाबाद और भाजपा सरकार मुर्दाबाद के नारे लगाए तथा मांग की कि गृहमंत्री अमित शाह को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त किया जाए। इस धरने में कई संगठनों के लोग शामिल हुए।

इस मामले में भीम आर्मी के प्रदेशाध्यक्ष रवि कुमार दलित ने कहा कि हम दलित समाज के लोगों के लिए एकमात्र भगवान डॉक्टर भीम राव अंबेडकर है। अगर बाबा साहब नहीं होते तो आज भी दलितों को पानी पीने और छुआछूत जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ बोलने तक का अधिकार नहीं होता। जल को जीवन जाता जाता है, तो हमें जल पीने का अधिकार दिलाने वाले बाबा साहब ही हमारे भगवान हैं।

उन्होंने कहा कि देश की सभी महिलाओं को बाबा साहब भीम राव अंबेडकर ने संपत्ति जैसा अधिकार दिलाया था। जिसके लिए उन्होंने इस्तीफा तक द दिया था। अगर बाबा साहब उनको अधिकार नहीं दिलाते तो आज भी देश की महिलाएं आधारभूत अधिकारी से वंचित होती। उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने संविधान लिखते हुए भारत के किसी भी समुदाय या जाति के साथ कोई भेदभाव नहीं किया। लेकिन आज उनके साथ जो भेदभाव हो रहा है, हम उसकी कड़ी निंदा करते है।

रवि कुमार दलित ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बाबा साहब का बेहद सम्मान करते है। कई बार उनकी मूर्तियों के सामने झुकते हुए नजर आते है। लेकिन अमित शाह बयान पर उनकी चुप्पी एक बड़ा सवाल खड़ा करती है। जो दलित समाज के हित में नहीं है।

उन्होंने केंद्र से मांग करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तत्काल गृहमंत्री अमित शाह को उनके पद से बर्खास्त करे। ताकि देश में दोबारा कोई भी व्यक्ति बाबा साहब भीम राव अंबेडकर के खिलाफ इस तरह की अभद्र टिप्पणी ना कर सके।

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हम कांग्रेस का काला चिट्ठा जनता के सामने रखेंगे, रविशंकर प्रसाद बोले, अंबेडकर को हराने वाले को दिया था पद्मभूषण सम्मान

Delhi News: बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर के सम्मान के नाम पर पिछले कुछ दिनों से राजनीतिक संग्राम तेज है। होम मिनिस्टर अमित शाह के संसद में दिए भाषण के एक हिस्से को लेकर कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, बसपा और सपा समेत कई राजनीतिक दल आक्रामक हैं। इन लोगों का कहना है कि अमित शाह को माफी मांग लेनी चाहिए। आम आदमी पार्टी ने तो इसे दिल्ली के चुनावी अभियान का ही हिस्सा बना लिया है। उसके नेता और कार्यकर्ता दलित बस्तियों में जाकर भाजपा के खिलाफ प्रचार कर रहे हैं और उस पर आंबेडकर के अपमान का आरोप लगा रहे हैं। वहीं कांग्रेस का कहना है कि वह देश भर में कार्यक्रम करेगी। इस बीच भाजपा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है।

भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि हम कांग्रेस का काला चिट्ठा जनता के सामने रखेंगे। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि बाबासाहेब आंबेडकर का सबसे ज्यादा अपमान तो कांग्रेस ने ही किया था। जवाहर लाल नेहरू ने उन्हें चुनाव में हरवा दिया था और उनके खिलाफ प्रचार करने भी उतरे थे। उन्होंने कहा कि 1952 के चुनाव में मुंबई उत्तर मध्य सीट से आंबेडकर हार गए थे और उनके मुकाबले नारायण सदोबा काजरोलकर को जीत मिली थी। इस चुनाव में नेहरू ने खूब कैंपेन किया था और आंबेडकर के खिलाफ प्रचार करने भी गए थे। यही नहीं इन्हीं नारायण सदोबा काजरोलकर को कांग्रेस की सरकार ने 1970 में पद्म भूषण जैसा देश का तीसरा सबसे बड़ा सम्मान दिया था।

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस का नेतृत्व करने वाला पूरा नेहरू-गांधी परिवार अपने लिए भारत रत्न लेता रहा। लेकिन भीमराव आंबेडकर को सम्मान नहीं दिया गया। उलटा उन्हें चुनाव हराने वाले नारायण सदोबा काजरोलकर को पद्म भूषण दे दिया। भीमराव आंबेडकर का इससे बड़ा कोई अपमान नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि हमारे पास पूरे दस्तावेज हैं और हम देश भर में लोगों को बताएंगे कि कांग्रेस कैसे बाबासाहेब का अपमान करती रही है। रविशंकर प्रसाद ने अमित शाह का बचाव करते हुए कहा कि उनके भाषण के एक हिस्से को काटकर फैलाया जा रहा है। तथ्यों से अलग बात प्रचारित की जा रही है। हम कांग्रेस को इसका जवाब देंगे और पूरे देश में अभियान चलाकर उनकी आंबेडकर विरोधी सोच को उजागर करेंगे।

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भाजपा के एमएलसी सीटी रवि की गिरफ्तारी के बाद मचा हंगामा, पुलिस ने गुप्त लोकेशन पर किया शिफ्ट

Karnataka News: कर्नाटक में विधानसभा के शीतकालीन सत्र के आखिरी दिन एक बड़ी सियासी घटना घटी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के द्वारा आंबेडकर पर दिए गए बयान पर चर्चा के दौरान गुरुवार दोपहर परिषद में हंगामा हो गया। भाजपा के एमएलसी सीटी रवि के खिलाफ हिरेबागेवाड़ी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई गई है। उनपर कांग्रेस की महिला विधायक के खिलाफ असंवैधानिक शब्दों का इस्तेमाल करने का आरोप लगा है। पुलिस ने इस सिलसिले में सिटी रवि को गिरफ्तार कर लिया है। इस बीच खबर आ रही है कि उन्हें किसी गुप्त स्थान पर रखा गया है।

सीटी रवि की गिरफ्तारी के विरोध में चिकमंगलूर में बंद का आह्वान किया गया है। भाजपा कार्यकर्ता सीटी रवि के घर से विरोध प्रदर्शन करने निकल पड़े हैं। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प शुरू हो गई।

भाजपा कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि उन्हें प्रदर्शन करने की अनुमति दी जाए। हालांकि, उन्होंने पुलिस से अपील की है कि अगर हम शांति भंग करते हैं तो हमें गिरफ्तार कर लिया जाए और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए विरोध प्रदर्शन किया जाए।

सीटी रवि के घर के सामने पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी की और कांग्रेस सरकार के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर किया। उन्हें पुलिस चौकी पर विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति दी गई। प्रदर्शनकारी हनुमंथप्पा सर्किल तक पहुंच गए। उन्होंने राज्य की कांग्रेस सरकार, मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी कर अपना रोष व्यक्त किया।

वहीं, भाजपा नेता सीटी रवि ने कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस ने उन्हें गलत तरीके से गिरफ्तार किया और उनके खिलाफ झूठा मामला दर्ज कर हत्या की साजिश रची जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर उन्हें कुछ होता है, तो इसकी जिम्मेदारी कर्नाटक की कांग्रेस सरकार को लेनी होगी। सीटी रवि ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें शाम 8 बजे खानपुरा पुलिस स्टेशन लाया, लेकिन यह नहीं बताया कि उन्हें किस मामले में लाया गया है। उन्होंने कहा, “मुझे यह नहीं बताया गया कि मुझे क्यों लाया गया है और न ही मेरी शिकायत दर्ज की जा रही है। न ही शून्य एफआईआर दर्ज की जा रही है। अगर मुझसे कुछ होता है तो कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार ठहराया जाएगा।”

रवि ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस, डीके शिवकुमार, लक्ष्मी हेब्बालकर और उनकी टीम मिलकर उनकी हत्या की साजिश रच रहे हैं। उन्होंने कहा, “मैं तीन घंटे से पुलिस स्टेशन में हूं और मुझे नहीं बताया गया कि मुझे क्यों लाया गया। वे मुझे एक अपराधी की तरह ट्रीट कर रहे हैं और इससे मुझे शक हो रहा है। मैंने मंत्री के रूप में काम किया है और मैं जनता का प्रतिनिधि हूं, लेकिन वे मुझे आपातकाल के समय की तरह व्यवहार कर रहे हैं।”

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गृहमंत्री अमित शाह के बचाव में उतरे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अंबेडकर मामले में बैकफुट पर आई भाजपा?

Amit Shah News: राज्यसभा में संविधान पर चर्चा के दौरान गृहमंत्री अमित शाह का संविधान निर्माता भीमराव अंबेडकर को लेकर दिया गया बयान ने सियासी बखेड़ा कर दिया है। कांग्रेस संसद से सड़क तक गृहमंत्री अमित शाह पर बाबा भीमराव अंबेडकर का अपमान करने का आरोप लगा रही है।

बाबा साहेब अंबेडकर पर अमित शाह का बयान ऐसे समय आया है जब कांग्रेस पहले से ही संविधान को लेकर मोदी सरकार पर हमलावर है, ऐसे में अब अमित शाह के बयान को लेकर भाजपा पूरी तरह बैकफुट पर आ गई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अमित शाह के अंबेडकर को लेकर दिए बयान पर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा की है, जिसमें उन्होंने लिखा है कि अमित शाह ने संसद में आंबेडकर को अपमानित करने के काले अध्याय को एक्सपोज़ किया है। कांग्रेस के आंबेडकर के प्रति पापों की लंबी फ़ेहरिस्त है जिसमें उन्हें दो बार चुनावों में हराना भी शामिल है।

अमित शाह के किस बयान पर मचा बवाल?

मंगलवार को राज्यसभा में संविधान पर चर्चा के दौरान गृहमंत्री अमित शाह ने कांग्रेस के द्वारा लगातार भीमराव अंबेडकर का जिक्र करने पर तंज कसते हुए कहा कि अभी एक फैशन हो गया है- अंबेडकर, अंबेडकर, अंबेडकर, अंबेडकर, अंबेडकर, इतना नाम अगर भगवान का लेते तो सात जन्मों तक स्वर्ग मिल जाता।

हलांकि गृहमंत्री अमित शाह के यह बयान उनके भाषणा का छोटा हिस्सा था। राज्यसभा में संविधान पर चर्चा का जवाब देते हुए अमित शाह ने कहा कि आंबेडकर ने देश की पहली कैबिनेट से इस्तीफ़ा क्यों दे दिया? उन्होंने कई बार कहा कि वह अनुसूचित जातियों और जनजातियों के साथ होने वाले व्यवहार से असंतुष्ट हैं. उन्होंने सरकार की विदेश नीति से असहमति जताई थी अनुच्छेद 370 से भी सहमत नहीं थे. आंबेडकर को आश्वासन दिया गया था, जो पूरा नहीं हुआ, इसलिए कैबिनेट से इस्तीफ़ा दे दिया था।

संसद में विपक्ष का प्रदर्शन

गृहमंत्री अमित शाह के अंबेडकर पर दिए बयान पर आज संसद परिसर में कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों विरोध प्रदर्शन किया और शाह से माफी की मांग की। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी, द्रमुक नेता टी.आर. बालू और कई विपक्षी सांसद बाबा साहेब की तस्वीर लेकर प्रदर्शन में शामिल हुए। विपक्षी दलों के सांसद एकत्र हुए और शाह की टिप्पणी को लेकर विरोध जताते हुए नारेबाजी की। विपक्षी दलों ने ‘जय भीम’ और ‘बाबा साहेब का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान’ के नारे लगाए।

अंबेडकर पर दिए बयान पर घिर गए अमित शाह?

गृहमंत्री अमित शाह के अंबेडकर पर दिए बयान को कांग्रेस ने हाथों-हाथों ले लिया है। लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि जो लोग मनुस्मृति में विश्वास करते हैं, वे निश्चित रूप से आंबेडकर से असहमत होंगे। वहीं कांग्रेस अध्यक्ष व राज्य सभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि अमित शाह ने कल सदन में जब बाबासाहेब अंबेडकर जी का नाम लेकर बयान दिया, तब मैंने हाथ उठाकर बोलने की इजाजत मांगी थी। लेकिन मुझे बोलने का मौका नहीं दिया गया। उस समय हम सब सहयोग की भावना से चुपचाप बैठे रहे, क्योंकि हम संविधान पर चर्चा कर रहे थे। अमित शाह ने जिस तरह से बाबासाहेब का अपमान किया, उसे लेकर पूरे विपक्ष ने विरोध जताया है, इसलिए मैं उनके इस्तीफे की मांग करता हूं।

वहीं कांग्रेस ने कहा कि संसद में गृह मंत्री अमित शाह ने बाबासाहेब का अपमान किया। जो भाजपा और आरएसएस की कुंठित, घृणित और दलित विरोधी सोच को दिखाता है। अमित शाह और भाजपा को इस अपराध के लिए पूरे देश से माफी मांगनी होगी।

कांग्रेस ने पूरे मुद्दें पर अमित शाह को घेरते हुए कहा कि अमित शाह के बयान से जाहिर होता है कि भाजपा नेताओं के मन में बाबा साहेब अंबेडकर को लेकर बहुत नफरत है। नफरत ऐसी कि उनके नाम तक से इनको चिढ़ है। ये वही लोग हैं जिनके पूर्वज बाबा साहेब के पुतले फूंकते थे, जो ख़ुद बाबा साहेब के दिए संविधान को बदलने की बात करते थे. जब जनता ने इन्हें सबक सिखाया तो अब इन्हें बाबा साहेब का नाम लेने वालों से चिढ़ हो गई है.

गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की सफलता का बड़ा कारण उसको संविधान बदलने का मुद्दा जोर शोर से उठाने को माना गया था। लोकसभा चुनाव के दौरान संविधान का मुद्दा खूब चर्चा में रहा है। कांग्रेस की ओर से राहुल गांधी ने अपनी चुनावी रैलियों में संविधान की प्रति हाथों में लेकर उसके खतरे में बताते हुए दावा किया था कि भाजपा संविधान बदलने की तैयारी में है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी अपनी चुनावी रैलियों में यह दावा किया था कि अगर भाजपा को 400 से अधिक सीटें हासिल हुई और मोदी तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री बने तो वह संविधान बदल देंगे, लोकतंत्र खत्म कर देंगे।

अमित शाह के बचाव में उतरी सरकार

वहीं अंबेडकर पर दिए बयान पर सियासी बखेड़ा खड़ा होने के बाद अब भाजपा अमित शाह के बचाव में उतर आई है। केंद्रीय संसदीय मंत्री किरिण रिजिजू ने कहा कि कल गृह मंत्री अमित शा ने सदन में बहुत साफ शब्दों में बाबा साहेब अंबेडकर जी के प्रति हमारी श्रद्धा का भाव प्रकट किया था। उन्होंने यह भी बताया था कि कैसे कांग्रेस ने अंबेडकर का अपमान किया। कांग्रेस पार्टी ने उन्हें इतने सालों तक भारत रत्न से सम्मानित नहीं किया और साथ ही 1952 के चुनाव में षड्यंत्र करके उन्हें हरा दिया था।

वहीं कैबिनेट मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अमित शाह का बचाव करते हुए कहा कि कांग्रेस ने कभी डॉ. भीमराव अंबेडकर जी का सम्मान नहीं किया, उन्हें हमेशा नीचा दिखाने की कोशिश की। कल सदन में केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह अंबेडकर और दलित समाज के प्रति जब अपनी बात रखी तो कांग्रेस के पेट में दर्द होना शुरू गया, हो भी क्यों न, कांग्रेस की सच्चाई अब देश जान रहा है तो कांग्रेस भयभीत हो रही है, चिंतित है कि उनकी बची-कुची जमीन भी छिनने जा रही है।कांग्रेस जवाब दे, राहुल जी, सोनिया जी और खड़गे जी जवाब दें, उन्होंने कब बाबा साहब और उनकी भावनाओं का सम्मान किया?पंचतीर्थ का निर्माण किसने कराया, कांग्रेस जवाब दे?बाबा साहेब को नेहरू मंत्रिमंडल से इस्तीफा क्यों देना पड़ा था, कांग्रेस जवाब दे?आरक्षण के मामले में नेहरू जी से लेकर कांग्रेस की सरकारों ने उचित निर्णय क्यों नहीं लिए, कांग्रेस जवाब दे?

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गृह मंत्री अमित शाह की संविधान निर्माता पर टिप्पणी भारतीय जनता पार्टी की वही पुरानी मानसिकता; प्रकाश अंबेडकर

Prakash Ambedkar Slams Amit Shah: अमित शाह ने बाबासाहेब पर टिप्पणी की तो कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया। इसी बीच अमित शाह ने इस पूरे मामले में अपनी सफाई पेश की और कांग्रेस पर मामले को गलत तरीके से पेश करने का आरोप लगाया। इसी बीच आंबेडकर के पोते प्रकाश आंबेडकर ने बुधवार को आरोप लगाया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की संविधान निर्माता पर टिप्पणी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की “वही पुरानी मानसिकता” को दर्शाती है।

बाबासाहेब के पोते ने कहा- भाजपा की वही पुरानी मानसिकता

विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन के कई सांसदों ने संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया और मांग की कि शाह भीमराव आंबेडकर पर की गई टिप्पणी के लिए माफी मांगें। उन्होंने दावा किया कि यह टिप्पणी बी आर आंबेडकर का अपमान है। कांग्रेस ने यह भी मांग की कि शाह सार्वजनिक रूप से और संसद में माफी मांगें। वंचित बहुजन आघाडी के प्रमुख प्रकाश आंबेडकर ने पुणे में मीडिया से कहा, “भाजपा के अस्तित्व में आने से पहले, इसके पूर्ववर्ती जनसंघ और आरएसएस ने संविधान को अपनाए जाने के समय बाबासाहेब का विरोध किया था।” उन्होंने कहा कि शाह के बयान से भाजपा की वही पुरानी मानसिकता सामने आ गई है।

‘वे अपनी पुरानी योजनाओं को अमल में नहीं ला पा रहे’

प्रकाश आंबेडकर ने कहा, “बयान में कुछ भी नया नहीं है। वे अपनी पुरानी योजनाओं को अमल में नहीं ला पा रहे हैं। कांग्रेस के कारण नहीं, बल्कि बाबासाहेब आंबेडकर के कारण और वे इसी तरह नाराज रहेंगे।” इस बीच, प्रकाश आंबेडकर ने सोमनाथ सूर्यवंशी के परिजनों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग की। सूर्यवंशी की कथित तौर पर न्यायिक हिरासत में मौत हो गई थी। उन्हें संविधान की प्रतिकृति के अपमान को लेकर परभणी शहर में हुई हिंसा के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था।

कांग्रेस ने मेरे बयान को तोड़मरोड़ कर पेश किया: शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने राज्यसभा में बाबा साहेब आंबेडकर पर दिए गए उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया और कहा कि वह सपने में भी संविधान निर्माता का अपमान नहीं कर सकते हैं। शाह ने यहां भाजपा मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, ”कल से कांग्रेस ने जिस तरह से तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर रखने का प्रयास किया है, वह अत्यंत निंदनीय है। मैं इसकी निंदा करना चाहता हूं।” कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि शाह ने राज्यसभा में ‘भारत के संविधान की 75 वर्षों की गौरवशाली यात्रा’ विषय पर दो दिन तक चली चर्चा का जवाब देते हुए मंगलवार को अपने संबोधन के दौरान बाबासाहेब का अपमान किया।

मुख्य विपक्षी दल ने शाह के संबोधन का एक वीडियो अंश भी जारी किया जिसमें गृह मंत्री विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए यह कहते सुने जा सकते हैं कि ”अभी एक फैशन हो गया है- आंबेडकर, आंबेडकर…। इतना नाम अगर भगवान का लेते तो सात जन्मों तक स्वर्ग मिल जाता।” शाह ने कहा कि कांग्रेस ने ऐसा इसलिए किया क्योंकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वक्ताओं ने संविधान पर, संविधान की रचना के मूल्यों पर और जब-जब कांग्रेस या भाजपा का शासन रहा, तब शासन ने संविधान के मूल्यों का किस तरह से मूल्यांकन, संरक्षण और संवर्धन किया, इस पर तथ्यों और अनेक उदाहरण के साथ भाजपा के वक्ताओं ने विषय रखे। उन्होंने कहा, ”इससे तय हो गया कि कांग्रेस आंबेडकर की विरोधी पार्टी है। कांग्रेस आरक्षण विरोधी और संविधान विरोधी पार्टी है। कांग्रेस ने सावरकर का भी अपमान किया। कांग्रेस ने आपातकाल लगाकर संविधान के सारे मूल्यों की धज्जियां उड़ा दी। नारी सम्मान को भी वर्षों तक दरकिनार किया।”

अमित शाह ने कांग्रेस पर लगा दिया आरोप

शाह ने आरोप लगाया, ”कांग्रेस ने न्यायपालिका का हमेशा अपमान किया। सेना के शहीदों का अपमान किया और भारत की भूमि तक को संविधान तोड़कर दूसरे देशों को देने की हिमाकत कांग्रेस के शासन में हुई।” उन्होंने कहा, ”जब यह पूरा सत्य उजागर हो गया तो कल से कांग्रेस ने फिर एक बार अपनी पुरानी पद्धति को आजमाते हुए बातों को तोड़ मरोड़ कर और सत्य को असत्य के कपड़े पहना कर समाज में भ्रांति फैलाने का प्रयास किया है।” शाह ने कहा कि वह उस पार्टी से आते हैं जो सपने में भी बाबा साहेब का अपमान नहीं कर सकते।

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अमित शाह की अंबेडकर पर की टिप्पणी के खिलाफ विपक्ष ने किया विरोध प्रदर्शन, गृहमंत्री से मांगा इस्तीफा

Opposition demands Amit Shah resignation: गृह मंत्री अमित शाह द्वारा कल राज्यसभा में बाबा साहब अंबेडकर को लेकर जो बातें कहीं उसपर सियासत तेज हो गई है, कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दल इसपर भड़क गए हैं और अमित शाह पर बाबासाहब का अपमान करने का आरोप लगा रहे हैं।

विपक्षी पार्टियों ने आज इसे लेकर संसद परिसर में बाबा साहब की तस्वीर के साथ प्रदर्शन किया और गृह मंत्री से इस्तीफा मांगा। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने तो यहाँ तक कह दिया कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो पूरे हिंदुस्तान में आग लगेगी।

संसद में चल रही संविधान पर चर्चा के दौरान गृह मंत्री अमित शाह कल मंगलवार को राज्यसभा में डॉ भीमराव अंबेडकर की विरासत के बारे में बोल रहे थे, उन्होंने बताया कि क्यों देश की पहली कैबिनेट से बाबा साहब को इस्तीफा देना पड़ा था और तब नेहरु जी ने उनके इस्तीफे पर क्या कहा था? इसी दौरान अमित शाह ने कहा, आजकल अंबेडकर का नाम लेना एक फैशन हो गया है.. अंबेडकर… अंबेडकर… अंबेडकर… अंबेडकर… अंबेडकर… अंबेडकर… इतना नाम अगर भगवान का लेते तो सात जन्मों तक स्वर्ग मिल जाता..

अमित शाह ने बयान पर हंगामा, विपक्ष ने बताया बाबा साहब का अपमान

विपक्ष ने अमित शाह की बात को बाबा साहब का अपमान बताया, कांग्रेस ने अपने X एकाउंट पर लिखा- अमित शाह ने बेहद घृणित बात की है इस बात से जाहिर होता है कि BJP और RSS के नेताओं के मन में बाबा साहेब अंबेडकर जी को लेकर बहुत नफरत है, नफरत ऐसी कि उनके नाम तक से इनको चिढ़ है। ये वही लोग हैं जिनके पूर्वज बाबा साहेब के पुतले फूंकते थे, जो ख़ुद बाबा साहब के दिए संविधान को बदलने की बात करते थे, जब जनता ने इन्हें सबक सिखाया तो अब इन्हें बाबा साहब का नाम लेने वालों से चिढ़ हो गई है, शर्मनाक, अमित शाह को इसके लिए देश से माफी मांगनी चाहिए।

विपक्ष ने बाबा साहब की तस्वीर के साथ किया प्रदर्शन

कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने आग भी अमित शाह के बयान पर हंगामा किया, रोज प्रदर्शन की कड़ी में कांग्रेस ने नेतृत्व में आज विपक्ष ने इसी मुद्दे पर संसद परिसर में प्रदर्शन किया उनके हाथ में बाबा साहब की तस्वीर थी, मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा अमित शाह ने कल सदन में जब बाबासाहेब अंबेडकर का नाम लेकर बयान दिया, तब मैंने हाथ उठाकर बोलने की इजाजत मांगी थी। लेकिन मुझे बोलने का मौका नहीं दिया गया। उस समय हम सब सहयोग की भावना से चुपचाप बैठे रहे, क्योंकि हम संविधान पर चर्चा कर रहे थे।अमित शाह ने जिस तरह से बाबा साहब का अपमान किया, उसे लेकर पूरे विपक्ष ने विरोध जताया है, इसलिए मैं उनके इस्तीफे की मांग करता हूं।

खड़गे बोले…तो सारे हिंदुस्तान में आग लगेगी …

खड़गे ने कहा अमित शाह और BJP वालों के दिमाग में जो मनुस्मृति और RSS की विचारधारा है, वो दर्शाती है कि वे बाबासाहेब के संविधान का आदर नहीं करते। इसलिए हम इसका विरोध करते हैं। हम उनका इस्तीफा मांगते हैं उन्हें देश से माफ़ी मांगनी चाहिए, यदि वे इस तरह की बातें करते रहेंगे तो सारे हिंदुस्तान में आग लगेगी, बाबासाहेब का अपमान देश और देशवासी सहन नहीं करेंगे।

अमित मालवीय ने अमित शाह के भाषण का पूरा हिस्सा शेयर किया

हालाँकि भाजपा नेता अमित मालवीय ने अमित शाह के उद्बोधन को अपने X अकाउंट पर कांग्रेस द्वारा पोस्ट किये गए हिस्से के साथ पोस्ट किया है उद्बोधन में अमित शाह बता रहे हैं कि बाबा साहब के इस्तीफे पर नेहरू ने कहा था कि उनके इस्तीफे से मंत्रिमंडल कमजोर नहीं होगा, अमित शाह ने कहा आज अंबेडकर को मानने वाले ज्यादा आ गए हैं इसलिए आप अंबेडकर.. अंबेडकर कर रहे हो… बहरहाल आज भी संसद की कार्यवाही हंगामाखेज ही है।

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आंबेडकर के अपमान मामले में TMC ने गृह मंत्री खिलाफ दिया विशेषाधिकार हनन नोटिस, जानें क्या बोले पीएम मोदी

Delhi News: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) की बाबा साहब आंबेडकर को लेकर मंगलवार को राज्‍यसभा में की गई टिप्‍पणी पर भारी विवाद के बीच तृणमूल कांग्रेस ने उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस (Privilege Notice) दिया है.

साथ ही उनके खिलाफ संविधान के निर्माता की विरासत और संसद की गरिमा को कमजोर करने का आरोप लगाया है. राज्यसभा में तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओ ब्रायन ने नियम 187 के तहत यह नोटिस दिया है. विशेषाधिकार हनन का नोटिस ऐसे वक्‍त में आया है जब विपक्ष गृह मंत्री पर अपने भाषण के दौरान राज्‍यसभा में दलित शख्सियत का अपमान करने का आरोप लगाया है.

‘इतनी बार भगवान का नाम लेते तो…’

संविधान के 75 साल पूरे होने के अवसर पर संविधान पर आयोजित चर्चा के दौरान अपने संबोधन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक दिन पहले कहा था कि बाबा साहेब आंबेडकर का नाम लेना विपक्षी नेताओं के लिए अब एक फैशन बन गया है. उन्होंने कहा, “आंबेडकर, आंबेडकर, आंबेडकर, आंबेडकर, आंबेडकर, आंबेडकर कहना एक फैशन बन गया है. अगर वे इतनी बार भगवान का नाम लेते तो उन्हें स्वर्ग में जगह मिल जाती.” उन्‍होंने कहा, “उनका नाम 100 बार और लीजिए लेकिन मैं कहना चाहता हूं कि उसके बारे में आपकी भावनाएं क्या हैं.” इसके साथ ही शाह ने कहा कि जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व वाली सरकार से असहमति के चलते आंबेडकर को पहले मंत्रिमंडल से इस्तीफा देना पड़ा था.

केंद्रीय गृह मंत्री की इस टिप्‍पणी से बड़ा विवाद खड़ा हो गया. कांग्रेस के साथ अन्‍य विपक्षी दलों के नेताओं ने शाह पर दलित शख्सियत का अपमान करने का आरोप लगाया. आज संसद की बैठक शुरू होने पर विपक्षी दलों के सांसदों ने बीआर आंबेडकर की तस्वीरों के साथ विरोध-प्रदर्शन किया. वहीं भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर एक शॉर्ट वीडियो क्लिप सर्कलेट करने का आरोप लगाया, जिसमें शाह की टिप्पणी नहीं दिखाई गई कि कैसे कांग्रेस ने बीआर आंबेडकर को दरकिनार कर दिया. इस मुद्दे को लेकर विपक्षी दलों के नेताओं ने सत्तारूढ़ दल पर हमला तेज कर दिया और गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग की.

विपक्ष की सरकार को घेरने की कोशिश और शाह के इस्‍तीफे और माफी की मांग के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्‍व में भाजपा नेताओं ने जवाबी हमले शुरू कर दिए.

पीएम मोदी का जवाबी हमला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ”कांग्रेस और उसका सड़ चुका इकोसिस्टम सोचता है कि उनके दुर्भावनापूर्ण झूठ कई सालों के कुकर्मों, विशेषकर डॉ. आंबेडकर के प्रति अपमान को छुपाया जा सकता है, तो वे गलत सोच रहे हैं! देश के लोगों ने बार-बार देखा है कि कैसे एक वंश के नेतृत्व वाली पार्टी ने डॉ. आंबेडकर की विरासत को मिटाने और एससी/एसटी समुदायों को अपमानित करने के लिए हरसंभव गंदी चाल चली है.”

  • पीएम मोदी ने आंबेडकर को लेकर लिखा, ” उन्हें (अंबेडकर) एक बार नहीं, बल्कि दो बार चुनाव में हराया. पंडित नेहरू ने उनके खिलाफ प्रचार किया और उनकी हार को प्रतिष्ठा का मुद्दा बनाया. उन्हें भारत रत्न देने से इनकार किया. संसद के सेंट्रल हॉल में उनके गौरव को स्थान नहीं दिया.”
  • उन्होंने आगे कहा, ”कांग्रेस चाहे जितनी कोशिश कर ले. लेकिन, वह इस बात से इनकार नहीं कर सकती कि एससी/एसटी समुदायों के खिलाफ सबसे भयानक नरसंहार उनके शासन में हुए. वर्षों तक वह सत्ता में रहे, लेकिन, एससी-एसटी समुदायों को सशक्त बनाने के लिए कोई काम नहीं किया.”
  • पीएम मोदी ने गृह मंत्री का वीडियो शेयर करते हुए लिखा, ”संसद में गृह मंत्री अमित शाह ने डॉ. आंबेडकर का अपमान करने और एससी/एसटी समुदायों की अनदेखी करने के कांग्रेस के काले इतिहास को उजागर किया. उनके द्वारा प्रस्तुत तथ्यों से वे साफ तौर पर स्तब्ध हैं, यही कारण है कि अब नाटकबाजी में लिप्त हैं! दुख की बात है कि लोग सच्चाई जानते हैं.”

ममता ने की गृह मंत्री की आलोचना

इससे पहले, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने गृह मंत्री की आलोचना करते हुए कहा कि “मुखौटा गिर गया है.” उन्‍होंने कहा, “जैसा कि संसद संविधान के 75 गौरवशाली वर्षों पर विचार कर रही है, गृह मंत्री @AmitShah ने इस अवसर को डॉ. बाबा साहब आंबेडकर के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियों के साथ कलंकित करने के लिए चुना, वह भी लोकतंत्र के मंदिर में. यह भाजपा की जातिवादी और दलित विरोधी मानसिकता का प्रदर्शन है. यदि 240 सीटों पर सिमटने के बाद उनका व्यवहार इस तरह का है, तो कल्पना कीजिए कि उनका 400 सीटों का सपना पूरा होता तो कितना नुकसान होता. डॉ. आंबेडकर के योगदान को पूरी तरह से मिटाने के लिए इतिहास को फिर से लिखा गया.”

उन्‍होंने कहा, “गृह मंत्री अमित शाह की टिप्पणी मार्गदर्शन और प्रेरणा के लिए बाबा साहब की ओर देखने वाले लाखों लोगों का अपमान है, लेकिन आप उस पार्टी से और क्या उम्मीद कर सकते हैं जिसने नफरत और कट्टरता को अपने अंदर समाहित कर लिया है? डॉ बाबा साहब आंबेडकर संविधान के जनक हैं, यह अपमानजनक है टिप्पणी न केवल उन पर बल्कि संविधान की मसौदा समिति के सभी सदस्यों पर सीधा प्रहार है, जो सभी जातियों, पंथों, नस्लों और धर्मों के सदस्यों के साथ भारत की विविधता में एकता का प्रतीक है.”

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अभी एक फैशन हो गया है- आंबेडकर आंबेडकर, अमित शाह के बयान पर भड़का विपक्ष; देश से माफी मांगने की रखी मांग

Amit Shah on ambedkar : कांग्रेस महासचिव एवं संचार प्रभारी जयराम रमेश ने उच्च सदन में गृहमंत्री अमित शाह के भाषण का एक वीडियो अंश शेयर किया। इसमें शाह ने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि अभी एक फैशन हो गया है-आंबेडकर, आंबेडकर।

इतना नाम अगर भगवान का लेते तो सात जन्मों तक स्वर्ग मिल जाता। विपक्षी दल ने आरोप लगाया कि यह टिप्पणी दर्शाती है कि भाजपा और आरएसएस के नेताओं में बी आर आंबेडकर के प्रति काफी नफरत है। कांग्रेस ने मंगलवार को संविधान पर चर्चा के दौरान राज्यसभा में गृह मंत्री अमित शाह की आंबेडकर के बारे में टिप्पणी के लिए उनसे माफी की मांग की।

रमेश ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि अमित शाह ने बहुत ही घृणित बात कही है। इससे पता चलता है कि भाजपा और आरएसएस के नेताओं में बाबा साहब आंबेडकर के लिए बहुत नफरत है। उन्होंने कहा कि नफरत इतनी है कि उन्हें उनके नाम से भी चिढ़ होती है। ये वही लोग हैं जिनके पूर्वज बाबा साहब के पुतले जलाते थे, जो खुद बाबा साहब द्वारा दिए गए संविधान को बदलने की बात करते थे।

रमेश ने कहा कि जनता ने भाजपा को सबक सिखा दिया, इसलिए अब वे बाबा साहब का नाम लेने वालों से नाराज हैं। रमेश ने कहा कि शर्मनाक। अमित शाह को इसके लिए देश से माफी मांगनी चाहिए।

https://twitter.com/Jairam_Ramesh/status/1869052435001381201?t=u_dJ9hPX9YtIN4qn-JnWSw&s=19

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, अमित शाह अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगें। बाबा साहब भगवान से कम नहीं हैं। वह दलितों, आदिवासियों के मसीहा थे। उनकी इस टिप्पणी से साबित हुआ है कि बीजेपी तिरंगे के खिलाफ थी। उनके पुरखों ने अशोक चक्र का विरोध किया।

https://twitter.com/kharge/status/1869071222677328088?t=vvh6-t3FoJMWQlwNBHS0iw&s=19

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अमित शाह पर तंज कसते हुए कहा कि जो लोग मनुस्मृति में विश्वास करते हैं, वे निश्चित रूप से आंबेडकर से असहमत होंगे।

कांग्रेस महासचिव और संगठन प्रभारी के सी वेणुगोपाल ने भी शाह की टिप्पणी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह, यदि आप नहीं जानते तो बता दूं कि बाबासाहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर भगवान के समान हैं और उनके द्वारा तैयार किया गया संविधान दुनिया भर के करोड़ों लोगों के लिए पवित्र पुस्तक है। डॉ. आंबेडकर के बारे में इतनी उपेक्षा से बोलने की आपकी हिम्मत कैसे हुई?

https://twitter.com/WebduniaHindi/status/1869261386750316867?t=HffMH5XRjCcP3mYVw5zwtQ&s=19

वेणुगोपाल ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के प्रति भाजपा की घृणा हमेशा से जगजाहिर है और आज राज्यसभा में गृह मंत्री के निदंनीय बयानों से यह पुष्टि होती है कि वे डॉ. आंबेडकर से कितनी नफरत करते हैं।

https://twitter.com/BJP4India/status/1869085557328118068?t=fv7QHNnzFZkMKcqdz3uv8Q&s=19

हालांकि भाजपा ने भी इस मामले में वीडियो जारी कर कहा कि अमित शाह से सुनिए, आंबेडकर जी के प्रति कांग्रेस का विचार क्या रहा है… पार्टी का दावा है कि कांग्रेस ने क्रॉप्ड वीडियो जारी किया है। गृहमंत्री ने राज्यसभा में कांग्रेस को आइना दिखाया है।

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"अभी एक फैशन हो गया है- अंबेडकर, अंबेडकर, अंबेडकर, अंबेडकर, अंबेडकर.. इतना नाम अगर भगवान का लेते तो सात जन्मों तक स्वर्ग मिल जाता." अमित शाह ने बेहद घृणित बात की है. इस बात से जाहिर होता है कि BJP और RSS के नेताओं के मन में बाबा साहेब अंबेडकर जी को लेकर बहुत नफरत है. नफरत

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